Gold Loans की चमक बढ़ी: कमजोर क्रेडिट ग्रोथ में भी दिखा 124% का ज़बरदस्त उछाल! ये रहे बड़े कारण

हाल के दिनों में, भारतीय बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ भले ही धीमी रही हो, लेकिन एक सेगमेंट ऐसा है जिसने सभी को चौंका दिया है - गोल्ड लोन्स. ये लोन प्रोडक्ट लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है और निवेशकों और फाइनेंशियल ऑर्गेनाइजेशंस का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. जानिए इस शानदार ग्रोथ के पीछे के कारणों और बैंकों व NBFCs पर इसके असर के बारे में.
Gold Loans की चमक बढ़ी: कमजोर क्रेडिट ग्रोथ में भी दिखा 124% का ज़बरदस्त उछाल! ये रहे बड़े कारण

भारतीय अर्थव्यवस्था में क्रेडिट का फ्लो किसी भी विकास के लिए जरूरी होता है. लेकिन जब पारंपरिक लोन सेगमेंट धीमी गति से बढ़ रहे हों, तब किसी एक सेगमेंट का इतनी तेज़ी से बढ़ना वाकई ध्यान खींचता है. गोल्ड लोन एक ऐसा ही सेगमेंट है, जिसने हाल ही में ज़बरदस्त उछाल दर्ज की है, जो बैंकों और NBFCs दोनों के लिए एक बड़ा मौका बन गया है.

गोल्ड लोन्स में रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ: जून 2025 के आंकड़े

लेटेस्‍ट आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 तक गोल्ड लोन्स में 124% की सालाना (YoY) ग्रोथ देखी गई है. ये आंकड़ा विशेष रूप से प्रभावशाली है जब हम इसकी तुलना अन्य प्रमुख लोन श्रेणियों से करते हैं:

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  • Gold Loans: 124% की ज़बरदस्त वृद्धि
  • Credit Card Loans: केवल 7% की वृद्धि
  • Personal Loans: 9% की वृद्धि

पिछले साल भी, गोल्ड लोन की रफ्तार बाकी लोन सेगमेंट से आगे रही थी, जो इस ट्रेंड की कन्‍टीन्‍यूटी को दिखाता है. ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय उपभोक्ता और छोटे व्यवसाय अब अपनी नकदी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए गोल्ड लोन्स की ओर तेज़ी से रुख कर रहे हैं.

गोल्ड लोन की मांग क्यों बढ़ रही है?

गोल्ड लोन की इस वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:

सोने की बढ़ती कीमतें (Gold Price Appreciation)

पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है. जब सोने की कीमत बढ़ती है, तो कोलैटरल (गिरवी रखा गया सोना) का मूल्य भी बढ़ जाता है. इससे उधारकर्ताओं को अपने मौजूदा सोने पर ज़्यादा लोन राशि मिल पाती है, जिससे ये एक आकर्षक विकल्प बन जाता है.

Semi-Urban और Urban MSMEs/Individual Borrowers से ग्रोथ

गोल्ड लोन की ज़्यादातर ग्रोथ सेमी-अर्बन और अर्बन क्षेत्रों के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और व्यक्तिगत उधारकर्ताओं से आ रही है.

नए गोल्ड लोन गाइडलाइंस से स्पष्टता

हाल ही में जारी किए गए गोल्ड लोन गाइडलाइंस ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इस सेगमेंट में काम करने के लिए ज़्यादा स्पष्टता प्रदान की है. इससे उन्हें अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ाने और ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ गोल्ड लोन प्रोडक्ट्स को आगे बढ़ाने का मौका मिला है.

भारत में सोने की उपलब्धता और कम NPAs

भारत में सोना एक आसानी से उपलब्ध कोलैटरल है. लगभग हर भारतीय परिवार के पास कुछ मात्रा में सोना होता ही है. ये इसकी स्वीकार्यता को बढ़ाता है. साथ ही, गोल्ड लोन पारंपरिक रूप से कम NPAs वाला सेगमेंट रहा है क्योंकि गिरवी रखे गए सोने की कीमत लोन राशि के लिए सुरक्षा प्रदान करती है. ये बैंकों और NBFCs दोनों को इस सेगमेंट में ज्‍यादा सक्रिय होने के लिए प्रोत्साहित करता है.

NPA की स्थिति: बैंक Vs NBFCs

किसी भी लोन सेगमेंट की स्थिरता के लिए नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) का स्तर महत्वपूर्ण होता है. गोल्ड लोन्स के मामले में, बैंकों और NBFCs की स्थिति अलग-अलग रही है.

बैंकों की स्थिति स्थिर

शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक्स (Scheduled Commercial Banks) के लिए गोल्ड लोन NPAs का प्रतिशत स्थिर रहा है. मार्च 2023 में ये 0.20% था, जो मार्च 2025 में मामूली बढ़कर 0.22% हो गया. ये दर्शाता है कि बैंक गोल्ड लोन बांटने में सावधानी बरत रहे हैं और उनके लिए ये सेगमेंट अपेक्षाकृत सुरक्षित बना हुआ है.

NBFCs पर NPA का दबाव

हालांकि, अपर और मिड-लेयर NBFCs में गोल्ड लोन NPAs का दबाव बढ़ा है. मार्च 2023 में इनका NPA 1.21% था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 2.14% हो गया. ये वृद्धि NBFCs के लिए एक चिंता का विषय हो सकती है और उन्हें अपनी Risk Management Strategies पर फिर से विचार करने की जरूरत है.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: जून 2025 तक गोल्ड लोन में कितनी ग्रोथ देखी गई है?

A1: जून 2025 तक गोल्ड लोन्स में 124% की सालाना (YoY) ग्रोथ देखी गई है.

Q2: अन्य पर्सनल लोन्स की तुलना में गोल्ड लोन की ग्रोथ कैसी रही है?

A2: गोल्ड लोन में 124% की ग्रोथ देखी गई है, जबकि क्रेडिट कार्ड लोन में केवल 7% और अन्य पर्सनल लोन में 9% की ग्रोथ रही है. ये दिखाता है कि गोल्ड लोन बाकी सभी से आगे है.

Q3: बैंकों के लिए गोल्ड लोन NPAs की क्या स्थिति है?

A3: शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक्स के लिए गोल्ड लोन NPAs स्थिर रहे हैं, जो मार्च 2025 तक 0.22% थे.

Q4: गोल्ड लोन की मांग बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?

A4: गोल्ड लोन की मांग बढ़ने के मुख्य कारण सोने की बढ़ती कीमतें (जिससे कोलैटरल वैल्यू बढ़ी), सेमी-अर्बन और अर्बन MSMEs/व्यक्तिगत उधारकर्ताओं से आती मांग, और नए गोल्ड लोन गाइडलाइंस से मिली स्पष्टता हैं.

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