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पर्सनल लोन (Personal loan) की जरूरत तो कभी ना कभी हर किसी को पड़ती ही है. शादी, मेडिकल इमरजेंसी, एजुकेशन या पुराने कर्ज को चुकाने जैसे मौकों पर यह काम आता है. लेकिन गिने चुने लोग जानते हैं कि लोन लेने से पहले और बाद में सही फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी है, वरना कर्ज के जाल में फंसना तय है.
अगर आप थोड़ी समझदारी से लोन का इस्तेमाल करें, तो न सिर्फ आपका खर्च कंट्रोल में रहेगा, बल्कि क्रेडिट स्कोर भी बेहतर होगा. इसलिए लोन लेने से पहले और बाद में कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. आइए जानते हैं इनके बारे में.
अगर आप लोन लेने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको इससे जुड़ी कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए.
सबसे पहले ये तय करें कि आपको वाकई लोन की जरूरत है या सिर्फ मनपसंद चीज खरीदने के लिए आप उधार ले रहे हैं. पर्सनल लोन सिर्फ उन्हीं जरूरतों के लिए लें जो आपकी भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग से मेल खाती हों, जैसे एजुकेशन, घर का रिनोवेशन या पुराना कर्ज चुकाने के लिए.
लोन लेने से पहले यह देखें कि आपकी हर महीने की कमाई में से कितना पैसा EMI देने के बाद बचता है. किराया, इंश्योरेंस और खर्च निकालने के बाद आपकी EMI इनकम का 40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
पहले ऑफर पर लोन लेना सही नहीं. अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस और प्री-पेमेंट चार्जेज की तुलना करें. सैलरीड और अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को कई बार पहले से अप्रूव लोन ऑफर मिलते हैं, जो सस्ते पड़ते हैं.
बैंक और NBFC लोन अप्रूव करने से पहले आपका क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करते हैं. अगर आपका स्कोर 750 से ऊपर है तो आपको अच्छी ब्याज दर और बेहतर शर्तों पर लोन मिल सकता है. अगर स्कोर कम है तो पहले उसे सुधारें, फिर लोन के लिए अप्लाई करें.
पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ, इनकम प्रूफ और बैंक स्टेटमेंट जैसे डॉक्यूमेंट सही और अपडेटेड रखें. गलत या अधूरी जानकारी की वजह से आपका लोन रिजेक्ट हो सकता है.
लोन लेने के बाद ये ना भूल जाएं कि लोन वापस चुकाना भी है. समय से ईएमआई चुकाने के लिए आपको कुछ बातों को ध्यान रखना होगा, वरना दिक्कत हो सकती है.
लोन मिलते ही EMI के हिसाब से अपना खर्च मैनेज करें. EMI देने के बाद फालतू खर्च या क्रेडिट कार्ड से बचें. जरूरत हो तो बोनस या एक्स्ट्रा इनकम से पार्ट-पेमेंट करें, ताकि ब्याज का बोझ घटे.
EMI समय पर कटे, इसके लिए ऑटो-डेबिट सेट करें या रिमाइंडर लगाएं. साथ ही क्रेडिट रिपोर्ट पर नजर रखें कि बैंक आपकी EMI सही तरीके से रिपोर्ट कर रहा है या नहीं.
अगर आप लोन लेने से पहले सही योजना बनाते हैं और समय पर चुकाते हैं, तो यह आपके फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने में मदद करता है. साथ ही इससे आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है. वहीं लापरवाही आपको कर्ज के जाल में भी फंसा सकती है. इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.