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जब भी अचानक पैसों की ज़रूरत पड़ती है तो पर्सनल लोन सबसे आसान ऑप्शन के तौर पर नजर आता है. ये एक अनसिक्योर्ड लोन है, यानी इसके लिए कुछ भी गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं होती. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बार-बार पर्सनल लोन लेना आपके फाइनेंशियल हेल्थ और क्रेडिट स्कोर के लिए एक साइलेंट किलर जैसा साबित हो सकता है. ये आपके 'क्रेडिट मिक्स' को बुरी तरह बिगाड़ सकता है, जिसकी वजह से आपको फ्यूचर में तमाम परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं. जो लोग जरूरत पर बार-बार पर्सनल लोन ले लेते हैं, वो जरूर जान लें कि इससे आपको क्या नुकसान हो सकता है.
क्रेडिट मिक्स का सीधा सा मतलब है कि आपके क्रेडिट प्रोफाइल में किस-किस तरह के लोन शामिल हैं. बैंक और फाइनेंशियल संस्थान आपके लोन को मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटते हैं:
ये वो लोन होते हैं जिनके बदले आप कोई संपत्ति (Asset) गिरवी रखते हैं. जैसे होम लोन, कार लोन या गोल्ड लोन. इन लोन्स को बैंक 'अच्छा' या 'जिम्मेदार' कर्ज मानते हैं क्योंकि ये किसी संपत्ति को बनाने के लिए लिए जाते हैं. इसमें बैंक को बहुत रिस्क नहीं लगता क्योंकि इसमें बैंक के पास सिक्योरिटी जमा होती है.
ये वो लोन हैं जिनके लिए कोई गारंटी या सिक्योरिटी नहीं ली जाती. जैसे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का बिल. बैंक इन लोन्स को ज्यादा जोखिम भरा मानते हैं.
अब आते हैं क्रेडिट मिक्स पर. एक अच्छा क्रेडिट मिक्स वो होता है जिसमें सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड, दोनों तरह के लोन का सही संतुलन हो.
जब कोई व्यक्ति बार-बार या बहुत सारे पर्सनल लोन लेता है, तो ये बैंकों और क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL) को एक गलत सिग्नल देता है. उन्हें लगता है कि आप अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों या खर्चों को पूरा करने के लिए भी कर्ज पर निर्भर हैं.
सोचिए, अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सिर्फ 4-5 पर्सनल लोन दिख रहे हैं और कोई होम लोन या कार लोन नहीं है, तो लेंडर (कर्ज देने वाला) ये सोचेगा कि आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग ठीक नहीं है और आप पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. इससे आपका क्रेडिट मिक्स 'अनसिक्योर्ड लोन' की तरफ झुक जाता है, जिसे एक निगेटिव संकेत माना जाता है.
अगर आपका क्रेडिट मिक्स खराब है और उसमें अनसिक्योर्ड लोन का हिस्सा बहुत ज्यादा है, तो आपको सीधे तौर पर ये चार नुकसान उठाने पड़ेंगे.
आपका क्रेडिट स्कोर कई फैक्टर्स से मिलकर बनता है, और 'क्रेडिट मिक्स' उनमें से एक अहम फैक्टर है. बहुत ज्यादा अनसिक्योर्ड लोन आपके स्कोर को सीधे तौर पर नीचे गिराते हैं. 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, लेकिन खराब क्रेडिट मिक्स इसे आसानी से 700 से नीचे ला सकता है.
जब आपका क्रेडिट स्कोर कम होता है और क्रेडिट मिक्स खराब होता है, तो बैंक आपको लोन देने से कतराते हैं. खासकर जब आप कोई बड़ा और ज़रूरी लोन, जैसे होम लोन लेने जाएंगे, तो आपकी एप्लीकेशन के रिजेक्ट होने के चांस बहुत बढ़ जाते हैं. बैंक आपको एक 'रिस्की कस्टमर' के तौर पर देखेगा.
अगर कोई बैंक या NBFC आपको लोन देने के लिए तैयार हो भी जाता है, तो वो इस बढ़े हुए जोखिम की भरपाई आपसे ही करेगा. आपको सामान्य से कहीं ज्यादा ब्याज दर पर लोन ऑफर किया जाएगा. उदाहरण के लिए, जहां एक अच्छे क्रेडिट प्रोफाइल वाले को अगर होम लोन 7.5% पर मिल रहा है, तो आपको 9% या उससे भी ज्यादा पर ऑफर किया जा सकता है.
सिर्फ लोन ही नहीं, बैंक क्रेडिट कार्ड देने से पहले भी आपका क्रेडिट स्कोर और मिक्स चेक करते हैं. अगर आपका प्रोफाइल रिस्की लगता है, तो या तो आपको क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा, या फिर बहुत कम लिमिट वाला कार्ड दिया जाएगा.
कोशिश करें कि आपके लोन पोर्टफोलियो में सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का संतुलन हो. एक होम लोन या कार लोन आपके प्रोफाइल को मजबूत बना सकता है.
पर्सनल लोन तभी लें जब कोई और रास्ता न बचा हो. इसे आदत न बनाएं.
किसी भी लोन की EMI समय पर चुकाना सबसे ज़रूरी है. इससे आपका पेमेंट रिकॉर्ड सुधरता है.
कम समय में कई बार लोन के लिए अप्लाई करने से भी क्रेडिट स्कोर खराब होता है.
साल में कम से कम एक बार अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट ज़रूर चेक करें ताकि आपको पता हो कि आपकी फाइनेंशियल इमेज कैसी दिख रही है.