&format=webp&quality=medium)
कभी-कभी अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है और बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन लेने में सबसे बड़ी रुकावट होती है कम सिबिल स्कोर (Low Cibil Score). ज्यादातर पर्सनल लोन, होम लोन या अन्य किसी तरह के कर्ज के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर जरूरी होता है. लेकिन एक लोन ऐसा है, जिसमें आपका सिबिल बहुत मायने नहीं रखता.
अगर आपका सिबिल स्कोर कम भी है, तो भी बैंक या वित्तीय संस्थान आपके लोन को अप्रूव कर देते हैं और फटाफट आपके पैसों से जुड़ी जरूरत पूरी हो जाती है. ये लोन है गोल्ड लोन (Gold Loan). सोने के बदले मिलने वाला ये लोन आसान प्रोसेस और जल्दी अप्रूवल की वजह से काफी पॉपुलर है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी.
गोल्ड लोन में में आप अपने सोने को बैंक या किसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के पास जमा करते हैं और उसके बदले में आपको उसकी कीमत का एक निश्चित प्रतिशत लोन के रूप में मिल जाता है. ये एक 'सुरक्षित ऋण' (Secured Loan) होता है. इस लोन की खासियत है कि इसमें आपके क्रेडिट स्कोर की जांच सख्ती से नहीं होती क्योंकि लोन के बदले सोना बैंक के पास सिक्योरिटी के रूप में रहता है. अगर समय पर लोन नहीं चुकाया जाता तो बैंक सोना बेचकर बकाया रकम वसूल सकता है. यही वजह है कि सिबिल स्कोर कम होने पर भी बैंक गोल्ड लोन देने से नहीं कतराते.
बैंक या एनबीएफसी गोल्ड की वैल्यू का 70% से 90% तक लोन देते हैं. सोने की शुद्धता जितनी बेहतर होगी, उतनी ज्यादा रकम मिलने की संभावना होती है. गोल्ड लोन पर्सनल लोन वगैरह की तुलना में सस्ता होता है क्योंकि ये सिक्योर्ड लोन होता है. ब्याज दर लोन देने वाली कंपनी, लोन की रकम और रीपेमेंट अवधि पर निर्भर करती है. प्रोसेसिंग फीस भी 0.5% से 2% तक हो सकती है.
गोल्ड लोन की खासियत ये है कि आप ब्याज को मासिक, त्रैमासिक या सालाना चुका सकते हैं. कई बैंक बुलेट रीपेमेंट का विकल्प भी देते हैं, जिसमें आप तय समय पर पूरा मूलधन और ब्याज एक साथ चुका सकते हैं.