&format=webp&quality=medium)
त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है और साथ ही ग्राहकों को लुभाने के लिए ढेर सारे ऑफर्स भी. इनमें से एक सबसे आकर्षक ऑफर होता है 'नो कॉस्ट EMI'. सुनने में ये जितना शानदार लगता है, उतना ही भ्रमित करने वाला भी हो सकता है. इस ऑप्शन के जरिए आप उन चीजों को भी आसानी से खरीद पाते हैं, जिनकी कीमत आपके बजट से बाहर होती है.
लेकिन No Cost EMI हमेशा 'नो कॉस्ट' नहीं होती. अक्सर इसके साथ भी कुछ चार्जेज जुड़े होते हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं होती है. लेकिन इनका असर आपकी जेब पर पड़ता है. फेस्टिव सीजन में अगर आप भी इस ऑप्शन को चुनने का सोच रहे हैं तो एक बार इसकी हकीकत को जान लें.
नो कॉस्ट EMI का मतलब होता है 'नो एक्स्ट्रा कॉस्ट इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट' (No Extra Cost Equated Monthly Installment). इसका मतलब ये है कि जब आप किसी प्रोडक्ट को EMI पर खरीदते हैं, तो आपको सिर्फ प्रोडक्ट की कीमत चुकानी होगी, उस पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगेगा. इसे जीरो परसेंट इंटरेस्ट सुविधा भी कहा जाता है. ये सुविधा आमतौर पर क्रेडिट कार्ड या चुनिंदा फाइनेंस कंपनियों के ज़रिए दी जाती है, खासकर त्योहारों के सीज़न में या किसी नए प्रोडक्ट के लॉन्च पर.
अगर किसी मोबाइल फोन की कीमत 30,000 रुपए है और वो 6 महीने की नो कॉस्ट EMI पर उपलब्ध है, तो आपको हर महीने 5,000 रुपए (30,000 / 6) चुकाने होंगे और कुल मिलाकर 30,000 रुपए ही देने होंगे. कोई अतिरिक्त 1,500 या 2,000 रुपए ब्याज के रूप में नहीं देने होंगे.
नो कॉस्ट EMI के कुछ ऐसे फायदे हैं जो इसे ग्राहकों के लिए आकर्षक बनाते हैं:
ये आपको महंगे गैजेट्स, अप्लायंस या फर्नीचर जैसी बड़ी चीज़ें खरीदने में मदद करता है जिन्हें एक बार में खरीदना मुश्किल हो सकता है.
जब किसी प्रोडक्ट पर अच्छा डिस्काउंट या ऑफर चल रहा हो और आपके पास एकमुश्त पैसे न हों, तो नो कॉस्ट EMI आपको उस ऑफर का तुरंत फायदा उठाने का मौका देती है.
सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको सीधे तौर पर कोई ब्याज नहीं चुकाना पड़ता, जिससे कुल लागत कम दिखती है.
ये आपको अपनी नकद बचत को बनाए रखने में मदद करता है, जिसे आप अन्य इमरजेंसी की ज़रूरतों या निवेश के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
नो कॉस्ट EMI हमेशा 'नो कॉस्ट' नहीं होती. अक्सर इसमें कुछ ऐसे पहलू होते हैं जो सीधेतौर पर दिखाई नहीं देते लेकिन आपकी जेब पर असर डालते हैं. आइए इन्हें समझते हैं:
ये सबसे आम तरीका है. बैंक या फाइनेंस कंपनी जो ब्याज वसूलती है, उसे प्रोडक्ट के सेलर द्वारा पहले ही प्रोडक्ट की कीमत में जोड़ दिया जाता है. जब आप नो कॉस्ट EMI पर खरीदते हैं, तो सेलर आपको उस प्रोडक्ट पर मिलने वाले डिस्काउंट का फायदा नहीं देता.
कुछ फाइनेंस कंपनियां या बैंक नो कॉस्ट EMI पर भी प्रोसेसिंग फीस या एक छोटा सा डाउन पेमेंट ले सकते हैं. ये फीस भले ही कम हो, लेकिन ये आपकी 'नो कॉस्ट' वाली धारणा को तोड़ देती है.
नो कॉस्ट EMI पर खरीदारी करने पर आपको आमतौर पर क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले अन्य कैशबैक या रिवॉर्ड पॉइंट्स जैसे ऑफर्स नहीं मिलते, जो अगर आप पूरी पेमेंट एक साथ करते तो मिल सकते थे.
अगर आप EMI अवधि पूरी होने से पहले लोन चुकाना चाहते हैं, तो कई बैंक या फाइनेंस कंपनियां प्री-क्लोजर चार्जेस वसूलती हैं. ये चार्जेस आपकी बचत को कम कर सकते हैं.
EMI का समय पर भुगतान न करने पर आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे भविष्य में आपको लोन लेने में परेशानी हो सकती है.
नो कॉस्ट' के भ्रम में लोग अक्सर ऐसी चीज़ें भी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें तुरंत ज़रूरत नहीं होती, सिर्फ इसलिए कि वे EMI पर उपलब्ध हैं. ये बेवजह कर्ज के बोझ को बढ़ाता है.
Q1: क्या नो कॉस्ट EMI में वास्तव में कोई अतिरिक्त लागत नहीं होती?
A1: नहीं, अक्सर नो कॉस्ट EMI में ब्याज की लागत को प्रोडक्ट की कीमत में पहले से ही जोड़ दिया जाता है, या फिर आपको नकद खरीदारी पर मिलने वाले डिस्काउंट या कैशबैक का फायदा नहीं मिलता.
Q2: नो कॉस्ट EMI आमतौर पर कौन देता है?
A2: ये सुविधा आमतौर पर क्रेडिट कार्ड issuers या चुनिंदा फाइनेंस कंपनियों द्वारा दी जाती है.
Q3: नो कॉस्ट EMI पर खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
A3: आपको प्रोडक्ट की नकद कीमत और EMI कीमत की तुलना करनी चाहिए, अन्य ऑफर्स (कैशबैक/डिस्काउंट) पर विचार करना चाहिए, और अपनी मासिक भुगतान क्षमता का आकलन करना चाहिए.
Q4: अगर मैं नो कॉस्ट EMI का भुगतान समय पर न करूं तो क्या होगा?
A4: समय पर भुगतान न करने पर आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और अतिरिक्त लेट फीस भी लग सकती है.
Q5: क्या नो कॉस्ट EMI में डाउन पेमेंट देना पड़ता है?
A5: कुछ मामलों में, विशेष रूप से कुछ फाइनेंस कंपनियों द्वारा, नो कॉस्ट EMI पर भी एक छोटा सा डाउन पेमेंट या प्रोसेसिंग फीस ली जा सकती है.