सस्ता होम लोन देखकर ललचा रहा है मन? बैंक बदलने से पहले देख लें ये हिसाब, वरना हिडन चार्जेस बिगाड़ सकते हैं पूरा खेल!

अगर कोई बैंक आपके होम लोन पर कम ब्याज दर दे रहा है, तो लोन ट्रांसफर से EMI और कुल ब्याज में बड़ी बचत हो सकती है.लेकिन फैसला लेने से पहले प्रोसेसिंग फीस, बची अवधि और फायदे-नुकसान समझना जरूरी है.
सस्ता होम लोन देखकर ललचा रहा है मन? बैंक बदलने से पहले देख लें ये हिसाब, वरना हिडन चार्जेस बिगाड़ सकते हैं पूरा खेल!

आज के टाइम में जब हर महीने की EMI जेब पर भारी लगती है, तो जैसे ही किसी बैंक से कम ब्याज दर का ऑफर दिखता है, होम लोन ट्रांसफर का ध्यान दिमाग में आना लाजमी है. कई लोग सोचते हैं कि अगर ब्याज थोड़ा भी कम हो जाए, तो सालों में हजारों-लाखों रुपये बच सकते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या हर हाल में होम लोन ट्रांसफर करना फायदेमंद होता है? जवाब है नहीं.असल में इसके लिए सही समय, सही हिसाब और थोड़ी समझदारी जरूरी है.

सवाल-क्या कम ब्याज दर देने वाले बैंक में होम लोन ट्रांसफर करना सही रहेगा?

जवाब-नहीं...होम लोन के लिए केवल सही ब्याज आदि पर आधारित होता है.

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होम लोन ट्रांसफर से पहले दूर करें कंफ्यूजन

1. अगर कोई बैंक 0.4–0.5% कम ब्याज दे रहा है, तो लोन शिफ्ट करने का मन करेगा.
2. सबसे पहले यह देखें कि आपने लोन का कितना हिस्सा चुका दिया है.
3. केवल 30–40% लोन ही भरा है, तो ट्रांसफर पर सोच सकते हैं.
4. ब्याज में अच्छी-खासी बचत हो सकती है.
5. लोन की लंबी अवधि बाकी होना यहां बड़ा फैक्टर है.
6. लोन के शुरुआती या बीच के दौर में हैं, तो फायदा ज्यादा मिलता है.
7. लोन खत्म होने वाला है, तो ट्रांसफर से खास लाभ नहीं होता.
8. फैसला लेने से पहले सिर्फ दर नहीं, पूरा हिसाब देखना जरूरी है.


होम लोन ट्रांसफर कब समझदारी भरा फैसला होता है?

  • नया बैंक मौजूदा लोन पर 0.4–0.5% कम ब्याज दे रहा हो
  • लोन की अभी बड़ी अवधि बाकी हो
  • आपकी EMI भुगतान हिस्ट्री साफ-सुथरी हो
  • फ्लोटिंग रेट लोन हो, जिस पर प्रीपेमेंट चार्ज न लगेbank


खर्च भी समझ लें, सिर्फ सस्ती EMI मत देखें

होम लोन ट्रांसफर करते वक्त कुछ खर्चे भी सामने आते हैं.जी हां सबसे अहम है प्रोसेसिंग फीस, जो आमतौर पर लोन अमाउंट का 0 से 0.50% तक हो सकती है.तो इसमें प्रॉपर्टी वैल्यूएशन, लीगल जांच, एडवोकेट फीस और एग्रीमेंट से जुड़े खर्च शामिल होते हैं. वैसे अच्छी बात यह है कि कई बैंक प्रोसेसिंग फीस माफ भी कर देते हैं या फिर उस पर नेगोशिएशन हो सकता है.

लोन ट्रांसफर के टाइम किन खर्चों पर नजर रखना चाहिए?

  • प्रोसेसिंग फीस
  • प्रॉपर्टी वैल्यूएशन चार्ज
  • लीगल और डॉक्युमेंटेशन खर्च
  • समय और कागजी प्रक्रिया की झंझट


सेविंग्स का सही हिसाब कैसे लगाएं?

  • देखें कि कम ब्याज दर से आपको कुल कितनी सेविंग होगी.
  • इसके लिए बची हुई लोन राशि और बाकी टेन्योर के ब्याज का कैलकुलेशन करें.
  • कैलकुलेशन उसमें प्रोसेसिंग फीस और बाकी खर्च जोड़ें.
  • अगर खर्च 1–2 साल में निकल आ रहा है, तो ट्रांसफर बेस्ट ऑप्शन होगा.

पहले अपने मौजूदा बैंक से बात जरूर करें

असल में यह एक ऐसा स्टेप होता है, जिसे लोग अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार मौजूदा बैंक अपने अच्छे ग्राहकों के लिए ब्याज दर कम करने को तैयार हो जाते हैं.असल में इससे आपको बिना झंझट और खर्च के वही फायदा मिल सकता है.तो अगर बैंक मना कर दे या मार्केट से ज्यादा दर रखे, तभी ट्रांसफर का रास्ता फॉलो करना चाहिए.

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होम लोने लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें

1-लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपना सिबिल स्कोर चेक करें,अगर यह 750 से ऊपर है, तो बैंक आपको सबसे कम ब्याज दर ऑफर करेगा.
2- बैंक अक्सर घर की कीमत का 75-80% ही लोन देते हैं.तो ट्राई करें कि आप खुद से कम से कम 20-30% डाउन पेमेंट करें.
3-एमआई (होम लोन + कार लोन आदि) आपकी महीने की 'इन-हैंड' सैलरी के 40-45% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
4-हमेशा 'फ्लोटिंग रेट' को वैल्यू दें क्योंकि लंबे टाइम में ब्याज दरें कम होने का फायदा आपको मिलेगा.
5-होम लोन के साथ 'टर्म इंश्योरेंस' या 'होम लोन प्रोटेक्शन प्लान' जरूर लें.
6- ब्याज दर न देखें, बैंक की प्रोसेसिंग फीस, लीगल फीस और तकनीकी वैल्यूएशन चार्जेस के बारे में भी जानकारी लें.
7-लोन एग्रीमेंट में जरूर चेक करें कि अगर आपके पास बीच में कहीं से मोटा पैसा आता है और आप लोन समय से पहले चुकाना चाहते हैं, तो बैंक कोई पेनल्टी तो नहीं लेगा.

होम लोन में जल्दीबाजी में कभी ना लें फैसला

कुल मिलाकर साफ है कि होम लोन ट्रांसफर कोई जल्दबाजी वाला फैसला नहीं होना चाहिए. तो इसलिए अगर ब्याज दर में अच्छा फर्क है, लोन की लॉन्ग टेन्योर बाकी है और खर्च वसूल हो रहे हैं, तो यह आपकी EMI और कुल ब्याज दोनों कम कर सकता है. लेकिन सही कैलकुलेशन, तुलना और मौजूदा बैंक से बातचीत के बिना कदम उठाना नुकसानदेह भी हो सकता है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानाकरी के लिए किसी वित्तीय सलाहकार से पूछताछ करें)

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 होम लोन ट्रांसफर कब फायदेमंद होता है?

जब नया बैंक मौजूदा लोन पर 0.4–0.5% कम ब्याज दे रहा हो और लोन की बड़ी अवधि बाकी हो.

Q2 क्या होम लोन ट्रांसफर पर प्रीपेमेंट चार्ज लगता है?

फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन पर आमतौर पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लगता.

Q3 ट्रांसफर के दौरान कौन-कौन से खर्च आते हैं?

प्रोसेसिंग फीस, प्रॉपर्टी वैल्यूएशन और कानूनी जांच जैसे खर्च हो सकते हैं.

Q4 क्या नए बैंक में मुझे नया ग्राहक माना जाएगा?

हां, लोन ट्रांसफर के बाद नया बैंक आपको नए उधारकर्ता की तरह ट्रीट करता है.

Q5 लोन ट्रांसफर से पहले क्या करना चाहिए?

पहले मौजूदा बैंक से ब्याज दर कम करने की बात करें, अगर वे तैयार न हों तो ट्रांसफर पर विचार करें.

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