बैंक से लोन लेने वालों के लिए बड़ी खबर! वित्त मंत्री करेंगी सरकारी बैंकों के साथ बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सरकारी बैंकों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में रेपो रेट में कटौती का फायदा जनता को पास करने के मामले पर चर्चा होगी. 
बैंक से लोन लेने वालों के लिए बड़ी खबर! वित्त मंत्री करेंगी सरकारी बैंकों के साथ बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

FM Nirmala Sitharaman Meeting with PSBs: होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए एक बहुत जरूरी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून महीने की अपनी MPC बैठक में लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है. RBI ने इस बार ब्याज दरों (Repo Rate) में 0.50 फीसदी की कटौती का ऐलान किया. इसे लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सरकारी बैंकों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है. वित्त मंत्री शुक्रवार को सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ रिव्यू बैठक करेंगी. इस बैठक में रेपो रेट में कटौती का फायदा जनता को पास करने के मामले पर चर्चा होगी.

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री इस बैठक में ग्राहकों को रेपो रेट कटौती का फायदा जल्द देने के मुद्दे पर चर्चा कर सकती हैं. दरअसल, कई बैंकों ने अभी तक ग्राहकों को रेपो रेट में कटौती का फायदा नहीं पहुंचाया है.

ब्याज दरों में कटौती का फायदा ग्राहकों को दें बैंक : RBI बुलेटिन

Add Zee Business as a Preferred Source

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सभी बैंकों को नीतिगत दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों तक तेजी से पहुंचाते हुए कर्ज को सस्ता करना चाहिए. केंद्रीय बैंक ने इसी महीने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.50 प्रतिशत घटाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है. रिजर्व बैंक के जून बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए वित्तीय स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.

कई बैंकों ने की ब्याज दरों में कटौती

अधिकांश बैंक फरवरी और अप्रैल में घोषित दरों में कटौती का लाभ अपने ग्राहकों तक पहले ही पहुंचा चुके हैं.भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और एचडीएफसी बैंक सहित कई बड़े बैंक छह जून को आरबीआई द्वारा रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की भारी कटौती के कुछ ही दिन के भीतर अपनी मानक ऋण दर से जुड़ी ब्याज दर में इतनी ही कटौती कर चुके हैं.

RBI ने CRR में भी की कटौती

इसी महीने रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती के अलावा, आरबीआई ने वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान चरणबद्ध तरीके से नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में एक प्रतिशत की कटौती करके इसे शुद्ध मांग और सावधि देयताओं (एनडीटीएल) के तीन प्रतिशत तक लाने की घोषणा की थी.

रिजर्व बैंक के जून, 2025 के बुलेटिन में ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ विषय पर प्रकाशित लेख में कहा गया, “वित्तीय स्थितियां ब्याज दर में कटौती का लाभ ऋण बाजार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं.”

सीआरआर में कटौती से दिसंबर, 2025 तक बैंकिंग प्रणाली में लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी. लेख में कहा गया, “टिकाऊ तरलता प्रदान करने के अलावा, यह बैंकों के लिए कोष की लागत को कम करेगा, जिससे ऋण बाजार में मौद्रिक नीति संचरण की सुविधा होगी.”

लेख में कहा गया है कि फरवरी-अप्रैल-2025 के दौरान नीतिगत रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती बैंकों की रेपो से संबद्ध बाहरी मानक आधारित कर्ज दरों (ईबीएलआर) और कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) में दिखती है. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और भारतीय रिजर्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6