&format=webp&quality=medium)
होम लोन लंबी अवधि का कर्ज है, इसलिए इसका नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में EMI का बोझ घूमने लगता है. तमाम लोगों को लगता है कि अगर सेविंग्स में पैसा पड़ा है तो लोन लेने की बजाय सीधे जमा रकम से घर खरीद लेना ही बेहतर है. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. बड़े-बड़े बिजनेसमैन और हाई नेटवर्थ वाले लोग, जिनके पास कैश की कोई कमी नहीं होती, वो भी होम लोन लेना पसंद करते हैं. वजह साफ है. होम लोन सिर्फ घर खरीदने का जरिया नहीं बल्कि एक स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग टूल है. ये आपके पैसे को सही जगह काम में लगाता है और आपको कई बड़े फायदे दिलाता है. समझिए कैसे?
होम लोन का सबसे बड़ा फायदा है इनकम टैक्स में भारी बचत. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर हर साल 2 लाख रुपए तक की छूट मिलती है. वहीं सेक्शन 80C के तहत प्रिंसिपल अमाउंट पर 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है.
अगर होम लोन जॉइंट है तो पति-पत्नी दोनों मिलकर करीब 7 लाख रुपए तक का टैक्स बचा सकते हैं. यही वजह है कि टैक्स प्लानिंग के लिहाज से होम लोन बेहद फायदेमंद माना जाता है.
ये भी पढ़ें- 60 के बाद भी घर का सपना होगा पूरा! ये शर्तें मान लीं तो रिटायरमेंट के बाद भी बैंक फटाक से अप्रूव करेंगे Home Loan
जब आप होम लोन लेते हैं तो बैंक लोन अप्रूव करने से पहले प्रॉपर्टी के सभी लीगल डॉक्यूमेंट्स की गहराई से जांच करता है.लीगल वेरिफिकेशन के जरिए ये पक्का किया जाता है कि प्रॉपर्टी पर कोई विवाद, फर्जीवाड़ा या अवैध कब्जा न हो.
इससे घर खरीदने वाले को ये भरोसा मिल जाता है कि वो जिस प्रॉपर्टी में निवेश कर रहा है, वो पूरी तरह सुरक्षित है. सीधे शब्दों में कहें तो बैंक आपकी तरफ से एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी चेक कर देता है.
अगर होम लोन में कोई महिला को-एप्लिकेंट है तो ब्याज दर और भी कम हो जाती है. अधिकांश बैंक महिला को-एप्लिकेंट होने पर 0.05 फीसदी तक कम ब्याज दर ऑफर करते हैं. लंबे टेन्योर में यही छोटा सा फर्क लाखों रुपए की बचत में बदल जाता है. यही कारण है कि फैमिली फाइनेंशियल प्लानिंग में महिला को-एप्लिकेंट को शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है.
ये भी पढ़ें- खुद की नई कार लेकर करना चाहते हैं 2026 की शुरुआत, ये फॉर्मूला मिनटों में बताएगा कितनी महंगी कार आपके बजट में आएगी!
होम लोन को बाकी लोन की तुलना में सबसे कस्टमर फ्रेंडली माना जाता है. इसकी ब्याज दर पर्सनल लोन और गोल्ड लोन से काफी कम होती है. साथ ही रीपेमेंट के लिए लंबा समय मिलता है. ग्राहक अपनी सुविधा के हिसाब से प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़ भी कर सकते हैं.
इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको अपनी सारी सेविंग्स एक साथ खर्च नहीं करनी पड़ती और पैसा दूसरे निवेश में भी काम आता रहता है.
होम लोन लेने के बाद आपको टॉप-अप लोन की सुविधा भी मिलती है. टॉप-अप होम लोन दरअसल पर्सनल लोन जैसा ही होता है, लेकिन इसकी ब्याज दर काफी कम होती है. इसका टेन्योर आपके होम लोन के टेन्योर पर निर्भर करता है, इसलिए EMI भी ज्यादा भारी नहीं पड़ती.
अगर आपने पुराना या सेमी-फर्निश्ड घर खरीदा है और उसमें इंटीरियर या रेनोवेशन कराना चाहते हैं, तो टॉप-अप होम लोन एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है.
Q1. क्या कैश होने पर भी होम लोन लेना सही है?
हां. कैश होने पर भी होम लोन लेना स्मार्ट होता है क्योंकि इससे टैक्स बचता है और पैसा दूसरे निवेश में लगाया जा सकता है.
Q2. होम लोन पर कितना टैक्स बेनिफिट मिलता है?
ब्याज पर 2 लाख रुपए तक और प्रिंसिपल पर 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है. जॉइंट लोन में ये फायदा और बढ़ जाता है.
Q3. महिला को-एप्लिकेंट से कितना फायदा होता है?
महिला को-एप्लिकेंट होने पर बैंक 0.05 फीसदी तक कम ब्याज दर ऑफर करते हैं.
Q4. क्या होम लोन पर प्रीपेमेंट किया जा सकता है?
हां. ज्यादातर होम लोन में प्रीपेमेंट और फोरक्लोज़ की सुविधा मिलती है.
Q5. टॉप-अप होम लोन किस काम आता है?
घर के इंटीरियर, रेनोवेशन या दूसरे बड़े खर्चों के लिए टॉप-अप होम लोन कम ब्याज पर मदद करता है.