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बैंक जाने और वहां के कर्मचारी से बात करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
Digital Banking Units: देश के 75 जिलों में बीते 16 अक्टूबर को डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स की शुरुआत की गई. आखिर क्या होते हैं यह डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स? कैसे काम करता है और किस तरह की सुविधाएं आप उठा सकते हैं? इसे समझना जरूरी है, क्योंकि आने वाले समय में जब आपके जिले में इसकी (DBU) शुरुआत होगी तो आपको इसकी पूरी जानकारी रहे. सरकार की तरफ से आम नागरिकों के लिए ईज ऑफ लिविंग की दिशा में डीबीयू एक बड़ा कदम है. डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स की मदद से छोटे शहरों और गांवों में रहने वाले लोगों को लोन लेने और फंड ट्रांसफर करने की सुविधा मिलेगी.
डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स, एटीएम की तरह की एक मशीन होती है, जिसके जरिये आप बैंकिंग की कई सुविधाओं का फायदा खुद ही उठा सकते हैं. इस यूनिट पर कैश निकासी और जमा करा सकते हैं. इतना ही नहीं, आप अकाउंट भी ओपन करा सकते हैं. अगर निवेश में रुचि रखते हैं तो फिक्स्ड डिपोजिट यानी एफडी (FD) या रेकरिंग डिपोजिट (RD) करा सकते हैं. इसके अलावा डिजिटल लोन, पासबुक प्रिंटिंग, डेबिट कार्ड-क्रेडिट कार्ड सर्विस, बैलेंस पूछताछ, और फंड ट्रांसफर भी कर सकते हैं. आपको बैंक जाने और वहां के कर्मचारी से बात करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
तमाम बैंकों ने फिलहाल देशभार में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स मशीन सेटअप किए हैं. धीरे-धीरे देशभर में इसकी (Digital Banking Units) संख्या में बढ़ोतरी होने वाली है. इस सुविधा से वित्तीय समावेशन में काफी मदद मिलेगी. सरकार के मुताबिक,भारत के 99 प्रतिशत से ज्यादा गांवों में 5 किलोमीटर से भीतर कोई न कोई बैंक ब्रांच, बैंकिंग आउटलेट या बैंकिंग कॉरेस्पोन्डेंट मौजूद हैं.
डीबीयू (डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स) ग्राहकों को पूरे साल बैंकिंग प्रोडक्ट्स और सर्विस की सस्ती सुविधा, सुविधाजनक पहुंच और बेहतर डिजिटल एक्सपीरियंस उपलब्ध कराने में सक्षम बनाएगा. 11 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 12 निजी क्षेत्र के बैंक और एक लघु वित्त बैंक इस तरह की सर्विस में अपनी भूमिका निभा रहे हैं.