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आज के समय में बहुत लोग Fixed Deposit यानी FD को एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश मानते हैं. हर उम्र का निवेशक FD में पैसा लगाना पसंद करता है क्योंकि इसमें न तो मार्केट का रिस्क होता है और न ही रिटर्न की टेंशन. लेकिन अगर FD में निवेश करते समय आपने कुछ बेसिक गलतियां कर दीं, तो खुद ही अपना नुकसान करवा बैठेंगे. अधिकतर लोग ये भूल कर देते हैं, इसका कारण है कि वो पहले से सोच-समझकर फैसला नहीं लेते. अगर आप भी FD में पैसा लगाने जा रहे हैं, तो पहले इन गलतियों के बारे में अच्छे से जान लें.
बहुत लोग सिर्फ बैंक द्वारा दिए जा रहे ब्याज को देखकर FD का समय चुन लेते हैं, लेकिन टेन्योर चुनने से पहले आपको अपने फाइनेंशियल गोल्स, भविष्य की जरूरतों और लिक्विडिटी पर विचार करना चाहिए. अगर आपने सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर एफडी में पैसा लगा दिया, लेकिन पैसों की जरूरत पड़ने पर उस एफडी को समय से पहले ही तुड़वा लिया तो आपको उस ब्याज दर का फायदा ही नहीं मिलेगा, जिसको देखकर आपने पैसा इन्वेस्ट किया था क्योंकि बैंक प्रीमैच्योर क्लोजर के चलते पेनल्टी चार्ज काट लेगा.
आमतौर पर समय से पहले FD ब्रेक करने पर 1% तक का पेनल्टी चार्ज लगता है. ऐसे में एफडी कराते समय टेन्योर सोच समझकर चुनें. बिना जरूरत के लंबी अवधि की FD बनाना और बाद में उसे तोड़ना, नुकसान का सौदा बन सकता है.
अगर आप 5 लाख रुपए हैं और आप उसे FD में निवेश करना चाहते हैं, तो इसे एक ही FD में मत लगाइए क्योंकि अगर आपको कभी पैसों की जरूरत पड़ेगी और आपने FD को तुड़वाया तो नुकसान झेलना पड़ेगा. बेहतर तरीका ये है कि आप इस निवेश को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दें. जैसे आप 1-1 लाख रुपए की 5 एफडी करवा सकते हैं. इसके लिए आप अलग-अलग टेन्योर भी चुन सकते हैं.
ऐसा करने का फायदा ये है कि अगर बीच में आपको कभी 1 लाख की जरूरत पड़ी या 2 लाख की जरूरत पड़ी तो आपको 1 या 2 FD को तुड़वाना पड़ेगा. ऐसे में 1 या 2 एफडी पर ही पेनल्टी लगेगी, बाकी के पैसे पर पूरा ब्याज मिलेगा. लेकिन अगर आप 5 लाख की 1 एफडी करवाते तो आपको 1 या 2 लाख की जरूरत पड़ने पर 5 लाख की एफडी को तुड़वाना पड़ता और उसका नुकसान पूरी रकम पर होता.
हां, अगर आप FD मैच्योर होने से पहले ब्रेक करते हैं तो आपको लगभग 0.5%-1% तक पेनल्टी देनी पड़ सकती है.
हां, बिल्कुल. आप अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक एक ही बैंक में कई FD ओपन कर सकते हैं.
FD Laddering का मतलब है एक बड़ी रकम को छोटी-छोटी FD में बांटना ताकि जरूरत पड़ने पर सिर्फ एक FD ब्रेक करनी पड़े.
हां, FD का ब्याज निवेश के समय तय हो जाता है और मैच्योरिटी तक वही रहता है.
हां, 5 साल वाली टैक्स सेविंग FD से Section 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है.