Personal Loan से मिल रहा है पैसा, लेकिन खो रहा है भरोसा! जानिए कैसे ये बर्बाद कर सकता है CIBIL Score

बार-बार पर्सनल लोन लेना आपके CIBIL स्कोर के लिए खतरा बन सकता है. हर नया लोन आप पर EMI का बोझ बढ़ाता है और हर अप्‍लाई से स्‍कोर गिरता है. समय पर EMI चुकाएं, इमरजेंसी फंड बनाएं और सिर्फ जरूरी लोन ही लें.
Personal Loan से मिल रहा है पैसा, लेकिन खो रहा है भरोसा! जानिए कैसे ये बर्बाद कर सकता है CIBIL Score

पर्सनल लोन लेना आज के समय में काफी आसान हो गया है. मोबाइल ऐप्‍स, ऑनलाइन बैंकिंग और इंस्टेंट अप्रूवल की सुविधा ने इसे पलक झपकते ही हासिल होने वाला लोन बना दिया है. लेकिन अगर आप अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बार-बार पर्सनल लोन लेते हैं तो इससे आप बैंक का भरोसा खो सकते हैं क्‍योंकि बार-बार पर्सनल लोन लेने से आपका सिबिल भी खराब हो सकता है. यहां जानिए कैसे.

1. बिगड़ सकता है क्रेडिट मिक्‍स

पर्सनल लोन एक अनसिक्‍योर्ड लोन होता है. यानी इसके लिए किसी भी तरह की कोलैटरल (जैसे मकान, सोना आदि) की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि बैंकों के लिए ये थोड़ा रिस्की माना जाता है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि जब तक आपको पर्सनल लोन की बहुत जरूरत न हो, तब तक आपको ये लेने से बचना चाहिए क्‍योंकि पर्सनल लोन बार-बार पर्सनल लोन लेने से क्रेडिट मिक्‍स खराब हो सकता है और इसका असर सीधे आपके क्रेडिट स्‍कोर पर पड़ता है.

क्‍या है क्रेडिट मिक्‍स?

आपने कितने अनसिक्‍योर्ड लोन और कितने सिक्‍योर्ड लोन पहले लिए हैं, इससे आपका क्रेडिट मिक्स सामने आता है. पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड दोनों ही अनसिक्‍योर्ड लोन की कैटेगरी में आते हैं. अगर आपने पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के तौर पर अनसिक्‍योर्ड लोन बार-बार लिए हैं, लेकिन सिक्‍योर्ड लोन बहुत ज्‍यादा नहीं लिए तो इससे आपका क्रेडिट मिक्‍स बिगड़ता है.

2. बैंक मान सकते हैं 'क्रेडिट हंगर’?

अगर आप बार-बार पर्सनल लोन के लिए अप्‍लाई कर रहे हैं तो इसे बैंक या NBFC 'क्रेडिट हंगर' के तौर पर देखता है. इसका मतलब है कि आपको पैसों की जरूरत लगातार बनी हुई है. हालांकि अगर आप 1-2 बार पर्सनल लोन ले रहे हैं और समय पर चुका रहे हैं, तो बहुत फर्क नहीं पड़ेगा. लेकिन अगर आप हर 6-8 महीने में नया पर्सनल लोन लेते हैं, तो बैंक का अलार्म बजना तय है.

CIBIL स्कोर पर कैसे पड़ता है असर?

1. हर लोन अप्‍लाई से गिरता है स्‍कोर

जैसे ही आप किसी बैंक या फाइनेंस कंपनी में लोन के लिए अप्‍लाई करते हैं, आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर 'हार्ड इंक्वायरी' होती है. हर हार्ड इंक्वायरी से आपका CIBIL स्कोर 5-10 अंक तक गिर सकता है.

2. क्रेडिट मिक्‍स का असर

अगर आपका क्रेडिट मिक्‍स खराब हो गया बैंक को ये मैसेज जाता है कि आपके पास फंड की कमी है और क्रेडिट पर आपकी निर्भरता बहुत ज्‍यादा है. इससे बैंक को आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर शक हो सकता है. ऐसे में आपके सिबिल पर इसका असर पड़ता है.

3. लोन की EMI और डेट-टू-इनकम रेश्‍यो

अगर आपकी नेट सैलरी ₹50,000 है और आप पहले से ही ₹20,000 की EMI भर रहे हैं, तो नए पर्सनल लोन की EMI आपके डेट-टू-इनकम रेश्‍यो को बढ़ा देगी. इससे आपका स्‍कोर और क्रेडिट लिमिट दोनों डाउन हो सकते हैं.

4. लोन डिफॉल्‍ट का सबसे बड़ा खतरा

बार-बार लोन लेने का मतलब हर महीने कई किस्‍तों का बोझ. अगर कहीं भी कोई EMI मिस हो गई, तो आपका क्रेडिट स्‍कोर 50 से 100 पॉइंट तक गिर सकता है.

बार-बार पर्सनल लोन लेने से बचने के तरीके

इमरजेंसी फंड बनाएं

हर महीने अपनी इनकम का 10-15% बचाकर फंड में डालें ताकि महंगी लोन EMI से बच सकें.

क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्‍तेमाल

जरूरत के मुताबिक EMI ऑप्‍शन लें लेकिन पर्सनल लोन ना लें.

डेट-टू-इनकम रेश्‍यो कम रखें

कभी भी कुल EMI आपकी इनकम के 40-50% से ज्‍यादा नहीं होनी चाहिए.

FAQs

Q1. कितनी बार पर्सनल लोन लेना ठीक है?

Ans. जरूरत पड़ने पर 1-2 बार लेना ठीक है, लेकिन हर 6-8 महीने में नया लोन लेने से बचें.

Q2. अगर बार-बार लोन ले लिया है, तो क्‍या करना चाहिए?

Ans. एक लोन क्‍लब करें (Debt Consolidation) या बड़ा लोन लेकर छोटे-छोटे लोन क्लियर करें.

Q3. CIBIL स्कोर सुधारने में कितना समय लगता है?

Ans. अगर आप EMI की टाइमली पेमेंट करते हैं, तो 6-12 महीने में स्कोर धीरे-धीरे सुधरता है.

Q4. एक अच्छा CIBIL Score क्या होता है?

Ans. 750 या उससे ज्यादा का CIBIL Score अच्छा माना जाता है. इससे आपको कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

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