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अगर आपका CIBIL Score कम है या माइनस में है, तो घबराइए मत. आपका सिबिल लोन लेने के लिए एक अहम फैक्टर जरूर है, लेकिन लोन देने का फैसला सिर्फ और सिर्फ सिबिल स्कोर के आधार पर ही नहीं किया जाता है. बैंक लोन अप्रूवल से पहले और भी तमाम फैक्टर्स को देखते हैं. अगर आपके बाकी फैक्टर्स मजबूत हैं तो कई बार बैंक आपका स्कोर कम होने पर भी लोन मंजूर कर देते हैं. चलिए जानते हैं वो 5 फैक्टर्स जो कम या माइनस सिबिल होने पर भी लोन को मंजूर करा सकते हैं.
CIBIL Score एक 3-अंकों की संख्या होती है जो 300 से 900 तक रहती है, इसे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तय किया जाता है. सिबिल स्कोर कम होने के कई कारण होते हैं जैसे- लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर नहीं करना, क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल, एक साथ कई लोन के लिए आवेदन करना वगैरह-वगैरह.
वहीं आपने पहले कभी कोई लोन या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं किया है, तो आपका सिबिल स्कोर माइनस में हो सकता है. ऐसे में आपका CIBIL Score ‘–1’ या ‘NH’ (No History) दिखता है. ये ज्यादातर युवाओं या पहली बार लोन लेने वालों के साथ होता है.
बैंक सिर्फ क्रेडिट स्कोर पर निर्भर नहीं करते, वो आपकी पूरी प्रोफ़ाइल देखते हैं- आपकी आमदनी, नौकरी, प्रॉपर्टी और पुराने व्यवहार को. यहां जानिए वो 5 फैक्टर्स जो आपको कम स्कोर में भी लोन दिला सकते हैं.
अगर आपकी मासिक इनकम अच्छी है और बैंक को भरोसा है कि आप EMI को संभाल लेंगे, तो वो कम CIBIL Score होने के बावजूद लोन मंजूर कर देते हैं. आपका सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और फॉर्म-16 इसमें मदद करते हैं.
बैंक उन लोगों को लोन देना पसंद करते हैं जो लंबे समय से एक ही नौकरी या प्रोफेशन में हैं. अगर आप 3-5 साल से एक ही कंपनी में कार्यरत हैं, तो बैंक इसे आपकी ‘स्टेबिलिटी’ का संकेत मानते हैं. ऐसे में बैंक आपको एक भरोसेमंद ग्राहक के तौर पर देखते हैं.

बैंक उस प्रॉपर्टी को गिरवी के तौर पर लेते हैं जिस पर वो लोन देते हैं. अगर प्रॉपर्टी अच्छी लोकेशन पर है, रजिस्टर्ड है और उसका रीसेल वैल्यू बेहतर है तो बैंक को जोखिम कम लगता है. ऐसे में बैंक ग्राहक को कम सिबिल स्कोर होने के बावजूद भी लोन दे सकते हैं.
LTV का मतलब है कि प्रॉपर्टी के मूल्य के मुकाबले बैंक कितना लोन दे रहा है. अगर आप प्रॉपर्टी के मूल्य का 70-80% से कम लोन ले रहे हैं, तो बैंक ज्यादा सहजता से मंजूरी देता है.
अगर आपकी पहले से कोई देनदारी नहीं है या बहुत कम है, तो ये बैंक के लिए एक अच्छा संकेत है. वो मानते हैं कि आप नई EMI आसानी से चुका पाएंगे. ऐसे में बैंक आपको आसानी से लोन देने के लिए राजी हो सकते हैं.
हां. अगर आपकी इनकम स्थिर है और बाकी फैक्टर्स मजबूत हैं, तो आप बिना क्रेडिट हिस्ट्री के भी लोन ले सकते हैं.
होम लोन के लिए आम तौर पर 700-750 के बीच का स्कोर अच्छा माना जाता है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि कम स्कोर में लोन न मिले. हालांकि सिबिल स्कोर जितना अच्छा होगा, बैंक के लिए आप उतने भरोसेमंद ग्राहक होंगे.
हां. अगर आपका CIBIL Score कम है, तो आप किसी भरोसेमंद व्यक्ति को गारंटर बनाकर लोन ले सकते हैं.
हां, ITR आपके इनकम की आधिकारिक प्रूफ होता है, बैंक इससे आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी देखते हैं.
हां. अगर आप समय पर EMI भरते हैं, तो आपका CIBIL Score सुधारता है. देरी या डिफ़ॉल्ट पर स्कोर गिर जाता है.