क्या क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदना स्मार्ट चॉइस है? मिथक या हकीकत!सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश, कहीं आप भी तो नहीं फंसे इस जाल में?

क्या सच में क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदा जा सकता है? RBI के नियम बताते हैं कि यह सिर्फ एक मिथक है. लिमिट, ब्याज दर और टैक्स के कारण क्रेडिट कार्ड से घर खरीदना असंभव और महंगा सौदा साबित होता है.
क्या क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदना स्मार्ट चॉइस है? मिथक या हकीकत!सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश, कहीं आप भी तो नहीं फंसे इस जाल में?

क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करना आजकल आम सी बात है. लोग सामान, टिकट और बिल पेमेंट के लिए धड़ल्ले से कार्ड का यूज करते हैं,लेकिन क्या क्रेडिट कार्ड से फ्लैट या घर खरीदा जा सकता है? अक्सर यह सवाल कई लोगों के मन में है. अक्सर ये दावे किए जाते हैं कि क्रेडिट कार्ड से लाखों का फ्लैट खरीदकर EMI में बदला जा सकता है. लेकिन क्या यह सच है? 2025 में भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और बैंकों के नियम इसकी सच्चाई बताते हैं.असल में क्रेडिट कार्ड की लिमिट कम होती है, और फ्लैट की कीमतें 50 लाख से शुरू.तो फिर आइए समझें कि क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदना मिथक क्यों है, नियम क्या हैं, सच्चाई क्या, और बेहतर विकल्प कौन से हैं?

क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदना मिथक क्यों?

असल में क्रेडिट कार्ड की औसत लिमिट 1-5 लाख रुपए होती है.तो अगर हाई-एंड कार्ड हो, जैसे HDFC Infinia, तो भी अधिकतम 10-15 लाख. जबकि दूसरी ओर, भारत में एक फ्लैट की कीमत करीब 50 लाख से 1 करोड़ या ज्यादा होती है. लेकिन RBI के रुल्स के जरिए क्रेडिट कार्ड से मर्चेंट पेमेंट (POS मशीन) पर 1 लाख की लिमिट है. रियल एस्टेट डेवलपर्स कार्ड से पेमेंट स्वीकार नहीं करते, क्योंकि उनके लिए प्रोसेसिंग फीस और टैक्स महंगा पड़ता है.वैसे कुछ लोग सोचते हैं कि कार्ड से पेमेंट कर EMI में बदल सकते हैं, लेकिन हकीकत में ब्याज दरें इतनी ज्यादा होती हैं कि होम लोन बेहतर है.

रूल्स और सच्चाई

RBI और बैंक नियम

लिमिट: RBI ने 2025 में क्रेडिट कार्ड लिमिट को प्रॉपर्टी पेमेंट के लिए 1 लाख रुपए तक सीमित किया है. सामान्य लिमिट 5 लाख तक, लेकिन रियल एस्टेट में लागू नहीं.
EMI कन्वर्जन: कार्ड से पेमेंट को EMI में बदल सकते हैं, लेकिन ब्याज करीब 14-36% सालाना,जो होम लोन से करीब 8-9% ब्याज, जो सस्ता.
टैक्स: कार्ड पेमेंट पर 1% TDS (सेक्शन 194R)। होम लोन पर 80C में छूट.
सुरक्षा: डेवलपर्स के POS सिस्टम पुराने, फ्रॉड का रिस्क.

क्या कहता है कैलकुलेशन

डाउन पेमेंट संभव: फ्लैट का डाउन पेमेंट (10-20%) कार्ड से दे सकते हैं, जैसे 5-10 लाख करीब, लेकिन फीस और ब्याज इसे महंगा बनाते हैं. उदाहरण: 5 लाख पर 2% फीस = 10,000 + 18% GST = 11,800 रुपए लगभग.
पूरा फ्लैट असंभव: 50 लाख का फ्लैट कार्ड से खरीदना असंभव, क्योंकि लिमिट और फीस बाधा.
मिथक का स्रोत: सोशल मीडिया और फर्जी विज्ञापनों ने भ्रम फैलाया

बेहतर विकल्प

होम लोन: SBI, HDFC, ICICI आदि से 8.5-9% ब्याज पर होम लोन,20-30 साल की EMI, व टैक्स छूट.
कार्ड + लोन: डाउन पेमेंट कार्ड से, बाकी होम लोन लेकिन फीस चेक करें.
रेंट टू ओन: कुछ डेवलपर्स किराए से खरीद का ऑप्शन.

सावधानियां

कार्ड लिमिट चेक करें.
प्रोसेसिंग फीस और ब्याज पढ़ें.
फर्जी डीलर या स्कीम से बचें.
RBI नियमों की जानकारी लें.


क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदना मिथक होता है.असल में RBI नियम, कम लिमिट और हाई फीस इसे मुश्किल बनाते हैं और डाउन पेमेंट के लिए कार्ड यूज करें, लेकिन पूरा फ्लैट खरीदने के लिए होम लोन सस्ता और सुरक्षित है. सही प्लानिंग से फाइनेंशियल बोझ कम करें.(नोट-खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है अधिक जानकारी के लिए बैंक से संपर्क करें)

5 FAQs

Q1. क्या क्रेडिट कार्ड से फ्लैट खरीदा जा सकता है?
नहीं, RBI नियमों के अनुसार क्रेडिट कार्ड से प्रॉपर्टी पेमेंट की लिमिट सिर्फ ₹1 लाख तक है, इसलिए पूरा फ्लैट खरीदना संभव नहीं है/

Q2. क्या क्रेडिट कार्ड से फ्लैट का डाउन पेमेंट किया जा सकता है?
हां, कुछ डेवलपर्स ₹5–10 लाख तक के डाउन पेमेंट कार्ड से स्वीकार करते हैं, लेकिन प्रोसेसिंग फीस और ब्याज इसे महंगा बना देते हैं.

Q3. क्रेडिट कार्ड से EMI में फ्लैट की कीमत चुकाना संभव है?
नहीं, क्योंकि कार्ड पर EMI ब्याज दर 14–36% सालाना होती है, जबकि होम लोन सिर्फ 8–9% पर मिलता है.

Q4. क्रेडिट कार्ड से प्रॉपर्टी पेमेंट पर टैक्स कैसे लगता है?
क्रेडिट कार्ड से रियल एस्टेट पेमेंट पर 1% TDS (सेक्शन 194R) लागू होता है और टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता.

Q5. फ्लैट खरीदने का सबसे बेहतर तरीका क्या है?
होम लोन लेना सबसे सुरक्षित और सस्ता विकल्प है। यह टैक्स बेनिफिट देता है और लंबे कार्यकाल में EMI भी किफायती रहती है.

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