Home Loan के बाद अब पर्सनल लोन की जरूरत? ये है सस्‍ते कर्ज का जुगाड़...पैसों की बचत भी कराएगा और लंबा टेन्‍योर भी देगा

पर्सनल लोन की ऊंची ब्याज दर और छोटी अवधि जेब पर भारी पड़ सकती है. अगर आपका होम लोन पहले से चल रहा है तो Home Loan Top-Up बेहतर विकल्प है. इसमें ब्याज दर कम, चुकाने की अवधि लंबी और टैक्स छूट जैसे फायदे मिलते हैं.
Home Loan के बाद अब पर्सनल लोन की जरूरत? ये है सस्‍ते कर्ज का जुगाड़...पैसों की बचत भी कराएगा और लंबा टेन्‍योर भी देगा

अचानक पैसों की ज़रूरत किसी को भी पड़ सकती है. ऐसे में ज़्यादातर लोग पर्सनल लोन की ओर देखते हैं. ये आसानी से मिल तो जाता है, लेकिन इसकी ऊंची ब्याज दरें और छोटी अवधि जेब पर भारी पड़ती हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आपके नाम पर पहले से होम लोन चल रहा है, तो आपके पास एक ऐसा 'स्मार्ट जुगाड़' है, जो पर्सनल लोन से कहीं ज़्यादा सस्ता और फ़ायदेमंद है? हम बात कर रहे हैं होम लोन टॉप-अप की. ये आपके मौजूदा होम लोन पर मिलने वाला एक अतिरिक्त लोन है, जो आपकी पैसों की ज़रूरत को पूरा करता है और आपको महंगी EMI के बोझ से भी बचाता है.

क्या होता है होम लोन टॉप-अप?

होम लोन टॉप-अप का मतलब है अपने चल रहे होम लोन के ऊपर और पैसा उधार लेना. मान लीजिए आपका 40 लाख का होम लोन चल रहा है और आप कुछ साल से उसकी EMI समय पर चुका रहे हैं. अब आपको घर के रेनोवेशन या बच्चे की शादी के लिए 5 लाख रुपये की और ज़रूरत है. ऐसे में, आप अपने बैंक से मौजूदा होम लोन पर ही 5 लाख रुपये का टॉप-अप ले सकते हैं. ये एक तरह से आपके होम लोन की लिमिट बढ़ाने जैसा है.

पर्सनल लोन से क्यों है ये सस्ता और बेहतर?

होम लोन टॉप-अप भी एक तरह का पर्सनल लोन ही है, लेकिन ये आपके होम लोन से जुड़ा होता है. आपकी प्रॉपर्टी बैंक के पास पहले से गिरवी होती है, इसलिए बैंक इसे कम जोखिम वाला मानता है और बहुत सस्ती ब्याज दरों पर देता है. आपके टॉप-अप लोन की अवधि भी होम लोन पर निर्भर करती है. चूंकि होम लोन अक्सर लंबे समय के होते हैं, ऐसे में आपको टॉप-अप लोन चुकाने के लिए भी लंबी अ‍वधि मिल जाती है. लंबी अवधि होने पर EMI बहुत बड़ी नहीं बनती, जिससे आप आसानी से लोन चुका सकते हैं.

टॉप-अप लोन के फ़ायदे

पैसों का कहीं भी इस्तेमाल

पर्सनल लोन की तरह ही आप टॉप-अप लोन से मिले पैसों का इस्तेमाल कहीं भी कर सकते हैं जैसे- घर का रेनोवेशन, बच्चों की पढ़ाई, शादी, मेडिकल इमरजेंसी या बिज़नेस की ज़रूरतें.

टैक्स में छूट का लाभ

अगर आप इस पैसे का इस्तेमाल घर की मरम्मत, रेनोवेशन या नए निर्माण के लिए करते हैं, तो आप इनकम टैक्स की धारा 24(b) के तहत ब्याज पर और धारा 80C के तहत मूलधन पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं.

पेपरवर्क बहुत कम

आपका होम लोन पहले से उसी बैंक में चल रहा होता है, इसलिए बैंक के पास आपके सारे दस्तावेज़ मौजूद होते हैं. इससे टॉप-अप लोन की प्रक्रिया बहुत तेज़ और आसान हो जाती है. आपको बहुत ज़्यादा पेपरवर्क की ज़रूरत नहीं पड़ती.

कोई अतिरिक्त सिक्योरिटी नहीं

आपको इस लोन के लिए अलग से कुछ भी गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती, क्योंकि ये आपके मौजूदा होम लोन पर ही दिया जाता है.

टॉप-अप लोन लेने की शर्तें

  • अच्छा पेमेंट रिकॉर्ड: आपकी होम लोन EMI चुकाने की हिस्ट्री एकदम साफ़-सुथरी होनी चाहिए. आपने कभी कोई EMI डिफ़ॉल्ट न की हो.
  • प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू: आपको मिलने वाले टॉप-अप की रकम आपकी प्रॉपर्टी की मौजूदा मार्केट वैल्यू पर भी निर्भर करती है. आमतौर पर, बैंक प्रॉपर्टी वैल्यू का 70-80% तक कुल लोन (मौजूदा होम लोन + टॉप-अप) देता है.
  • इनकम और क्रेडिट स्कोर: आपकी मौजूदा आय और एक अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन मिलने की संभावना को और मज़बूत करता है.

कैसे करें अप्लाई? (Step-by-Step Process)

जिस बैंक से आपका होम लोन चल रहा है, उसकी शाखा में जाएं या ऑनलाइन पोर्टल पर टॉप-अप लोन के लिए आवेदन करें. आपको बताना होगा कि आप ये लोन किसलिए ले रहे हैं. टॉप-अप लोन के लिए बैंक आपसे कुछ बेसिक KYC और आय से जुड़े दस्तावेज़ मांग सकता है. बैंक आपके रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी वैल्यू को जांचने के बाद लोन अप्रूव कर देगा और रकम आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

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