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does cheque bounce affect CIBIL score
आजकल के डिजिटल जमाने में भले ही हम UPI या नेट बैंकिंग का यूज ज्यादा करने लगे हों, लेकिन बड़े लेन-देन, स्कूल की फीस या होम लोन-कार लोन की ईएमआई (EMI) के लिए आज भी चेक (Cheque) पर भरोसा किया जाता है. लेकिन क्या चेक बाउंस होने से सिबिल स्कोर भी खराब होता है.
जवाब: चेक बाउंस होने पर सीधेतौर पर सिबिल स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता है.
| नुकसान का प्रकार | क्या असर पड़ता है? | गंभीरता स्तर |
|---|
| बैंक पेनल्टी | चेक रिटर्न होने पर ₹150 से ₹800 (या बैंक के अनुसार अधिक) तक शुल्क | तुरंत प्रभाव |
| CIBIL स्कोर | अगर EMI/क्रेडिट कार्ड पेमेंट फेल हुआ तो क्रेडिट स्कोर घट सकता है | मध्यम अवधि |
| कानूनी कार्रवाई | बार-बार बाउंस पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत केस संभव | बेहद गंभीर |
| विश्वसनीयता पर असर | बैंक और लेनदार की नजर में भरोसा कम होता है | लंबी अवधि |
लोन रिजेक्शन:जब फ्यूचर में पर्सनल या बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करेंगे, तो बैंक आपका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड देखेगा. बार-बार चेक बाउंस होना यह दिखाता है कि आप अपने पैसों का मैनेजमेंट सही से नहीं कर पा रहे हैं.
अकाउंट बंद होना: कुछ बैंक बार-बार बाउंस के मामले में ग्राहक का चेक बुक सुविधा वापस ले सकते हैं या खाता बंद करने की चेतावनी भी दे सकते हैं.
आपको बता दें कि चेक बाउंस होना आपकी Financial Reputation पर एक परेशानी की तरह है.हालांकि भले ही यह आपको तुरंत सिबिल स्कोर में नीचे न ले जाए, लेकिन इसकी वजह से होने वाले कानूनी और फाइनेंशियल नुकसान बहुत भारी पड़ते हैं.तो फिर इसलिए, चेक बुक का इस्तेमाल हमेशा जिम्मेदारी के साथ करें.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या चेक बाउंस से सीधे CIBIL स्कोर गिरता है?
सामान्य चेक बाउंस से सीधे असर नहीं पड़ता, लेकिन EMI या क्रेडिट कार्ड पेमेंट बाउंस होने पर स्कोर गिर सकता है
Q2 चेक बाउंस पर कितना बैंक चार्ज लगता है?
आमतौर पर ₹150 से ₹800 तक पेनल्टी लग सकती है, जो बैंक पर निर्भर करती है
Q3 क्या चेक बाउंस होने पर जेल हो सकती है?
हां, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत 2 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है
Q4 नोटिस मिलने के बाद कितना समय मिलता है?
लीगल नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर भुगतान करना जरूरी होता है
Q5 बार-बार चेक बाउंस होने पर क्या होगा?
लोन रिजेक्ट हो सकता है, बैंक चेकबुक सुविधा रोक सकता है और वित्तीय साख खराब हो सकती है