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अगर आपने किसी बैंक या वित्तीय संस्था से लोन लिया है और उसे समय पर चुका दिया है, तो आपको यह सोचने की जरूरत नहीं कि अब कोई कॉल आएगा या धमकी मिलेगी, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोन पूरी तरह चुकता करने के बाद भी रिकवरी एजेंट लगातार कॉल करते हैं, धमकाते हैं या गलत भाषा का इस्तेमाल करते है.असल में यह स्थिति न केवल परेशान करने वाली होती है, बल्कि मैंटली टेंशन भी देती है. ऐसे मामलों में कई लोग चुप रह जाते हैं, जबकि हकीकत यह है कि आपके पास कानूनी अधिकार हैं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं.
अगर आपने लोन पूरी तरह चुका दिया है, तो सबसे पहले बैंक से “नो ड्यूज सर्टिफिकेट” (No Dues Certificate - NDC) लें.यह एक आधिकारिक डाक्यूमेंट्स होता है, जो प्रूफ करता है कि आप पर अब कोई बची राशि नहीं है. बैंक यह सर्टिफिकेट तभी देता है जब आपने लोन की सारी ईएमआई या बकाया रकम पूरी तरह चुका दी हो. यह सर्टिफिकेट आपके लिए कानूनी सुरक्षा कवच का काम करता है.
अगर फिर भी रिकवरी एजेंट परेशान करे
अगर लोन क्लियर करने के बाद भी आपको रिकवरी एजेंट्स के कॉल या धमकियां मिल रही हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक के शिकायत निवारण विभाग (Grievance Redressal Mechanism) में लिखित शिकायत दर्ज करें. अपनी शिकायत में यह साफ रूप से बताएं कि लोन चुका दिया गया है और फिर भी एजेंट आपको परेशान कर रहे हैं. आप शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी एक कॉपी अपने पास जरूर रखें.असल में यह आगे के किसी कानूनी कदम के लिए सबूत का काम करेगा.
अगर बैंक आपकी शिकायत का समाधान 30 दिनों के अंदर नहीं करता, या आपको लगे कि बैंक आपकी बात नहीं सुन रहा, तो आप सीधे RBI या बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) से संपर्क कर सकते हैं.RBI की Integrated Ombudsman Scheme के जरिए आप ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं. यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है और ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा जल्दी करती है.
RBI के अनुसार, कोई भी रिकवरी एजेंट किसी ग्राहक को धमका नहीं सकता, गाली नहीं दे सकता या देर रात कॉल नहीं कर सकता.असल में एजेंट को केवल तय समय के बीच (सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक) बात करने की अनुमति है.
अगर कोई एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो यह RBI के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना जाता है और बैंक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.
आप [https://cms.rbi.org.in](https://cms.rbi.org.in) पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं. इसके अलावा, आप RBI Ombudsman को मेल या डाक के जरिए भी शिकायत भेज सकते हैं. शिकायत दर्ज करते समय सभी जरूरी दस्तावेज जैसे लोन एग्रीमेंट, नो-ड्यूज सर्टिफिकेट और एजेंट के कॉल रिकॉर्ड्स जरूर संलग्न करें.
अगर कोई एजेंट आपको धमकाता है या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है, तो उसे कॉल रिकॉर्ड करें और तुरंत बैंक या RBI को रिपोर्ट करें.आप चाहें तो पुलिस में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जी हां अगर लोन चुकाने के बाद किसी भी ग्राहक को परेशान करने का किसी के पास कोई अधिकार नहीं है. अगर बैंक या एजेंट ऐसा करते हैं, तो वह कानूनी अपराध है,तो इसलिए घबराएं नहीं, बल्कि सही कदम उठाएं और अपने अधिकारों की रक्षा करें.
Top 5 FAQs on Loan Recovery Agent Harassment
1. लोन चुका देने के बाद भी रिकवरी एजेंट कॉल करे तो क्या करें?
सबसे पहले बैंक को लिखित शिकायत दें और “नो-ड्यूज सर्टिफिकेट” की कॉपी साथ लगाएं.
2. क्या रिकवरी एजेंट धमकी दे सकता है या गलत भाषा इस्तेमाल कर सकता है?
नहीं, RBI के नियमों के तहत यह पूरी तरह गैरकानूनी है.
3. अगर बैंक शिकायत पर कार्रवाई न करे तो कहां जाएं?
आप RBI के बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) के पास ऑनलाइन या ऑफलाइन शिकायत कर सकते हैं।.
4. क्या RBI में शिकायत करने के लिए कोई फीस लगती है?
नहीं, RBI की Integrated Ombudsman Scheme के तहत शिकायत पूरी तरह मुफ्त है.
5. क्या रिकवरी एजेंट किसी भी समय कॉल कर सकता है?
नहीं, एजेंट केवल सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कॉल कर सकता है, रात में कॉल करना प्रतिबंधित है.
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