IT डिपार्टमेंट ने इस बैंक के 53.72 करोड़ रुपये के लेनदेन पर लगाई रोक, सीबीडीटी ने बताई कहां हुई थी गड़बड़ी

IT department freezes Rs 53-crore deposits of this bank: सीबीडीटी ने बताया कि डिपार्टमेंट ने बैंक के मुख्यालय और इसके अध्यक्ष और डायरेक्टर के आवास पर 27 अक्टूबर को छापा मारा था.
IT डिपार्टमेंट ने इस बैंक के 53.72 करोड़ रुपये के लेनदेन पर लगाई रोक, सीबीडीटी ने बताई कहां हुई थी गड़बड़ी

फर्जी बैंक अकाउंट होने के कारण किया गया ऐसा. (पीटीआई फोटो)

IT department freezes Rs 53-crore deposits of this bank: महाराष्ट्र (Maharashtra) के एक अर्बन क्रेडिट कोऑपरेटिव बैंक (urban cooperative bank) पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने बड़ी कार्रवाई की है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने बैंक में जमा 53 करोड़ से अधिक रुपये के लेन-देन पर रोक लगा दी है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बात की जानकारी शनिवार को शेयर की है.

न्यूज एजेंसी भाषा में छपी रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने हाल ही में मारे गए छापों के दौरान खाते खोलने में की गई ‘‘घोर अनियमितता’’ की बात सामने आने पर बैंक के खिलाफ ये कार्रवाई की है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को इस पूरे मामले की जानकारी दी. सीबीडीटी ने बताया कि डिपार्टमेंट ने बैंक के मुख्यालय और इसके अध्यक्ष और डायरेक्टर के आवास पर 27 अक्टूबर को छापा मारा था.

ज़ी बिज़नेस LIVE TV यहां देखें

Add Zee Business as a Preferred Source

फर्जी बैंक अकाउंट होने के कारण किया गया ऐसा

आधिकारिक बयान में हालांकि यह जानकारी नहीं दी गई कि किस संस्थान पर छापा मारा गया, लेकिन सूत्रों ने उसकी पहचान ‘बुल्ढ़ाणा अरबन कोऑपरेटिव क्रेडिट बैंक’ (Buldana Urban Cooperative Credit bank) के तौर पर की है. बयान में कहा गया, ”कोर बैंकिंग सोल्यूशन्स (CBS) पर बैंक आंकड़ों के विश्लेषण और छापे के दौरान अहम लोगों के बयानों से पता चला है कि बैंक अकाउंट खोलने में घोर अनियमितताएं बरती गईं. 1200 से अधिक बैंक अकाउंट इस शाखा में बिना पैन कार्ड के खोले गए.

पैसों का सही-सही जानकारी नहीं दे पाई बैंक

इनमें एक साथ खोले गए सात सौ से अधिक ऐसे खातों की पहचान की गई जिनमें 34.10 करोड़ से अधिक नकदी खाते खुलने के सात दिनों के भीतर जमा की गई, खासतौर पर अगस्त 2020 से मई 2021 के बीच.” बयान में कहा गया कि पूछताछ के दौरान बैंक के अध्यक्ष, सीएमडी और शाखा प्रबंधक खातों में जमा किए गए नकदी के स्रोतों के बारे में कुछ नहीं जानते थे. वह इसकी जानकारी नहीं दे सके कि आखिर यह खाता किसके नाम पर है और ये पैसे कहां से आए हैं.