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दोस्त है… रिश्तेदार है… भरोसा है… इसलिए कई बार लोग बिना ज्यादा सोचे समझें “लोन गारंटर” बनने के लिए हां कर देते हैं. सामने वाला भी कहता है कि बस नाम भर है, EMI तो मैं ही दूंगा. लेकिन यहीं लोग सबसे बड़ी गलती कर जाते हैं.
सच ये है कि गारंटर बनते ही वो लोन, सीधे-सीधे आपके CIBIL स्कोर और आपकी लोन लेने की ताकत से जुड़ जाता है. अगर कुछ भी गड़बड़ हुई तो कीमत आपको भी चुकानी पड़ सकती है.
अब सवाल है:
गारंटर बनने का सीधा मतलब है कि आप बैंक/NBFC से ये वादा करते हैं कि अगर लोन लेने वाला व्यक्ति EMI नहीं चुकाएगा तो आप वो EMI और बाकी बकाया चुकाने के लिए जिम्मेदार होंगे. यानी बैंक आपको “बैक-अप पेयर” मानता है.

हां 100%, जैसे ही आप गारंटर बनते हैं. वो लोन अकाउंट आपके क्रेडिट प्रोफाइल से लिंक हो जाता है. क्रेडिट एजेंसियां इसे रिकॉर्ड करती हैं. भले EMI आप न दे रहे हों, लेकिन सिस्टम में आपका नाम जुड़ चुका होता है.
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हां, तब तक कोई दिक्कत नहीं हैं. लोन लेने वाला अगर हर EMI समय पर चुकाता है. कोई डिफॉल्ट नहीं होता तो गारंटर के CIBIL स्कोर पर कोई नेगेटिव असर नहीं पड़ता. लेकिन ये सुरक्षा पूरी तरह दूसरे व्यक्ति के व्यवहार पर टिकी होती है.
यहीं से असली खतरा शुरू होता है. जैसे ही EMI लेट हुई, पार्ट-पेमेंट हुआ या डिफॉल्ट हुआ. उसका सीधा निगेटिव असर गारंटर के CIBIL स्कोर पर भी पड़ता है. एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि आप भले अपने सारे लोन टाइम पर चुका रहे हों, लेकिन जिस लोन के आप गारंटर हैं, उसमें डिफॉल्ट हुआ तो आपका स्कोर भी गिरेगा.
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यानी किसी और की गलती, आपकी फाइनेंशियल साख खराब कर सकती है.
हां, और ये बात ज्यादातर लोग नहीं जानते. जब आप भविष्य में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तब बैंक आपकी आय आपके मौजूदा लोन और गारंटर वाली जिम्मेदारियों को भी गिनता है.
कई बैंक/NBFC मानते हैं कि आज नहीं, तो कल गारंटर को ये लोन चुकाना पड़ सकता है. इसलिए वे उस लोन को आपकी संभावित Liability मान लेते हैं और नतीजा ये होता है कि आपकी लोन एलिजिबिलिटी घट सकती है.
अगर आप गारंटर बनने जा रहे हैं, तो इसका मतलब ये है कि:
दोस्ती या रिश्तेदारी से ज्यादा जरूरी है फाइनेंशियल समझदारी इसलिए फैसला भावनाओं से नहीं, कैल्कुलेशन से करें.
ये 6 बातें जरूर देखें:
आगे क्या करें?
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या गारंटर बनने से CIBIL स्कोर ऑटोमैटिक घटता है?
A. नहीं, सिर्फ EMI डिफॉल्ट पर असर पड़ता है.
Q2 क्या मैं बाद में गारंटर से हट सकता हूं?
A. आमतौर पर नहीं, जब तक बैंक नया गारंटर मंजूर न करे.
Q3 क्या गारंटर बनने पर मुझे EMI की सूचना मिलती है?
A. कई मामलों में नहीं, इसलिए खुद ट्रैक करना जरूरी है.
Q4 क्या हर बैंक गारंटर की liability गिनता है?
A. नहीं, लेकिन कई बैंक/NBFC ऐसा करते हैं.
Q5 क्या एक से ज्यादा लोन में गारंटर बन सकते हैं?
A. बन सकते हैं, लेकिन रिस्क कई गुना बढ़ जाता है.