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भारत में रहने वाले एनआरआई यानी नॉन-रेजिडेंट इंडियन को निवेश से जुड़े कई अधिकार मिले हुए हैं. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी में निवेश तो आम बात है, लेकिन कई एनआरआई ये जानना चाहते हैं कि क्या वो भारत में अपनी प्रॉपर्टी के बदले लोन यानी Loan Against Property (LAP) ले सकते हैं. अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो यहां आपको अपने काम की सारी जानकारी मिलेगी. जानिए लोन के नियम, जरूरी शर्तें, डॉक्युमेंट्स और फायदे.
Loan Against Property यानी LAP में बैंक आपकी रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन देता है. इस लोन का इस्तेमाल पर्सनल जरूरतों, बिजनेस, बच्चों की पढ़ाई या किसी बड़े खर्च के लिए किया जा सकता है.
SBI के नियमों के मुताबिक एनआरआई भारत में Loan Against Property ले सकते हैं. इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है.
लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अलग-अलग बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों के ऑफर, ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और शर्तों की तुलना जरूर करें. सभी डॉक्युमेंट्स पहले से तैयार रखें. एनआरआई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. आवेदन के बाद बैंक वेरिफिकेशन करता है. लोन अप्रूवल मिलने पर एग्रीमेंट साइन करना होता है और फिर राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.
Q1. क्या एनआरआई भारत में Loan Against Property ले सकते हैं?
हां, एनआरआई भारत में अपनी या परिवार की प्रॉपर्टी पर LAP ले सकते हैं.
Q2. LAP का इस्तेमाल किन जरूरतों के लिए किया जा सकता है?
पर्सनल खर्च, बिजनेस जरूरत और पढ़ाई जैसे कामों के लिए किया जा सकता है.
Q3. क्या सट्टेबाजी के लिए LAP का इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं, सट्टेबाजी के लिए लोन लेने की इजाजत नहीं होती.
Q4. एनआरआई के लिए LAP में कौन सा बैंक बेहतर है?
SBI समेत कई सरकारी और प्राइवेट बैंक एनआरआई को LAP की सुविधा देते हैं.
Q5. LAP की ब्याज दरें कैसी होती हैं?
आमतौर पर ये पर्सनल लोन की तुलना में कम होती हैं.