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फेस्टिव सीजन से ठीक पहले एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को एकत बड़ी राहत दी है.असल में बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को चुनिंदा अवधि के लिए 5 बेसिस प्वाइंट तक घटा दिया है.जी हां अब इसका सीधा फायदा उन लोगों को होगा जिनके लोन MCLR से जुड़े हैं. दरअसल, ब्याज दरें घटने से EMI में कमी आएगी और उधार लेना सस्ता हो जाएगा. ऐसे समय में जब लोगों को कार और होम लोन जैसी जरूरतें पूरी करनी होती हैं, यह फैसला जेब पर बोझ कम करने में मदद करेगा.अब EMI पर सीधा असर होगा और उधार लेना थोड़ा आसान हो जाएगा.
मतलब ये है कि HDFC Bank ने अपने Marginal Cost of Funds-based Lending Rate (MCLR) में कटौती की है.असल में बैंक ने चुनिंदा टेन्योर पर ब्याज दरें 5 बेसिस प्वाइंट (bps) तक घटा दी हैं। बता दें, 1 बेसिस प्वाइंट यानी 0.01% होता है.
बैंक की नई दरें अब 8.55% से 8.75% के बीच रहेंगी, जो अलग-अलग लोन अवधि के हिसाब से तय होंगी.
ओवरनाइट और 1 महीने का MCLR – 8.55%
3 महीने का MCLR – 8.60%
6 महीने और 1 साल का MCLR – 8.65% (पहले 8.70%)
2 साल का MCLR – 8.70% (पहले 8.75%)
3 साल का MCLR – 8.75% (कोई बदलाव नहीं)
आपको बता दें कि एचडीएफसी बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, नई दरें हम समझेंगे
-ओवरनाइट और 1 मंथ का MCLR: 8.55% (यानी कि इसमें कोई बदलाव नहीं है)
-3 मंथ का MCLR: करीब 8.60%
-6 मंथ और 1 साल का MCLR: कम होकर 8.65% (पहले 8.70%)
-2 साल का MCLR: 8.70% (पहले से 8.75%)
-3 साल का MCLR: 8.75% (कोई चेंज नहीं है)
यानि कि 6 महीने और 1 साल की अवधि वाले लोन पर EMI में थोड़ी राहत मिलेगी. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ने 50 लाख रुपए का होम लोन 20 साल के लिए लिया है, तो उसकी मासिक EMI में लगभग 250 से 300 रुपए तक की बचत हो सकती है.
| अवधि (Tenor) | एमसीएलआर (MCLR) |
|---|---|
| ओवरनाइट | 8.55% |
| 1 महीना | 8.55% |
| 3 महीने | 8.60% |
| 6 महीने | 8.65% |
| 1 साल | 8.65% |
| 2 साल | 8.70% |
| 3 साल | 8.75% |
MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट, जो किसी भी बैंक का न्यूनतम लेंडिंग रेट होता है. यानी कि बैंक इससे कम ब्याज दर पर लोन नहीं दे सकता,इसे साल 2016 में RBI ने लागू किया था.
HDFC Bank की वेबसाइट के मुताबिक, बैंक के होम लोन रेपो रेट से लिंक्ड हैं.
सैलरीड और सेल्फ-एम्प्लॉयड (प्रोफेशनल व नॉन-प्रोफेशनल) ग्राहकों के लिए ब्याज दरें 7.90% से 13.20% के बीच हैं (8 सितंबर 2025 तक लागू).
बैंक की कैलकुलेशन के अनुसार, होम लोन ब्याज दर = पॉलिसी रेपो रेट + 2.4% से 7.7% = 7.90% से 13.20%.
बेस रेट और BPLR
HDFC Bank का बेस रेट – 9.35% (25 जून 2025 से लागू)
बेंचमार्क PLR (BPLR) – 17.85% प्रतिवर्ष (25 जून 2025 से लागू)
HDFC Bank आम नागरिकों के लिए 2.75% से 6.60% और सीनियर सिटीजन के लिए 3.25% से 7.10% की FD ब्याज दरें ऑफर कर रहा है (3 करोड़ रुपए से कम निवेश पर).
सबसे अधिक ब्याज दर – 6.60% (जनरल) और 7.10% (सीनियर सिटीजन)
टेन्योर – 18 महीने से 21 महीने से कम
वैसे तो ये दरें 25 जून 2025 से लागू हैं. यानी कि आसान शब्दों में कहें तो HDFC Bank की नई दरों से MCLR से लिंक्ड लोन की EMI थोड़ी सस्ती हो जाएगी.
5 FAQs
Q1. एचडीएफसी बैंक ने MCLR कितनी घटाई है?
Ans: बैंक ने चुनिंदा अवधि के लिए MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट (0.05%) तक की कटौती की है.
Q2. इस कटौती का फायदा किसे मिलेगा?
Ans: उन ग्राहकों को फायदा होगा जिनके लोन MCLR से जुड़े हैं.
Q3. EMI पर कितना असर पड़ेगा?
Ans: EMI में थोड़ी कमी होगी। उदाहरण के लिए, 50 लाख रुपये के 20 साल वाले होम लोन पर 250-300 रुपये प्रति माह की बचत हो सकती है.
Q4. यह राहत किन लोन पर लागू होगी?
Ans: यह बदलाव होम लोन, कार लोन और अन्य MCLR आधारित लोन पर लागू होगा.
Q5. इस फैसले से उधार लेना कैसे आसान होगा?
Ans: ब्याज दरें घटने से EMI कम होगी, जिससे ग्राहकों का मासिक बोझ घटेगा और उधार लेना आसान हो जाएगा.
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