Personal Loan के नाम पर फैले हैं ये 6 सबसे बड़े Myths, आप भी करते हैं यकीन तो जान लें हकीकत! 

आजकल पर्सनल लोन पैसों की तुरंत जरूरत पूरी करने का आसान तरीका है.लेकिन इसके बारे में कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं.जैसे कि सिर्फ सैलरीड लोग ही लोन ले सकते हैं या कम क्रेडिट स्कोर पर लोन मिलना नामुमकिन है.यहां 6 बड़े मिथक और उनकी सच्चाई जानिए ताकि आप बिना डर के सही फैसले ले सकें.
Personal Loan के नाम पर फैले हैं ये 6 सबसे बड़े Myths, आप भी करते हैं यकीन तो जान लें हकीकत! 

आज के दौर में जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो पर्सनल लोन (Personal Loan) एक बड़ी राहत बनकर सामने आता है. चाहे शादी का खर्च हो, कोई मेडिकल इमरजेंसी हो, घर की मरम्मत करानी हो या बच्चों की पढ़ाई के लिए फंड चाहिए हो, पर्सनल लोन इन सभी जरूरतों के लिए एक आसान सॉल्यूशन बन गया है. लेकिन, Personal Loan को लेकर कुछ ऐसी गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिसके कारण लोग इसे लेने से हिचकिचाते हैं. यहां ऐसी 6 आम गलतफहमियों की हकीकत जानिए.

मिथक 1: केवल सैलरीड लोगों को ही पर्सनल लोन मिलता है

हकीकत: ये एक बहुत बड़ी गलतफहमी है. पर्सनल लोन सिर्फ सैलरी वाले लोगों के लिए नहीं होता. सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स, बिजनेस ओनर्स, स्टार्टअप्स चलाने वाले और यहां तक कि पेंशनर्स भी पर्सनल लोन ले सकते हैं. अगर आप सैलरीड नहीं भी हैं, तो भी लोन हासिल करने के लिए आपको अपनी स्टेबल इनकम दिखानी होती है. लेंडर पर्सनल लोन देने से पहले आपकी स्टेबल इनकम, क्रेडिट स्कोर और रोजगार के टाइप जैसे फैक्टर्स की जांच करते हैं.

मिथक 2: कम क्रेडिट स्कोर से लोन रिजेक्ट ही हो जाएगा

हकीकत: ये सही है कि हाई क्रेडिट स्कोर वालों को आसानी से और कम ब्याज पर लोन मिल जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि अगर आपका क्रेडिट स्कोर थोड़ा कम है, तो पर्सनल लोन नहीं मिलेगा. लेंडर पर्सनल लोन देते समय क्रेडिट स्कोर के अलावा आपकी उम्र, नौकरी की स्टेबिलिटी और पुरानी पेमेंट हिस्ट्री जैसे कई दूसरे फैक्टर्स को भी देखते हैं.

मिथक 3: पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बहुत ज्यादा होती हैं

हकीकत: लोगों में गलतफहमी है कि पर्सनल लोन पर बहुत ज्यादा ब्याज लगता है. ये पूरी तरह से सही नहीं है. आमतौर पर पर्सनल लोन की ब्याज दरें सालाना 10 से 15 फीसदी के बीच होती हैं. हां, अगर किसी का क्रेडिट स्कोर कम है या उसने पहले किसी लोन की EMI चुकाने में देर की है, तो उसके लिए ब्याज दर थोड़ी ज्यादा हो सकती है.

मिथक 4: पहले से लोन चल रहा है, तो दूसरा लोन नहीं मिलेगा

हकीकत: कई लोग ये मानते हैं कि अगर उनका पहले से कोई लोन चल रहा है, तो उन्हें दूसरा पर्सनल लोन नहीं मिलेगा. ये बात भी सही नहीं है. लेंडर ये जरूर चेक करते हैं कि आपकी कुल इनकम और पहले से चल रहे लोन की EMI के मुकाबले आप नया लोन चुकाने में सक्षम हैं या नहीं. अगर आपकी भुगतान क्षमता अच्छी है, तो दूसरा लोन मिल सकता है.

मिथक 5: पर्सनल लोन सिर्फ पर्सनल खर्चों के लिए होता है

हकीकत: कई लोग सोचते हैं कि पर्सनल लोन केवल निजी जरूरतों जैसे शादी, छुट्टी या खरीददारी के लिए होता है. हकीकत ये है कि पर्सनल लोन का इस्तेमाल आप कई तरह की जरूरतों के लिए कर सकते हैं, जैसे मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत, बच्चों की पढ़ाई या कोई छोटा बिजनेस शुरू करने के लिए भी.

मिथक 6: पर्सनल लोन लेना हमेशा एक गलत फैसला है

हकीकत: ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप लोन क्यों और कैसे ले रहे हैं. पर्सनल लोन एक वित्तीय 'टूल' है. अगर आप इसका गलत इस्तेमाल करेंगे, जैसे बिना जरूरत के फिजूलखर्ची के लिए लोन लेना, तो ये आपको नुकसान देगा. लेकिन, अगर आप इसका सही इस्तेमाल किसी जरूरी काम या निवेश के लिए करते हैं, तो ये बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.

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