FD में Nominee नहीं है और खाताधारक की मौत हो जाए, तो क्या पैसा डूब जाएगा? घबराएं नहीं, ये है बैंक से पाई-पाई वसूलने का कानूनी तरीका

FD Claim Process without Nominee: क्या बिना नॉमिनी के बैंक से FD का पैसा मिल सकता है? जानें डेथ सर्टिफिकेट से लेकर सक्सेशन सर्टिफिकेट तक की पूरी कानूनी प्रक्रिया और जरूरी डाक्यूमेंट्स, बिना वसीयत के भी परिवार कैसे कर सकता है दावा.
FD में Nominee नहीं है और खाताधारक की मौत हो जाए, तो क्या पैसा डूब जाएगा? घबराएं नहीं, ये है बैंक से पाई-पाई वसूलने का कानूनी तरीका

प्रोसेस लंबा होता है लेकिन बिना नॉमिनी के भी FD का पैसा कानूनी तरीके से क्लेम किया जा सकता है  (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)

वैसे घर के किसी सदस्य की मौत केवल इमोशनल नुकसान नहीं होती, कई बार परिवार अचानक फाइनेंशिल और कानूनी उलझनों में भी फंस जाता है. सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब मृत व्यक्ति बैंक में Fixed Deposit (FD) छोड़ जाए लेकिन उसमें किसी Nominee का नाम न हो.

तो फिर सवाल ये है कि ऐसी स्थिति में परिवार क्या करें, क्योंकि ऐसे में लोगों को अक्सर लगता है कि अब पैसा बैंक में ही फंस जाएगा या उसे निकालना बहुत ही मुश्किल होगा. लेकिन सच्चाई यह है कि बिना नॉमिनी के भी FD का पैसा कानूनी तरीके से क्लेम किया जा सकता है. हालांकि प्रक्रिया थोड़ी लंबी और दस्तावेजों वाली जरूर हो सकती है.

क्या Nominee न होने पर FD का पैसा डूब जाता है?

एक बात समझ लें कि नॉमिनी नहीं होने से आपकी एफडी का पैसा डूबेगा नहीं. असल में भारत में बैंकिंग रूल्स के मुताबिक, FD में Nominee न होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पैसा बैंक का हो जाएगा.जी हाँ, बैंक केवल यह तय करता है कि रकम सही कानूनी वारिस (Legal Heir) को मिले. यानी कि पैसा सेफ रहता है, लेकिन उसे लेने के लिए सही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है.


सबसे पहले क्या करें?

अगर कभी घर में इस तरह की स्थिति आ जाती है तो सबसे पहले उस बैंक की ब्रांच में जाकर लिखित सूचना दें जहां पर FD है. देरी करने से तकनीकी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. बैंक को बताते टाइम अपने साथ 'डेथ सर्टिफिकेट' (मृत्यु प्रमाण पत्र) की ओरिजिनल कॉपी और फोटोकॉपी जरूर ले जाना चाहिए. इसके साथ ही मृतक की FD रसीद या पासबुक भी लेकर जाएं. बैंक इस प्रक्रिया को 'डिसीज्ड क्लेम' (Deceased Claim) के तौर पर रजिस्टर करेगा.

कैसे 'कानूनी वारिस' साबित करें

क्योंकि एफडी खाते में कोई नॉमिनी नहीं है, तो फिर इसलिए बैंक अपनी मर्जी से किसी को भी पैसा नहीं दे सकता. उसे यह पक्का करना होता है कि पैसा लेने वाला इंसान ही असली 'कानूनी वारिस' है.

कानूनी वारिस बैंक के सामने साबित करने के लिए आपको 'वारिस प्रमाण पत्र' या 'सक्सेशन सर्टिफिकेट' की जरूरत पड़ सकती है.

छोटी रकम और बड़ी रकम के अलग-अलग रूल?


छोटी राशि के लिए: अगर FD की रकम कम है (जैसे 2 से 5 लाख तक, हर बैंक की सीमा अलग होती है), तो बैंक केवल एक 'इनडेम्निटी बॉन्ड' , एफिडेविट और परिवार के अन्य सदस्यों से 'NOC' (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेकर पेमेंट कर सकता है.

बड़ी राशि के लिए: फंड बड़ा है तो बैंक बिना 'सक्सेशन सर्टिफिकेट' के एक रुपया भी नहीं देगा. यह सर्टिफिकेट आपको जिला अदालत (District Court) से बनवाना पड़ सकता है. इसमें थोड़ा समय और कानूनी फीस जरूर लग सकती है, लेकिन ये प्रूफ मान्य होता है.

अगर परिवार में विवाद हो जाए तो?

अगर मरने वाले व्यक्ति के कई बच्चे या वारिस हैं, तो बैंक किसी एक के नाम पर पैसा तभी ट्रांसफर करेगा जब बाकी सभी वारिस लिखित में सहमति दें. आपसे में विवाद होता है या सहमित नहीं बन पा रही होती है तो फिर बैंक पैसा तब तक होल्ड पर रखेगा जब तक कोर्ट का फैसला न आ जाए. इसलिए कोशिश करें कि आपसी सहमति से ही क्लेम करें.

क्या FD का ब्याज मिलना बंद हो जाता है?

एक बात समझ लें कि हमेशा खाताधारक की मृत्यु के बाद भी FD पर ब्याज का मीटर चालू रहता है.

जब तक बैंक अंतिम भुगतान नहीं करता, तब तक उस पर तय रूल के अनुसार ब्याज जुड़ता रहता है.

मैच्योरिटी पूरी होने के बाद ब्याज दर में कुछ बदलाव हो सकता है, जिसकी जानकारी आपको ब्रांच मैनेजर से लेनी चाहिए.

इन कागजों को कर लें तैयार (Checklist)

अगर आप क्लेम के लिए जा रहे हैं, तो यह फाइल तैयार रखें:

  • मृत्यु प्रमाण पत्र
  • FD की रसीद या सर्टिफिकेट
  • क्लेम करने वाले का आधार और पैन कार्ड
  • कानूनी वारिस होने का सबूत
  • सक्सेशन सर्टिफिकेट (अगर बैंक मांगे)
  • एक एफिडेविट (शपथ पत्र)
  • पासपोर्ट साइज फोटो

सबसे जरूरी सलाह क्या है?

अगर आप कहीं भी इसको लेकर फंस रहे हैं तो बैंकिंग एक्सपर्ट्स से सलाह लेना बेस्ट होता है. लेकिन इसके साथ ही अगर आप कोई फ्यूचर में विवाद नहीं चाहते हैं तो फिर FD में नॉमिनी जरूर जोड़ें, समय-समय पर nominee details अपडेट करें और परिवार को बैंक डिटेल्स की जानकारी दें.

आपके काम की बात

एक बात हर किसी को समझ लेना चाहिए कि FD में Nominee न होने पर पैसा फंस जरूर सकता है, लेकिन डूबता नहीं है. असल में सही डॉक्यूमेंट्स और कानूनी प्रक्रिया के जरिए परिवार बैंक से पूरा पैसा क्लेम कर सकता है. लेकिन अगर आप फ्यूचर में अपने परिवार को कानूनी झंझट से बचाना चाहते हैं, तो आज ही अपनी FD और बैंक खातों में नॉमिली डिटेल चेक कर लें.


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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 अगर FD की ओरिजिनल रसीद खो गई हो तो क्या करें?

घबराएं नहीं, पैसा मिल जाएगा. बस बैंक में एक 'Indemnity Bond' (शपथ पत्र) भरना होगा. बैंक अपने रिकॉर्ड चेक करके क्लेम प्रोसेस कर देगा

Q2 अगर बैंक का नाम ही न पता हो, तो कैसे ढूंढें?

घर में रखी पुरानी पासबुक या बैंक के SMS देखें, आप RBI के 'UDGAMA' पोर्टल पर भी मृतक का नाम डालकर लावारिस जमा राशि सर्च कर सकते हैं

Q3 जॉइंट FD होने पर भी क्या ये सब झंझट होगा?

अगर खाता 'Either or Survivor' मोड में है, तो जीवित पार्टनर को सिर्फ डेथ सर्टिफिकेट जमा करना होगा और पैसा उसे मिल जाएगा

Q4 क्या क्लेम करने की कोई आखिरी तारीख होती है?

कोई डेडलाइन नहीं है, लेकिन 10 साल तक क्लेम न करने पर पैसा RBI के पास चला जाता है. उसे वापस पाने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी और कठिन होती है

Q5 क्या क्लेम में मिले पैसे पर टैक्स देना होगा?

जमा की गई असली रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. हालांकि, मौत की तारीख के बाद जो भी 'ब्याज' बना है, उस पर नियमानुसार TDS कट सकता है

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