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क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू भरना फ्यूचर में परेशानी में डाल सकता है (फाइल फोटो)
आज के टाइम में क्रेडिट कार्ड हर किसी की लाइफ का एक बहुत ही जरूरी हिस्सा बन चुका है. अब ये केवल खर्च का जरिया नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है.जी हां ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी, ट्रैवल या अचानक आने वाले खर्च हर एक जगह अब लोग क्रेडिट कार्ड से ही मदद लेते हैं. लेकिन असली परेशानी तब शुरू होती है, जब महीने के आखिर में भारी-भरकम बिल सामने आता है.
यहीं पर क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को बैंक एक आसान रास्ता दिखाते हैं Minimum Amount Due. असल में पहली नजर में यह राहत जैसा लगता है, लेकिन यही मिस्टेक सी गलती आपको कर्ज के ऐसे जाल में फंसा सकती है, जहां से निकलना मुश्किल हो जाता है.
अक्सर क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को लगता है कि Minimum Due भरने का मतलब बिल समय पर चुका दिया गया है. लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है.
असल में Minimum Due आपके कुल बिल का सिर्फ छोटा हिस्सा होता है, जिसे भरने पर बैंक आपको “डिफॉल्टर” नहीं मानता है. आमतौर पर यह कुल बकाया का करीब 5% होता है
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उदाहरण से समझिए
अगर आपका बिल ₹1 लाख है और Minimum Due ₹5,000 है, तो आपने सिर्फ ₹5,000 चुकाए और फिर बाकी बचे हुए ₹95,000 अगले महीने Carry Forward हो जाएंगे. लेकिन फिर इसी बची हुई रकम पर ही भारी ब्याज लगना शुरू हो जाएगा.
कितना लगता है ब्याज?
| स्थिति | ब्याज दर |
| Minimum Due के बाद बची रक | 36%-42% सालाना तक |
| EMI Conversion | लगभग 12%-18% |
| Cash Withdrawal | पहले दिन से ब्याज |
यानी अगर आप लगातार मिनिमम ड्यू भरते रहे, तो आपका कर्ज तेजी से बढ़ सकता है
बहुत से लोग सोचते हैं कि Minimum Due भरने से उनका सिबिल स्कोर सुरक्षित रहता है. हालांकि लगातार ऐसा करना बैंक को गलत संकेत देता है.
इसका असर क्या होगा:
आज के समय में अच्छा सिबिल केवल लोन तक सीमित नहीं है
हाई सिबिल स्कोर के फायदे
आपको बता दें कि बैंक मिनिमम ड्यू को इसलिए भी ऑफर करते हैं ताकि ग्राहक कार्ड इस्तेमाल करना जारी रखें और बाकी रकम पर भारी ब्याज चुकाते रहें. यानी कि यह सुविधा जितनी आसान दिखती है, उतनी सस्ती नहीं होती

1. हमेशा Full Payment करें
कोशिश करें कि पूरा बिल समय पर ही चुकाएं
2. बिल ज्यादा हो तो EMI चुनें
EMI का ब्याज क्रेडिट कार्ड इंट्रस्ट से काफी कम होता है
3. Credit Utilization कम रखें
कोशिश करें कि क्रेडिट लिमिट को 30% से ज्यादा खर्च न करें
4. Auto Debit सेट करें
पेमेंट होने का खतरा कम होगा
5. Cash Withdrawal से बचें
क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना सबसे महंगा विकल्प माना जाता है
इतना समझ लें कि क्रेडिट कार्ड गलत नहीं है, लेकिन उसका गलत तरीके से यूज करना रिस्की हो सकता है.एक बात समझ लें कि Minimum Due का ऑप्शन केवल इमरजेंसी के लिए होना चाहिए, आदत के लिए नहीं है.तो अगर आप हर महीने पूरा बिल भरते हैं, तो कार्ड आपके लिए फायदेमंद रहेगा. लेकिन अगर सिर्फ Minimum Due भरने लगे, तो यही कार्ड धीरे-धीरे कर्ज का जाल बन सकता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या मिनिमम ड्यू भरने से लेट फीस नहीं लगती?
हां, लेट फीस तो बच जाएगी, पर बाकी बचे पैसों पर 40% तक भारी ब्याज का मीटर तुरंत चालू हो जाएगा
Q2 पूरा बिल भरने के पैसे न हों तो क्या करें?
पूरे बिल को 'EMI' में बदलवा लें. इसका ब्याज क्रेडिट कार्ड के भारी ब्याज से काफी कम होता है
Q3 क्या मिनिमम ड्यू के बाद नई शॉपिंग पर भी ब्याज लगता है?
हां,पुराना बकाया रहने तक नई शॉपिंग पर कोई 'फ्री समय' नहीं मिलता और पहले दिन से ही मोटा ब्याज लगता है
Q4 खराब हुआ सिबिल स्कोर कब तक ठीक होगा?
लगातार 3 से 6 महीने तक पूरा बिल समय पर भरें, आपका सिबिल स्कोर फिर से तेजी से सुधरने लगेगा
Q5 क्या मिनिमम ड्यू हमेशा बिल का 5% ही होता है?
अक्सर 5% ही होता है, लेकिन पुरानी EMI या पिछला बकाया होने पर बैंक इसे बढ़ाकर भी मांग सकता है