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नया साल आते ही बहुत से लोग अपने सपनों का घर खरीदने की प्लानिंग शुरू कर देते हैं. लेकिन होम लोन लेना सिर्फ EMI भरने का फैसला नहीं है, बल्कि ये लंबे समय का फाइनेंशियल कमिटमेंट होता है. अगर शुरुआत में सही तैयारी नहीं की, तो बाद में बजट बिगड़ सकता है. इसलिए 2026 में होम लोन लेने से पहले इन 6 जरूरी बातों को जरूर समझ लें, ताकि आपका फैसला समझदारीभरा और फायदे का हो.
होम लोन की दुनिया में क्रेडिट स्कोर आपकी पहली पहचान होता है. CIBIL, Equifax, Experian और CRIF जैसी एजेंसियां आपके PAN के जरिए आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री ट्रैक करती हैं.
अधिकतर बैंक 750 या उससे ज्यादा CIBIL स्कोर वालों को आसानी से लोन देते हैं. अगर स्कोर कम है, तो लोन मिल सकता है, लेकिन ब्याज दर ज्यादा और शर्तें सख्त हो सकती हैं. इसलिए घर फाइनल करने से पहले क्रेडिट स्कोर सुधारने पर काम शुरू कर दें.
घर कैसा चाहिए, ये सोचने से पहले ये समझना जरूरी है कि आप कितना घर अफोर्ड कर सकते हैं. आमतौर पर बैंक घर की कीमत का 80-85% तक ही लोन देते हैं.
ध्यान रखें कि आपकी होम लोन EMI, आपकी नेट टेक-होम सैलरी के 40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. साथ ही ये भी सोचें कि अगर भविष्य में ब्याज दर बढ़े, तो EMI बढ़ने पर भी आप उसे संभाल पाएंगे या नहीं.
होम लोन के लिए आपको कम से कम 15-20% रकम खुद लगानी होती है. बेहतर यही है कि आप 20% का टारगेट रखें.
मान लीजिए घर की कीमत ₹80 लाख है, तो करीब ₹16 लाख आपको खुद अरेंज करने होंगे. ये रकम आपकी सेविंग्स, इनहेरिटेंस या PF से निकाली गई रकम हो सकती है. पर्सनल लोन लेकर डाउन पेमेंट करना महंगा सौदा साबित हो सकता है, इसलिए इससे बचें.
क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन जैसे हाई-कॉस्ट कर्ज 18% से 40% तक ब्याज लेते हैं. होम लोन लेने से पहले ऐसे कर्ज खत्म करना बहुत जरूरी है. जब बैंक देखता है कि आपने महंगे लोन चुका दिए हैं, तो आपकी लोन एलिजिबिलिटी बढ़ती है और बेहतर शर्तों पर होम लोन मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.
अपना पुराना बैंक भरोसेमंद हो सकता है, लेकिन बाजार में बाकी बैंकों और NBFCs के ऑफर्स की भी जरूर तुलना करें. सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज, टेन्योर और फ्लेक्सिबिलिटी भी देखें. इससे आपको बेहतर डील नेगोशिएट करने में मदद मिलेगी.
लोन लेने से पहले तय करें कि टेन्योर कितना रखना है, प्री-पेमेंट कब करना है और क्या भविष्य में इनकम बढ़ने पर EMI बढ़ाने की प्लानिंग है. जब ये सारी बातें क्लियर हो जाती हैं, तब आप पूरे कॉन्फिडेंस के साथ होम लोन डील फाइनल कर सकते हैं.
Q1. होम लोन के लिए मिनिमम CIBIL स्कोर कितना होना चाहिए?
अधिकतर बैंकों में 750 या उससे ज्यादा स्कोर पर लोन आसानी से मिल जाता है.
Q2. क्या कम क्रेडिट स्कोर पर होम लोन मिल सकता है?
हां, लेकिन ब्याज दर ज्यादा हो सकती है और शर्तें सख्त हो जाती हैं.
Q3. होम लोन EMI कितनी होनी चाहिए?
EMI आपकी नेट टेक-होम इनकम के 40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
Q4. क्या डाउन पेमेंट के लिए पर्सनल लोन लेना सही है?
नहीं, क्योंकि पर्सनल लोन पर ब्याज बहुत ज्यादा होता है.
Q5. क्या भविष्य में होम लोन प्री-पे किया जा सकता है?
हां, ज्यादातर बैंक फ्लोटिंग रेट लोन पर बिना चार्ज के प्री-पेमेंट की सुविधा देते हैं.