ICICI Bank ने बदल दिया Minimum Amount Due के कैलकुलेशन का तरीका, Credit Card वाले तुरंत करें चेक

ICICI Bank ने क्रेडिट कार्ड के Minimum Amount Due (MAD) कैलकुलेशन का तरीका बदल दिया है, जिससे अब EMI, फीस, फाइनेंस चार्ज और ओवरलिमिट अमाउंट भी MAD में शामिल हो सकते हैं. यह बदलाव मार्च 2026 से लागू होगा. साथ ही Lounge Access के लिए खर्च आधारित नई शर्त भी जोड़ी गई है, जिसका असर करोड़ों कार्ड यूजर्स पर पड़ेगा.
ICICI Bank ने बदल दिया Minimum Amount Due के कैलकुलेशन का तरीका, Credit Card वाले तुरंत करें चेक

फोटो- एआई जनरेटेड

ICICI Bank ने अपने क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसमें Minimum Amount Due (MAD) के कैलकुलेशन का तरीका बदल दिया गया है. यह बदलाव अलग-अलग कार्ड कैटेगरी पर 1 मार्च 2026 और 20 मार्च 2026 से लागू होगा. साथ ही Airport Lounge Access से जुड़े खर्च के नियमों में भी बदलाव किया गया है.

इस अपडेट का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो हर महीने पूरा बिल नहीं भरकर सिर्फ Minimum Amount Due भरते हैं. अब MAD का कैलकुलेशन पहले से ज्यादा व्यापक होगा, जिसमें कई अतिरिक्त चार्ज शामिल होंगे.

Minimum Amount Due (MAD) में बड़ा बदलाव-कब से लागू?

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ICICI Bank ने साफ किया है कि Minimum Amount Due के कैलकुलेशन का नया तरीका 2 चरणों में लागू होगा और यह अलग-अलग क्रेडिट कार्ड सेगमेंट पर लागू होगा.

MAD: 20 मार्च 2026 से इन कार्ड के लिए मिनिमम ड्यू का कैलकुलेशन बदल दिया गया है. ये रही लिस्ट.

  • Business Black Advantage
  • Business Blue Advantage
  • Business Platinum
  • Platinum Credit Card
  • Corporate Gold
  • Travel Credit Card
  • Self Employed Credit Cards

MAD: 1 मार्च 2026 से इन कार्ड्स के लिए कैलकुलेशन बदल गई है.

  • Emeralde Private Metal
  • Times Black ICICI Bank Credit Card
  • Emeralde Mastercard Credit Card

Minimum Amount Due होता क्या है?

Minimum Amount Due वह न्यूनतम रकम होती है जो आपको हर महीने भरनी जरूरी होती है ताकि आपका कार्ड “डिफॉल्ट” में ना जाए और लेट फीस ना लगे, लेकिन..

  • सिर्फ MAD भरने पर पूरा बिल खत्म नहीं होता
  • बाकी रकम पर ब्याज (Interest) लगता रहता है

नए नियम के बाद MAD का अमाउंट पहले से ज्यादा आ सकता है.

नया MAD कैलकुलेशन कैसे होगा?

ICICI Bank ने MAD निकालने के लिए एक स्ट्रक्चर्ड फॉर्मूला बताया है, जिसमें अब सिर्फ एक प्रतिशत नहीं, बल्कि कई चार्ज जोड़े जाएंगे जैसे-

  • GST
  • EMI (Principal + Interest)
  • Fees & Charges
  • Overlimit Amount
  • Previous MAD
  • 5% of Retail Spend + Cash Advance
  • Finance Charges

Scenario A: जब 5% खर्च फाइनेंस चार्ज से ज्यादा हो

यह उदाहरण दिखाता है कि अगर आपके खर्च का 5% फाइनेंस चार्ज से ज्यादा है, तो MAD अलग तरीके से निकलेगा. मान लेते हैं क्रेडिट लिमिट 35 हजार रुपये है.

इस केस में MAD की गणना: GST + EMI + Fees + Overlimit + Previous MAD + 5% Spend

ICICI

Scenario B: जब फाइनेंस चार्ज 5% खर्च से ज्यादा हो

दूसरे केस में बैंक पूरा फाइनेंस चार्ज भी MAD में जोड़ता है. मान लेते हैं क्रेडिट लिमिट 1,15,000 रुपये है.

इस केस में MAD की गणना: 5% Spend + Full Finance Charge + EMI + Fees + Overlimit + Previous MAD

BANKING

इसका मतलब ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?

पहले:

MAD अक्सर कुल बिल का छोटा हिस्सा होता था

अब:

  • EMI भी जुड़ सकती है
  • Fees भी जुड़ेंगी
  • Finance Charges भी शामिल होंगे
  • Overlimit भी MAD में आएगा

यानी Minimum Amount Due अब “कम से कम पेमेंट” नहीं, बल्कि ज्यादा रियलिस्टिक बकाया दिखाएगा.

Airport Lounge Access नियम भी बदले

ICICI Bank ने 1 जुलाई 2026 से Lounge Access को लेकर भी नया खर्च आधारित नियम बताया है.

फीचरलागू तारीखनया नियम
Complimentary Airport Lounge Access1 जुलाई 2026लाउंज एक्सेस के लिए पिछले क्वार्टर में ₹75,000 खर्च जरूरी

उदाहरण से समझें-

लाउंज क्वार्टरखर्च की अवधिन्यूनतम खर्च
जुलाई–सितंबर 202626 मार्च – 25 जून 2026₹75,000

बैंक ने यह बदलाव क्यों किया?

बैंक के अनुसार, नया MAD स्ट्रक्चर ग्राहकों के वास्तविक बकाया को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए बनाया गया है. इससे:

  • क्रेडिट रिस्क कम होगा
  • बकाया साफ दिखेगा
  • सिर्फ मिनिमम पेमेंट की आदत कम होगी

किन यूजर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

1. जो सिर्फ Minimum Amount Due भरते हैं

अब उन्हें ज्यादा मिनिमम पेमेंट दिख सकता है.

2. जिनके कार्ड पर EMI चल रही है

EMI का हिस्सा भी MAD में जुड़ सकता है.

3. Overlimit यूजर्स

ओवरलिमिट राशि भी अब MAD में शामिल होगी.

4. Revolving Credit यूजर्स

Finance Charges बढ़ने से MAD भी बढ़ेगा.

सबसे जरूरी समझने वाली बात

  • Minimum Amount Due = पूरा बिल नहीं
  • MAD भरने पर भी ब्याज जारी रहेगा
  • नया सिस्टम ज्यादा चार्ज-इंक्लूसिव है
  • बिल का वास्तविक जोखिम अब ज्यादा साफ दिखेगा

Conclusion

ICICI Bank का नया Minimum Amount Due कैलकुलेशन सिस्टम क्रेडिट कार्ड इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अब MAD सिर्फ 5% या छोटा अमाउंट नहीं रहेगा, बल्कि उसमें EMI, फीस, फाइनेंस चार्ज और ओवरलिमिट जैसी चीजें भी जुड़ेंगी. साथ ही Lounge Access के लिए ₹75,000 खर्च की शर्त भी लागू होगी. इसका मतलब साफ है- अब सिर्फ Minimum Amount Due भरकर आराम से कार्ड चलाने का दौर महंगा पड़ सकता है और ग्राहकों को बिल मैनेजमेंट ज्यादा समझदारी से करना होगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. Minimum Amount Due का नया नियम कब से लागू होगा?

A. मार्च 2026 से अलग-अलग ICICI क्रेडिट कार्ड पर चरणबद्ध तरीके से लागू होगा.

Q2. क्या अब Minimum Amount Due ज्यादा आएगा?

A. हां, क्योंकि अब इसमें EMI, फीस, फाइनेंस चार्ज और ओवरलिमिट अमाउंट भी जुड़ सकते हैं.

Q3. क्या सिर्फ Minimum Amount भरने पर ब्याज लगेगा?

A. हां, बाकी बचे हुए बिल पर ब्याज (Interest) लगता रहेगा.

Q4. Lounge Access के लिए नया नियम क्या है?

A. अब कॉम्प्लिमेंट्री एयरपोर्ट लाउंज के लिए पिछली तिमाही में तय खर्च (जैसे ₹75,000) करना जरूरी हो सकता है.

Q5. क्या यह बदलाव सभी क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर लागू होगा?

A. यह ICICI Bank के चुनिंदा और प्रीमियम कार्ड्स पर लागू होगा, कार्ड कैटेगरी के अनुसार नियम अलग हो सकते हैं.

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