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RBI New Guidelines
आरबीआई(RBI) की ताजा बैठक में आपकी जेब और सुरक्षा पर बड़ा फैसला हुआ है.जी हां अब Loan वसूली के नाम पर होने वाली मनमानी और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए सख्त रूल्स आएंगे. इससे आम ग्राहकों को डिजिटल फ्रॉड से बड़ी राहत मिलेगी.
जी हां डिजिटल बैंकिंग का यूज जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन धोखाधड़ी और ग्राहकों की शिकायतें भी सामने आई हैं. इसी को देखते हुए RBI जल्द ही तीन नई ड्राफ्ट गाइडलाइन्स लाने जा रहा है, जिनका मकसद साफ है.ग्राहकों की सुरक्षा मजबूत करना और बैंकों व फाइनेंशियल संस्थानों की जवाबदेही तय करना.
असल में काफी टाइम में RBI को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई बार ग्राहकों को बिना पूरी जानकारी दिए प्रोडक्ट थमा दिए जाते हैं या लोन वसूली के दौरान एजेंट दबाव और डराने का सहारा लेते हैं.
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RBI की इस नई पहल से अब आम आदमी को डिजिटल ठगी के डर से बड़ी राहत मिलेगी-
1-अगर आपके साथ कोई डिजिटल फ्रॉड होता है, तो छोटे अमाउंट (25,000 रुपये तक) के नुकसान की भरपाई के लिए RBI एक नया रूल ला रहा है.
2-सबसे बड़ी बात ये है कि अगर आपने अनजाने में किसी को अपना OTP बता दिया है, तब भी आपको एक फिक्स लिमिट तक मुआवजा मिल सकता है.
3-यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के बाद अपना पैसा वापस पाने की उम्मीद छोड़ देते थे.
4-अब बैंकों को ऐसे मामलों में ज्यादा जिम्मेदारी लेनी होगी और ग्राहकों के डूबे हुए पैसे को लौटाने के लिए एक तय फ्रेमवर्क के तहत काम करना होगा.
5-ग्राहक को नुक्सान का 15% , बैंक को 15% झेलना होगा और बाकी RBI देगा

आपको बता दें कि करीब 65% लोगों के साथ 50 हजार रुपये से कम की ठगी होती है. अब RBI एक ऐसा रूल्स ला रहा है जिसमें अनजाने में हुई गलती (जैसे किसी को OTP बता देना) पर भी आपको ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकेगा.
इसका गणित बड़ा सीधा है: नुकसान का 15% ग्राहक उठाएगा, 15% बैंक भरेगा और बाकी सारा पैसा RBI देगा,लेकिन ध्यान रहे, यह मौका जिंदगी में केवल एक बार मिलेगा ताकि आप अपनी गलती से सीख सकें.
बैंकों द्वारा लोन बेचते समय की जाने वाली 'मिस-सेलिंग' (गलत जानकारी देना) और चालाकी भरे 'डार्क पैटर्न'* पर लगाम कसने के लिए जल्द ही नई गाइडलाइन्स आएंगी. वैसे अच्छी बात यह भी है कि गोल्ड लोन और पर्सनल लोन को लेकर फिलहाल कोई डरने वाली बात नहीं है, क्योंकि वहां वसूली और लोन की क्वालिटी एकदम शानदार है.यानी कि कुल मिलाकर, RBI अब आपकी सेफ्टी और जेब दोनों का ख्याल रख रहा है.
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वैसे कुल मिलाकर RBI का संदेश साफ है कि डिजिटल बैंकिंग को आगे बढ़ाना है, लेकिन भरोसे के साथ.असल में नए ड्राफ्ट गाइडलाइन्स लागू होने के बाद अगर सिस्टम सही तरह से काम करता है, तो डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग आम लोगों के लिए पहले से ज्यादा सेफ हो सकती है
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 RBI नई गाइडलाइन्स क्यों ला रहा है?
डिजिटल फ्रॉड, गलत प्रोडक्ट बिक्री और लोन रिकवरी से जुड़ी शिकायतों को रोकने के लिए.
Q2 डिजिटल फ्रॉड में ग्राहकों को कितना मुआवजा मिलेगा?
छोटे अनधिकृत ट्रांजैक्शन में ₹25,000 तक मुआवजा देने का प्रस्ताव है.
Q3 क्या OTP शेयर करने पर भी मुआवजा मिलेगा?
हां, कुछ मामलों में गलती से OTP शेयर होने पर भी राहत मिल सकती है.
Q4 लोन रिकवरी को लेकर क्या बदलेगा?
रिकवरी एजेंट्स पर सख्त नियम होंगे, डराने-धमकाने पर रोक लगेगी.
Q5 मिस-सेलिंग पर RBI क्या कदम उठाएगा?
ग्राहकों को गुमराह कर प्रोडक्ट बेचने पर सख्त नियम और नियंत्रण लागू होंगे.