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फेस्टिव सीजन के दौरान डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में औसत प्रतिदिन यूपीआई लेनदेन की वैल्यू 94,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, जो सितंबर की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है. यह ग्रोथ अहम रूप से दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के कारण हुई है, जब लोग खरीदारी और उपहारों के लिए डिजिटल भुगतान का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर में यूपीआई का इस्तेमाल अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है.पूरे देश में डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी अब 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है. सिर्फ वैल्यू ही नहीं, बल्कि यूपीआई लेनदेन की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर है. दीपावली की पूर्व संध्या पर यूपीआई के माध्यम से एक ही दिन में 74 करोड़ लेनदेन किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
अक्टूबर महीने में अब तक औसत प्रतिदिन लेनदेन की संख्या 69.5 करोड़ रही है, जो सितंबर के 65.4 करोड़ से 6 प्रतिशत अधिक है. यह दिखाता है कि त्योहारों के दौरान यूपीआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. पिछले साल भी दशहरा और दीपावली के समय यूपीआई लेनदेन में उल्लेखनीय ग्रोथ दर्ज की गई थी.इस साल भी त्योहारों के कारण डिजिटल पेमेंट गतिविधि में तेजी बनी हुई है.
विशेषज्ञों के अनुसार, महीने की शुरुआत में ज्यादातर लोग वेतन और ईएमआई भुगतान के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद महीने के मध्य तक लेनदेन में थोड़ी गिरावट आ जाती है. वैसे आमतौर पर यह संख्या लगभग 60,000 करोड़ रुपए के दैनिक स्तर तक गिर जाती है. लेकिन इस अक्टूबर, दीपावली के कारण लेनदेन की गति लगातार बढ़ी हुई है और इससे पूरे महीने में रिकॉर्ड दर्ज होने की उम्मीद है.
20 अक्टूबर तक, यूपीआई लेनदेन की वैल्यू ने छह दिन के लिए एक लाख करोड़ रुपए की सीमा को पार कर लिया है, जो कि सितंबर के मुकाबले दोगुना है.इसका मतलब है कि लोग त्योहारों के दौरान पहले से ज्यादा डिजिटल भुगतान कर रहे हैं. अक्टूबर में यूपीआई की मासिक लेनदेन वैल्यू पहली बार 28 लाख करोड़ रुपए के पार जाने की संभावना है, जबकि वर्तमान रिकॉर्ड 25 लाख करोड़ रुपए है.
विशेषज्ञों का मानना है कि फेस्टिव सीजन यूपीआई और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का एक प्रमुख कारण है. खरीदारी, उपहार और त्योहारी खर्च के कारण लोग कैश के बजाय यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।. इसके अलावा, व्यापारी भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या और वैल्यू दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है.
इस तरह देखा जाए तो अक्टूबर 2025 यूपीआई के लिए एक ऐतिहासिक महीना साबित होने जा रहा है. नए रिकॉर्ड और लगातार बढ़ते लेनदेन के साथ, यह साल फेस्टिव सीजन में डिजिटल भुगतान की ताकत को साबित करता है. यूपीआई का यह बढ़ता चलन आने वाले समय में देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा और त्योहारों के दौरान डिजिटल भुगतान को एक नया मुकाम देगा.
5 FAQs – UPI Festive Season
1. अक्टूबर 2025 में यूपीआई लेनदेन की औसत वैल्यू कितनी रही?
अक्टूबर 2025 में औसत प्रतिदिन यूपीआई लेनदेन की वैल्यू 94,000 करोड़ रुपए रही, जो सितंबर की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है.
2. फेस्टिव सीजन में यूपीआई का इस्तेमाल क्यों बढ़ जाता है?
त्योहारों जैसे दशहरा और दीपावली पर लोग खरीदारी, उपहार और ऑनलाइन भुगतान के लिए यूपीआई का अधिक इस्तेमाल करते हैं, जिससे लेनदेन में तेजी आती है.
3. दीपावली की पूर्व संध्या पर यूपीआई का एक दिन का रिकॉर्ड क्या रहा?
दीपावली की पूर्व संध्या पर यूपीआई के माध्यम से एक ही दिन में 74 करोड़ लेनदेन हुए, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
4. देश में डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी कितनी है?
देश में डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी अब लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
5. अक्टूबर 2025 में यूपीआई की मासिक लेनदेन वैल्यू कितनी होने की संभावना है?
अक्टूबर 2025 में यूपीआई की मासिक लेनदेन वैल्यू पहली बार 28 लाख करोड़ रुपए के पार जाने की संभावना है, जबकि वर्तमान रिकॉर्ड 25 लाख करोड़ रुपए है.
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