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अपने घर का सपना हर कोई देखता है, और इस सपने को पूरा करने की सबसे बड़ी सीढ़ी होता है होम लोन. लेकिन सोचिए, आप पूरी तैयारी के साथ बैंक जाएं और आपकी होम लोन एप्लीकेशन खारिज (Reject) हो जाए! यकीनन आपका मूड खराब हो जाएगा. लेकिन इससे आपके सारे रास्ते बंद नहीं हो जाते. बैंक का इनकार आपके सपने का अंत नहीं, बल्कि एक मौका है अपनी कमियों को सुधारने का. यहां जानिए कुछ स्मार्ट तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप बैंक की 'न' को भी 'हां' में बदल सकते हैं और अपने होम लोन को फटाफट अप्रूव करवा सकते हैं.
अगर आपकी इनकम कम है या CIBIL स्कोर उम्मीद के मुताबिक नहीं है, तो अकेले लोन के लिए अप्लाई करने की बजाय किसी को-एप्लीकेंट (सह-आवेदक) को साथ जोड़ना सबसे कारगर तरीकों में से एक है. आप अपने जीवनसाथी, माता-पिता या बच्चों को को-एप्लीकेंट बना सकते हैं. जब दो लोगों की इनकम जुड़ जाती है, तो लोन चुकाने की क्षमता बढ़ जाती है. अगर आपके को-एप्लीकेंट का क्रेडिट स्कोर और इनकम अच्छी है, तो बैंक का भरोसा बढ़ जाता है और लोन अप्रूवल (Loan Approval) के चांस कई गुना बढ़ जाते हैं.
हो सकता है कि आप जिस प्रॉपर्टी को खरीद रहे हैं, उसके लिए बैंक आपको 90% तक लोन देने में सहज न हो. बैंक हमेशा लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो देखता है, यानी वो प्रॉपर्टी की कीमत का कितना प्रतिशत लोन दे रहा है. अगर आप डाउन पेमेंट की राशि बढ़ा देते हैं और बैंक से कम लोन मांगते हैं, तो बैंक का जोखिम कम हो जाता है. कम लोन राशि का मतलब है कम EMI, जिससे आपकी लोन चुकाने की क्षमता बेहतर दिखती है और बैंक आसानी से लोन अप्रूव कर देता है.

होम लोन रिजेक्शन का सबसे आम कारण खराब CIBIL स्कोर होता है. 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है. अगर आपका स्कोर कम है, तो उसे सुधारने पर काम करें. अपनी सभी मौजूदा EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर करें. पुराने छोटे-मोटे कर्ज चुकाकर बंद कर दें. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें और अगर कोई गलती है तो उसे ठीक करवाएं. एक बार जब आपका स्कोर सुधर जाए, तो आप कुछ महीनों बाद दोबारा अप्लाई कर सकते हैं.
बैंक लोन देने से पहले आपका फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो (FOIR) जरूर चेक करता है. इसका मतलब है कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से चल रही EMI, घर के किराए या अन्य देनदारियों में जा रहा है. अगर यह रेशियो 50% से ज्यादा है, तो बैंक को लगता है कि आप नई EMI का बोझ नहीं उठा पाएंगे. इसलिए, नए लोन के लिए अप्लाई करने से पहले पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे छोटे कर्जों को चुकाने की कोशिश करें ताकि आपका FOIR सुधर सके.

अगर आपकी मासिक आय कम होने की वजह से लोन रिजेक्ट हो रहा है, तो आप अपनी आमदनी को बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं या फिर लोन चुकाने की अवधि (Tenure) बढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं. लंबी अवधि का मतलब है कम EMI. इससे आपकी मासिक किस्त आपकी इनकम के दायरे में आ जाएगी और बैंक को यह विश्वास हो जाएगा कि आप आसानी से लोन चुका सकते हैं. हालांकि, ध्यान दें कि लंबी अवधि में आपको कुल मिलाकर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है.
जिस बैंक में आपका सैलरी अकाउंट, सेविंग्स अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) है, वहां होम लोन के लिए अप्लाई करना हमेशा फायदेमंद होता है. बैंक के पास आपके सभी वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड होता है, जिससे आपकी विश्वसनीयता आंकना आसान हो जाता है. एक मौजूदा और अच्छे ग्राहक को बैंक आसानी से लोन दे देता है क्योंकि उसे आपकी वित्तीय स्थिति पर भरोसा होता है.
अगर सभी कोशिशों के बाद भी किसी बड़े बैंक से लोन नहीं मिल पा रहा है, तो आप नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) में आवेदन कर सकते हैं. NBFC के नियम और शर्तें बैंकों की तुलना में थोड़े लचीले होते हैं और वे कम क्रेडिट स्कोर पर भी लोन दे देते हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि NBFC की ब्याज दरें आमतौर पर बैंकों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा होती हैं.
होम लोन रिजेक्शन: समस्या और समाधान
| समस्या (Problem) | समाधान (Solution) |
| कम आय या अस्थिर इनकम | को-एप्लीकेंट के साथ जॉइंट लोन लें. |
| खराब CIBIL स्कोर (750 से कम) | पुरानी EMI/बिल समय पर चुकाएं और स्कोर सुधारें. |
| लोन चुकाने की क्षमता पर शक (High FOIR) | पुराने छोटे कर्ज चुकाकर मासिक देनदारियां कम करें. |
| बैंक को जोखिम ज्यादा लगना (High LTV) | डाउन पेमेंट की रकम बढ़ाएं और कम लोन के लिए अप्लाई करें. |
| मासिक EMI का बोझ ज्यादा होना | लोन चुकाने की अवधि (Tenure) को लंबा चुनें. |
| बैंक से भरोसा न जीत पाना | अपने मौजूदा बैंक में अप्लाई करें जहां आपका खाता है. |
| बैंकों से लगातार रिजेक्शन | NBFC या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से संपर्क करें. |
सबसे आम कारणों में खराब CIBIL स्कोर, कम या अस्थिर आय, अधूरा डॉक्यूमेंटेशन, FOIR का ज्यादा होना, और प्रॉपर्टी के कागजात में कमी शामिल हैं.
आमतौर पर, 750 या उससे अधिक का CIBIL स्कोर होम लोन अप्रूवल के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.
ये रिजेक्शन के कारण पर निर्भर करता है. अगर ऐसा CIBIL स्कोर की वजह से है, तो स्कोर सुधारने के बाद 3-6 महीने बाद अप्लाई करना बेहतर है. अगर डॉक्यूमेंट की कमी थी, तो उसे पूरा करके आप तुरंत भी अप्लाई कर सकते हैं.
हां, बैंक RBI के सख्त नियमों का पालन करते हैं और उनकी ब्याज दरें कम होती हैं, लेकिन वे पात्रता को लेकर सख्त होते हैं. वहीं, NBFC के नियम थोड़े लचीले होते हैं और वे कम स्कोर पर भी लोन दे देते हैं, लेकिन उनकी ब्याज दरें अक्सर बैंकों से ज्यादा होती हैं.