&format=webp&quality=medium)
भारत में ज्यादातर सुरक्षित इन्वेस्टमेंट के नाम पर सबसे पहले बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बारे में सोचते हैं.असल में FD को आसान, भरोसेमंद और सेफ माना जाता है. लेकिन बदलते ब्याज दर चक्र, बढ़ती महंगाई और टैक्स नियमों के कारण अब सिर्फ FD पर निर्भर रहना समझदारी नहीं माना जा रहा.
तो अगर आपका लक्ष्य स्थिर इनकम के साथ बेहतर पोस्ट-टैक्स रिटर्न पाना है, तो अब पारंपरिक FD से आगे बढ़कर एक डाइवर्सिफाइड फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो बनाना जरूरी हो सकता है.
जिन निवेशकों का निवेश अवधि दो साल या उससे ज्यादा है, वे फिक्स्ड इनकम में भी डायवर्सिटी ला सकते हैं.
इसका मतलब ज्यादा जोखिम लेना नहीं, बल्कि समझदारी से अलग-अलग विकल्पों का संतुलन बनाना है।
एक बैलेंस फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो में ये ऑप्शन शामिल हो सकते हैं
बैंक FD
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट
सरकारी बॉन्ड (G-Secs)
डेट म्यूचुअल फंड
इनकम + आर्बिट्राज फंड
आर्बिट्राज फंड
इक्विटी सेविंग्स फंड
सरकारी बॉन्ड सुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि इन्हें सरकार का समर्थन होता है.
सक्रिय रूप से मैनेज किए जाने वाले डेट फंड ब्याज दर के उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं.

यह नई कैटेगरी करीब 50-60% डेट और 40-50% आर्बिट्राज प्लानिंग में इन्वेस्टमेंट करती है. जो दो साल से ज्यादा की अवधि पर इनमें लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 12.5% लगता है, जो कई मामलों में FD की तुलना में ज्यादा टैक्स-एफिशिएंट हो सकता है.
जो निवेशक थोड़ा लिमिट में रिस्क लेने को तैयार हैं, वे इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं.असल में इनमें अस्थिरता कम रखने की कोशिश की जाती है, लेकिन रिटर्न FD से बेहतर हो सकता है.
डाइवर्सिफिकेशन का उद्देश्य ज्यादा रिटर्न के पीछे भागना नहीं है,बल्कि पूंजी को सुरक्षित रखते हुए महंगाई से आगे निकलना है.
FD को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, लेकिन सिर्फ उसी पर निर्भर रहना आज के समय में पर्याप्त नहीं हो सकता है.तो फिर इसलिए समझदारी से संतुलित और डायवर्सिटी फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो बनाकर आप स्थिरता, तरलता और बेहतर पोस्ट-टैक्स रिटर्न का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)
1. क्या FD पूरी तरह सुरक्षित है?
FD में पूंजी सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन टैक्स और महंगाई के बाद रियल रिटर्न कम हो सकता है
2. FD पर टैक्स कैसे लगता है?
FD का ब्याज आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है
3. G-Secs क्या होते हैं?
सरकारी बॉन्ड जिन्हें सरकार का समर्थन होता है, इसलिए इन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है
4. डेट म्यूचुअल फंड कैसे मदद कर सकते हैं?
ये ब्याज दर के उतार-चढ़ाव को मैनेज करने में सक्षम होते हैं और लिक्विडिटी भी देते हैं
5. क्या डाइवर्सिफिकेशन में ज्यादा जोखिम है?
जरूरी नहीं। संतुलित एसेट एलोकेशन से जोखिम नियंत्रित रखते हुए बेहतर पोस्ट-टैक्स रिटर्न पाया जा सकता है