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आज के समय में "बाय नाउ, पे लेटर" (Buy Now Pay Later) का कॉन्सेप्ट काफी पॉपुलर हो चुका है. लोग चाहें टीवी खरीदें या मोबाइल, अब सीधे डेबिट कार्ड से भी ईएमआई का ऑप्शन मिल जाता है. इससे बिना क्रेडिट कार्ड के भी आप महंगे प्रोडक्ट्स को आराम से खरीद सकते हैं और महीने-महीने किस्तों में भुगतान कर सकते हैं.
बहुत से लोग ये सही से नहीं समझ पाते कि ये ईएमआई असल में एक छोटा लोन (Small Loan) होता है. और जैसे किसी लोन के रीपेमेंट का असर आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर पड़ता है, वैसे ही डेबिट कार्ड ईएमआई का भी असर आपके क्रेडिट रिकॉर्ड पर पड़ता है. अगर आप समय पर भुगतान करते हैं तो क्रेडिट स्कोर बढ़ेगा, वरना घट सकता है.
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सामान्य डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन में पैसा तुरंत आपके अकाउंट से कट जाता है. लेकिन डेबिट कार्ड ईएमआई में ऐसा नहीं होता. यहां बैंक पहले व्यापारी को पूरा पैसा दे देता है और ग्राहक उस रकम को बैंक को हर महीने किस्तों (EMI) में चुकाता है.
उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने ₹60,000 का मोबाइल 6 महीने की ईएमआई पर खरीदा है. तो हर महीने करीब ₹10,000 चुकाने होंगे. इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस और थोड़ा ब्याज भी देना पड़ सकता है. यानी ये ईएमआई एक तरह से पर्सनल लोन की तरह ही काम करती है.
डेबिट कार्ड ईएमआई का सीधा असर आपके क्रेडिट रिपोर्ट पर पड़ता है. बैंक आपकी ईएमआई डिटेल्स क्रेडिट ब्यूरो (Credit Bureau) को रिपोर्ट करता है. अगर आप एक या दो किस्तें चूक जाते हैं तो यह “डिफॉल्ट” के रूप में रिपोर्ट होती हैं. ये जानकारी कई सालों तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बनी रहती है, जिससे आपका स्कोर नीचे चला जाता है.
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कई बार लोग सोचते हैं कि अगर ऑफर में “0% EMI” लिखा है तो इसका मतलब पूरी तरह ब्याज फ्री है. जबकि ऐसा जरूरी नहीं होता. इन पॉइंट्स को ध्यान में रखें-
अगर आपकी ईएमआई की किस्तें समय पर नहीं जातीं, तो इसका नुकसान सिर्फ ब्याज बढ़ने तक सीमित नहीं रहता. इसका असर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर भी पड़ता है.
डेबिट कार्ड ईएमआई तभी फायदेमंद है जब आप इसे प्लान के साथ इस्तेमाल करें. कुछ जरूरी बातें-
अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है और आप अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बनाना चाहते हैं, तो डेबिट कार्ड ईएमआई एक बढ़िया विकल्प है. समय पर किस्त भरने से बैंक को ये दिखता है कि आप जिम्मेदारी से लोन चुका सकते हैं. इससे आपका सिबिल स्कोर धीरे-धीरे बढ़ेगा और आगे चलकर लोन या क्रेडिट कार्ड लेने में आसानी होगी.
डेबिट कार्ड ईएमआई दिखने में आसान लगती है, लेकिन इसमें छिपे नियमों को समझना बहुत जरूरी है. इसे उसी जिम्मेदारी से लें जैसे आप किसी पर्सनल लोन को लेते हैं. समय पर किस्तें चुकाएं, बैंक से पहले से शर्तें जान लें और अपनी वित्तीय सीमाएं पहचानें. ऐसा करने से आपका क्रेडिट स्कोर मजबूत रहेगा और भविष्य में पैसों की दिक्कतें नहीं आएंगी.
यह एक नंबर होता है जो बताता है कि आप कर्ज चुकाने में कितने भरोसेमंद हैं.
यह एक सुविधा है जिसमें आप किसी सामान की कीमत किस्तों में चुका सकते हैं.
हां, ज्यादातर मामलों में बैंक प्रोसेसिंग फीस और ब्याज वसूलते हैं.
हां, अगर आप समय पर ईएमआई भरते हैं तो स्कोर बढ़ सकता है.
आपको पेनल्टी लग सकती है और क्रेडिट स्कोर घट सकता है.
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