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आजकल पर्सनल लोन लेना काफी आसान हो गया है. मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे ही कुछ मिनटों में अप्लाई किया जा सकता है और चंद मिनटों या कुछ घंटों में पैसा अकाउंट में आ जाता है. लेकिन हर बार एप्लिकेशन अप्रूव हो, ऐसा जरूरी नहीं होता और कई लोगों को रिजेक्शन का सामना भी करना पड़ता है.
अगर आपका लोन रिजेक्ट हो गया है तो सबसे जरूरी बात है कि ऐसे में घबराने के बजाय इसकी वजह समझनी चाहिए. सही वजह पता चल जाए तो उसे ठीक करके अगली बार अप्लाई करने पर अप्रूवल के चांस काफी बढ़ जाते हैं.
पर्सनल लोन एक 'अनसिक्योर्ड' लोन होता है, यानी इसमें आप बैंक के पास कुछ गिरवी नहीं रखते. यही वजह है कि बैंक आपकी प्रोफाइल की बहुत बारीकी से जांच करते हैं.
दोबारा आवेदन करने से पहले इन कारणों पर गौर करें:
कम क्रेडिट स्कोर: अगर आपका स्कोर 700 से नीचे है, तो बैंक आपको 'रिस्की' ग्राहक मानते हैं.
बहुत ज्यादा लोन: अगर आपकी आधी से ज्यादा सैलरी पुराने लोन की किश्तें (EMI) भरने में जा रही है, तो नया लोन मिलना मुश्किल है.
आय की कमी: बैंक देखते हैं कि क्या आपकी सैलरी इतनी है कि आप खर्चों के बाद किश्त चुका सकें.
नौकरी में अस्थिरता: बार-बार नौकरी बदलना या वर्तमान कंपनी में बहुत कम समय होना भी रिजेक्शन की वजह बनता है.
कागजों में गलती: आवेदन फॉर्म भरते समय नाम, पता या सैलरी की गलत जानकारी देना.
स्टेप 1: बैंक से कारण पूछें
सबसे पहले अपने बैंक या लेंडर से संपर्क करें और पूछें कि रिजेक्शन की असली वजह क्या थी. कई बार वह आपको स्पष्ट बता देते हैं कि कमी कहां रही.
स्टेप 2: अपना क्रेडिट स्कोर चेक करें
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट निकालें और देखें कि कहीं उसमें कोई गलत जानकारी तो नहीं है. अगर आपने कोई लोन चुका दिया है, लेकिन वह अभी भी एक्टिव दिख रहा है, तो उसे ठीक कराएं.
स्टेप 3: इंतजार करें
रिजेक्शन के तुरंत बाद किसी दूसरे बैंक में न जाएं. कम से कम 3 से 6 महीने का इंतजार करें. इस दौरान अपनी पुरानी किश्तें समय पर भरें, ताकि आपका स्कोर सुधर सके.
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स्टेप 4: लोन की राशि कम करें
हो सकता है कि आपने अपनी क्षमता से ज्यादा बड़े लोन की मांग की हो. दोबारा अप्लाई करते समय अपनी सैलरी के हिसाब से छोटी राशि चुनें.
स्टेप 5: अन्य विकल्पों को देखें
अगर बड़े बैंक लोन नहीं दे रहे, तो आप NBFCs (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) या डिजिटल लेंडिंग ऐप्स को देख सकते हैं. उनके नियम थोड़े लचीले होते हैं, हालांकि वहां ब्याज दर थोड़ी ज्यादा हो सकती है.
| क्या करें? | क्या न करें? |
| सिबिल स्कोर को 750 के करीब ले जाएं. | एक साथ कई बैंकों में अप्लाई न करें. |
| छोटे कर्ज और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर भरें. | अपनी आय के बारे में गलत जानकारी न दें. |
| दोबारा आवेदन से पहले 3-6 महीने रुकें. | बहुत ज्यादा बड़ी लोन राशि की मांग न करें. |
| सभी केवाईसी (KYC) दस्तावेज अपडेट रखें. | बार-बार अपनी जॉब न बदलें. |
पर्सनल लोन रिजेक्ट होना आम बात है, लेकिन इसे सुधारना भी उतना ही आसान है अगर आप सही कदम उठाएं. बस कारण समझें, अपनी फाइनेंशियल प्रोफाइल बेहतर बनाएं और थोड़ा इंतजार करके दोबारा अप्लाई करें. इससे अगली बार लोन मिलने के चांस काफी ज्यादा हो जाते हैं.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 पर्सनल लोन रिजेक्ट होने के बाद कितने समय बाद दोबारा अप्लाई करना चाहिए?
कम से कम 2–3 महीने का इंतजार करना बेहतर माना जाता है.
Q2 लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण क्या होता है?
कम क्रेडिट स्कोर और ज्यादा कर्ज सबसे आम कारण होते हैं.
Q3 क्या बार-बार लोन के लिए अप्लाई करने से नुकसान होता है?
हां, इससे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है और अप्रूवल के चांस कम हो जाते हैं.
Q4 क्या कम इनकम होने पर भी लोन मिल सकता है?
मिल सकता है, लेकिन लोन अमाउंट कम होगा या को-एप्लिकेंट की जरूरत पड़ सकती है.
Q5 क्रेडिट स्कोर जल्दी कैसे सुधार सकते हैं?
समय पर EMI और बिल भरकर और पुराने कर्ज को कम करके स्कोर बेहतर किया जा सकता है.