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आज के वक्त में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल आम सी बात हो गई है. हालांकि, हर क्रेडिट कार्ड एक क्रेडिट लिमिट (Credit Limit) के साथ आता है, जिससे ज्यादा की शॉपिंग आप उस पर नहीं कर सकते हैं. कई बार लोग अपने कार्ड की लिमिट बढ़वाना चाहते हैं, लेकिन समझ नहीं आता कि क्या करें. कई बार तो बैंक ही लिमिट बढ़ाने से मना कर देते हैं. आइए जानते हैं कुछ जरूरी बातों के बारे में, जिन्हें अगर आप ध्यान में रखेंगे तो आप आसानी से अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वा सकते हैं.
इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है. वहीं बड़े खर्च या इमरजेंसी में कार्ड का इस्तेमाल हो सकेगा. भविष्य में बड़े लोन के लिए भी यह मददगार साबित होगा. वहीं शॉपिंग ज्यादा होगी तो आपको बेहतर रिवॉर्ड्स और ऑफर्स का फायदा भी मिलता है.
अगर आप लिमिट बढ़वाना चाहते हैं तो पहले ये जान लें कि आपकी मौजूदा क्रेडिट लिमिट कितनी है. साथ ही आपको यह भी समझना होगा कि हर महीने औसतन कितना खर्च कर रहे हैं. क्रेडिट उपयोग दर यानी क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (Credit Utilization Ratio) क्या है, ये भी देख लें.
सबसे पहले तो अच्छा क्रेडिट रिकॉर्ड रखें यानी समय पर अपने बिल का पूरा भुगतान करें. साथ ही अपने कार्ड को नियमित इस्तेमाल करें, लेकिन पूरी लिमिट खर्च न करें. मुमकिन हो तो कार्ड लिमिट का 30 फीसदी से ज्यादा खर्च ना करें. ये सब करने के 6 से 12 महीने बाद क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की रिक्वेस्ट करें. ध्यान रहे कि नया कार्ड मिलने के तुरंत बाद लिमिट बढ़वाने ना जाएं, वरना रिक्वेस्ट रिजेक्ट होना तय है. लिमिट बढ़वाते वक्त बैंक को अपनी इनकम बढ़ने की जानकारी दें.
इसके लिए आप मोबाइल ऐप या बैंक वेबसाइट से रिक्वेस्ट कर सकते हैं. आप चाहे तो बैंक कस्टमर केयर को कॉल भी कर सकते हैं. आप बैंक ब्रांच में जाकर इनकम प्रूफ के साथ बी आवेदन कर सकते हैं. बैंक आपका इनकम प्रोफाइल, क्रेडिट स्कोर और पेमेंट हिस्ट्री देखकर फैसला लेते हैं और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाते हैं.
अगर आप भी क्रेडिट लिमिट बढ़वाने की सोच रहे हैं तो सोच-समझकर लिमिट बढ़वाएं और उसका सही इस्तेमाल करें. अगर आप क्रेडिट कार्ड अच्छे से इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को मजबूत कर सकता है. वहीं अगर लापरवाही दिखाएंगे तो इससे आपको भारी नुकसान हो सकता है. ध्यान रखें, लिमिट बढ़वाने का मकसद खर्च बढ़ाना नहीं, बल्कि क्रेडिट मैनेजमेंट सुधारना होना चाहिए.