आपकी पॉकेट में 'छेद'कर रहे हैं ये चार्ज! बैंक भी नहीं बताता, फिर चुपके से लगा देते हैं ये 5 हिंडन Charges

कुछ छोटे-छोटे ये चार्जेस नजरअंदाज करने लायक लग सकते हैं, लेकिन ये आगे चलकर मिलकर सालाना हजारों रुपए की चपत लगा सकते हैं.तो इसलिए अभी वक्त है जागरूक बनने का और इन चार्ज को समझकर अपने पैसों की बचत करें.
आपकी पॉकेट में 'छेद'कर रहे हैं ये चार्ज! बैंक भी नहीं बताता, फिर चुपके से लगा देते हैं ये 5 हिंडन Charges


बैंकिंग करते टाइम हम अक्सर केवल बड़े ट्रांजेक्शन या ब्याज दरों पर ध्यान तो देते हैं, लेकिन कुछ ऐसे छुपे हुए चार्ज भी होते हैं जो धीरे-धीरे हमारी जेब में बड़ा 'छेद' कर देते हैं और उन पर हम कभी ध्यान ही नहीं देते हैं. जी हां एटीएम ट्रांजेक्शन की लिमिट पार करने पर लगने वाला चार्ज, डेबिट कार्ड का सालाना शुल्क, बिना जानकारी के कटने वाला एसएमएस चार्ज, मिनिमम बैलेंस मेंटेन न करने की पेनाल्टी और खाते की इनएक्टिविटी फीस, तो ये सभी मिलकर आपकी सालाना बचत को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में आप जागरूक बनें, हर चार्ज की जानकारी लें और बैंक से जुड़े हर फैसले में सतर्कता बरतें.

क्रेडिट कार्ड चार्जेस

EMI कन्वर्जन फीस, विदेशी लेन-देन पर एक्स्ट्रा चार्ज और लेट पेमेंट पेनाल्टी जैसे चार्ज धीरे-धीरे जुड़ते जाते हैं. असल में अधिकतर लोग इन चार्ज को तब तक नोटिस नहीं करते हैं, जब तक बिल में कोई बड़ा अमाउंट नहीं दिख जाता या फाइन प्रिंट नहीं पढ़ा जाता है.

म्यूचुअल फंड खर्च का लेखा-जोखा

रेगुलर म्यूचुअल फंड प्लान, डायरेक्ट प्लान की तुलना में हर साल करीब 1–2% ज्यादा खर्च वसूलते हैं.जी हां लंबे टाइम में यह खर्च आपके रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है, जबकि आपको कोई एक्स्ट्रा फायदा नहीं मिलता है.

बैंक अकाउंट और एटीएम फीस

SMS अलर्ट से लेकर एटीएम से बार-बार पैसे निकालने तक,कई ऐसी बैंक सर्विसेज होती हैं जिनके लिए चुपचाप चार्ज वसूला जाता है. तो फिर अगर इन पर समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो सालभर में ये चार्ज करीब 1,000 रुपए से ज्यादा भी हो सकते हैं.

डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट में छुपे खर्चे

सालाना मेंटेनेंस फीस, कस्टोडियन चार्ज और लॉन्ग टाइम तक अकाउंट एक्टिव ना रखने पर लगने वाले पेनाल्टी – ये सब मिलकर आपके स्टॉक मार्केट प्रॉफिट को धीरे-धीरे कम कर सकते हैं, स्पेशली अगर आपके पास कई डिएक्टिवेट अकाउंट हैं.

इन्वेस्टमेंट ऐप्स की प्लेटफॉर्म फीस

कई निवेश ऐप्स सलाह या प्लेटफॉर्म भी आपसे फीस वसूलते हैं, जिनका जिक्र शुरुआत में कभी नहीं किया जाता है. वैसे कुछ ऐप तो ऐसे फंड्स या प्रोडक्ट्स बेचते हैं जिनमें छुपे हुए कमीशन भी होते हैं, जो आपके रिटर्न को धीरे-धीरे खा जाते हैं.

इंश्योरेंस में छुपे राइडर चार्ज

एक्सीडेंट कवर, क्रिटिकल इलनेस राइडर और प्रीमियम माफ करने वाले ऐड-ऑन सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन इन पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज ज़्यादातर लोगों की नज़र से बच जाते हैं , जब तक कि पॉलिसी का रिन्यूअल नहीं आता.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए)

FAQ

1. सवाल: क्या ATM से अधिक बार पैसे निकालने पर चार्ज लगता है?
जवाब: हां, बैंक आमतौर पर महीने में 3 से 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा देते हैं, इसके बाद हर निकासी पर ₹10 से ₹25 तक चार्ज लिया जा सकता है.

2. सवाल: डेबिट कार्ड का सालाना शुल्क क्या होता है?
जवाब: ज्यादातर बैंकों में डेबिट कार्ड के लिए ₹100 से ₹500 तक का वार्षिक शुल्क लिया जाता है, जो ऑटोमैटिक अकाउंट से कट जाता है.

3. सवाल: एसएमएस अलर्ट चार्ज क्यों और कितना लगता है?
जवाब: बैंक आपको ट्रांजेक्शन अपडेट देने के लिए एसएमएस भेजते हैं, जिसका सालाना शुल्क ₹12 से ₹25 तक हो सकता है, जो बिना सूचना के कट जाता है.

4. सवाल: मिनिमम बैलेंस न रखने पर कितना जुर्माना लगता है?
जवाब: अलग-अलग बैंकों में यह जुर्माना ₹10 से ₹600 तक हो सकता है, जो बैलेंस की कमी और खाता प्रकार पर निर्भर करता है.

5. सवाल: क्या इनएक्टिव बैंक अकाउंट पर भी चार्ज लगता है?
जवाब: हां, यदि आपका खाता लंबे समय तक इनएक्टिव रहता है तो बैंक मेंटेनेंस चार्ज या पेनाल्टी ले सकते हैं.ऐसे खाते को दोबारा एक्टिव करने की प्रक्रिया भी होती है.

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