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लोकसभा में बैंकिंग और क्रेडिट स्थिरता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि पिछले कुछ सालों में किए गए सुधारों से देश का बैंकिंग सिस्टम पहले से काफी मजबूत हुआ है. वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मिलकर बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.
सरकार ने बैंकिंग सेक्टर में सुधार के लिए 4R प्लानिंग लागू की है. इसमें खराब कर्ज (NPA) की सही पहचान, उसका समाधान और वसूली, सरकारी बैंकों को पूंजी देना और पूरे फाइनेंशियल सिस्टम में सुधार जैसे कदम शामिल हैं.असल में इन सुधारों से बैंकों में कर्ज देने की प्रक्रिया ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी हुई है.
इसके अलावा EASE सुधार कार्यक्रम के जरिए सरकारी बैंकों ने ग्राहकों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं. डिजिटल बैंकिंग सेवाएं बढ़ाई गई हैं और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया गया है.साथ ही बेसल-III रूल्स को लागू करने से बैंकों की पूंजी स्थिति भी मजबूत हुई है.
सरकार ने बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में बैंकों ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया. जी हां सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का टोटल प्योर बेनेफिट्स करीब 4.01 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं पब्लिक सेक्टर के बैंकों का मुनाफा 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा.
इसी दौरान सरकारी बैंकों ने 34,990 करोड़ रुपये का डिविडेंड भी शेयरधारकों को दिया. 2014-15 से 2025-26 तक सरकारी बैंकों ने बाजार से 5.24 लाख करोड़ रुपये की पूंजी भी जुटाई है.
यानी कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) ने अब तक का सबसे ज्यादा कुल मुनाफा 4.01 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया है. वहीं सरकारी बैंकों (PSBs) ने भी इसी टेन्योर में 1.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया. इसके अलावा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के पहले नौ महीनों में ही सरकारी बैंकों का टोटल मुनाफा 1.46 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो बैंकिंग सेक्टर की मजबूत स्थिति को दिखाता है.
हाल में लोन देने में सख्ती की खबरों के बाद भी सरकार का कहना है कि MSME सेक्टर को मिलने वाले कर्ज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
आपको बता दें कि सरकार का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर के मजबूत होने से आम ग्राहकों को बेनेफिट्स मिल रहा है.असल में लोगों को अब पहले से ज्यादा आसानी से लोन मिल रहा है, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं बेहतर हुई हैं और फाइनेंशियल सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो गई है.
कुल मिलाकर सरकार का मानना है कि बाजार में कुछ चिंताओं के बाद भी देश की बैंकिंग प्रणाली मजबूत है और MSME तथा आम ग्राहकों के लिए क्रेडिट फ्लो सामान्य रूप से जारी है.
FAQs
1. बैंकिंग सेक्टर की मौजूदा स्थिति क्या है?
सरकार के अनुसार भारत का बैंकिंग सेक्टर पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है और बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार आया है
2. बैंकों का NPA कितना रह गया है?
सितंबर 2025 तक बैंकों का ग्रॉस NPA घटकर लगभग 2.05% रह गया है
3. क्या MSME सेक्टर को मिलने वाला कर्ज प्रभावित हुआ है?
नहीं, MSME सेक्टर को मिलने वाले कर्ज में करीब 20.6% की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई है
4. रिटेल लोन की स्थिति कैसी है?
रिटेल लोन की गुणवत्ता स्थिर है और ग्रॉस NPA करीब 1.1% है
5. बैंकिंग सुधारों से आम लोगों को क्या फायदा हुआ है?
बैंकों की स्थिति मजबूत होने से आम लोगों को लोन आसानी से मिल रहा है और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं भी बेहतर हुई हैं.
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