Personal Loan: इसे कहते हैं एक तीर से कई निशाने! इस एक डिसीजन से 100% घटेगी EMI, ये फायदे भी मिलेंगे

पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर सिर्फ एक बैंक से दूसरे बैंक में कर्ज को शिफ्ट करना नहीं है. ये एक स्ट्रैटेजिक फैसला है जो आपकी फाइनेंशियल सेहत को कई तरह से सुधार सकता है. ये आपको न केवल हर महीने पैसे बचाने में मदद करता है, बल्कि लोन की शर्तों पर बेहतर कंट्रोल, अतिरिक्त फंड्स तक पहुंच और कई कर्जों को मैनेज करने की सुविधा भी देता है. जानिए इसके तमाम फायदे.
Personal Loan: इसे कहते हैं एक तीर से कई निशाने! इस एक डिसीजन से 100% घटेगी EMI, ये फायदे भी मिलेंगे

जब भी पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर की बात आती है, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सिर्फ एक ही बात आती है - 'कम ब्याज दर और सस्ती EMI'. ये सच है कि बैलेंस ट्रांसफर का सबसे बड़ा फायदा यही है, लेकिन ये पूरी तस्वीर नहीं है. ये एक ऐसा स्मार्ट फाइनेंशियल टूल है जिसके फायदे सिर्फ EMI घटाने से कहीं ज्यादा हैं.

बहुत से लोग ऊंची ब्याज दरों पर पर्सनल लोन ले लेते हैं और फिर सालों तक उसे चुकाते रहते हैं, ये जाने बिना कि उनके पास एक बेहतर विकल्प मौजूद है. अगर आप भी अपने पर्सनल लोन की महंगी EMI से परेशान हैं, तो बैलेंस ट्रांसफर आपके लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है. इस एक डिसीजन से आपको एक साथ कई फायदे मिल सकते हैं.

1. कम ब्याज दर और छोटी EMI

सबसे पहले और सबसे बड़े फायदे की ही बात करते हैं. मान लीजिए आपने 2 साल पहले 5 लाख रुपए का पर्सनल लोन 5 साल के लिए 14% की ब्याज दर पर लिया था. अब आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा हो गया है और कोई दूसरा बैंक आपको वही लोन 11% की दर पर ट्रांसफर करने का ऑफर दे रहा है. ऐसे में इससे आपकी EMI अपने आप कम हो जाएगी.

पुरानी EMI (14% पर): लगभग 11,634 रुपए

नई EMI (11% पर): लगभग 10,871 रुपए.

यहां आप हर महीने सीधे-सीधे 763 रुपए बचा रहे हैं. लोन की बची हुई अवधि में ये एक बड़ी बचत बन जाती है. ये वो मुख्य कारण है जिसके लिए लोग लोन ट्रांसफर करते हैं.

2. लोन चुकाने की अवधि में बदलाव का मौका

कई बार लोन लेते समय हम EMI कम रखने के चक्कर में लंबी अवधि (Tenure) चुन लेते हैं. बाद में जब हमारी इनकम बढ़ती है, तो हमें लगता है कि लोन को जल्दी खत्म कर देना चाहिए. बैलेंस ट्रांसफर आपको ये मौका देता है. आप नए बैंक के साथ बातचीत करके लोन चुकाने की अवधि को कम करवा सकते हैं. इसके उलट, अगर आप पर मौजूदा EMI का बोझ ज्यादा है, तो आप अवधि को थोड़ा बढ़वाकर EMI को और कम कर सकते हैं. ये आपको अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति के हिसाब से फ्लेक्सिबिलिटी देता है.

3. टॉप-अप लोन की सुविधा

ये बैलेंस ट्रांसफर का एक छिपा हुआ खजाना है. मान लीजिए आपका 3 लाख का लोन बकाया है और आपको अचानक 2 लाख रुपए की और जरूरत पड़ गई. अब आप या तो एक नया महंगा पर्सनल लोन लेंगे या किसी से उधार मांगेंगे. लेकिन बैलेंस ट्रांसफर के समय, नया बैंक आपके अच्छे रिकॉर्ड को देखते हुए आपको मौजूदा लोन पर ही टॉप-अप लोन का ऑफर दे सकता है.

इसका मतलब, बैंक आपका पुराना 3 लाख का लोन चुका देगा और आपको 2 लाख रुपए अतिरिक्त देगा. अब आपका कुल लोन 5 लाख का हो जाएगा, जिस पर आपको एक ही EMI देनी होगी, वो भी शायद पुरानी ब्याज दर से कम पर. ये एक नई इमरजेंसी जरूरत को पूरा करने का सबसे आसान और सस्ता तरीका है.

4. बेहतर ग्राहक सेवा और फीचर्स

क्या आप अपने मौजूदा बैंक के कस्टमर केयर, पुराने पड़ चुके मोबाइल ऐप या मुश्किल ऑनलाइन प्रोसेस से परेशान हैं? कई बार लोग सिर्फ खराब सर्विस की वजह से अपना बैंक बदलना चाहते हैं. बैलेंस ट्रांसफर आपको एक ऐसे बैंक में जाने का मौका देता है, जो बेहतर डिजिटल सुविधाएं, पारदर्शी प्रक्रिया और अच्छी ग्राहक सेवा प्रदान करता हो.

5. कई कर्जों को एक बनाने की ताकत

अगर आपके ऊपर एक पर्सनल लोन, दो क्रेडिट कार्ड का बिल और एक छोटा कंज्यूमर लोन चल रहा है, तो हर महीने चार अलग-अलग EMI और बिल चुकाना सिरदर्द हो सकता है. बैलेंस ट्रांसफर के जरिए आप इन सभी कर्जों को एक जगह इकट्ठा कर सकते हैं. आप एक बड़ा पर्सनल लोन लेकर अपने सारे छोटे-मोटे और महंगे कर्ज (खासकर क्रेडिट कार्ड का 35-40% वाला कर्ज) चुका सकते हैं. इससे आपको सिर्फ एक EMI देनी होगी, जो मैनेज करने में आसान होगी और आपकी कुल ब्याज लागत भी काफी कम हो जाएगी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर आखिर है क्या?

उत्तर: ये एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप अपने मौजूदा महंगे पर्सनल लोन को किसी दूसरे बैंक में कम ब्याज दर और बेहतर शर्तों पर ट्रांसफर कर देते हैं. नया बैंक आपका पुराना लोन चुका देता है और आप अपनी EMI नए बैंक को देते हैं.

2. क्या लोन ट्रांसफर करने से मेरा सिबिल स्कोर खराब होगा?

उत्तर: जब आप अप्लाई करते हैं तो इंक्वायरी की वजह से स्कोर में मामूली और अस्थायी गिरावट आ सकती है. लेकिन लंबे समय में, जब आप कम ब्याज दर पर समय से EMI चुकाते हैं, तो ये आपके स्कोर को बेहतर बनाने में मदद करता है.

3. लोन ट्रांसफर के लिए कौन-से डॉक्युमेंट्स चाहिए?

उत्तर: आमतौर पर आपको KYC डॉक्युमेंट्स (पैन, आधार), सैलरी स्लिप्स, बैंक स्टेटमेंट, और मौजूदा लोन से जुड़े डॉक्युमेंट्स जैसे लोन एग्रीमेंट और फोरक्लोजर लेटर की जरूरत पड़ती है.

4. लोन ट्रांसफर करने का सही समय कब होता है?

उत्तर: लोन ट्रांसफर करने का सबसे अच्छा समय लोन की शुरुआती अवधि में होता है, क्योंकि उस समय आपकी EMI का ज्यादातर हिस्सा ब्याज में जा रहा होता है. अगर आपके लोन को खत्म होने में सिर्फ कुछ ही महीने बचे हैं, तो शायद ये फायदे का सौदा न हो.

5. क्या बैलेंस ट्रांसफर में कोई छिपा हुआ चार्ज भी होता है?

उत्तर: आपको दो मुख्य चार्जेज का ध्यान रखना होता है. पहला, आपका पुराना बैंक लोन को समय से पहले बंद करने के लिए फोरक्लोजर चार्ज ले सकता है. दूसरा, नया बैंक आपसे प्रोसेसिंग फीस वसूल सकता है. कोई भी फैसला लेने से पहले इन दोनों चार्जेज की कैलकुलेशन जरूर कर लें.

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