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डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) ने 21 बैंकों की लिस्ट जारी की है, जहां के अकाउंट होल्डर बैंक बंद होने के बाद 5 लाख रुपये तक की रकम हासिल कर सकते हैं. इन बैंकों की लिस्ट में PMC बैंक भी शामिल है. यह PMC समेत मुश्किल में फंसे 20 और बैंकों के डिपॉजिटर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब 90 दिन के भीतर इन बैंकों के कस्टमर्स को 5 लाख रुपये तक का क्लेम मिल जाएगा. 5 लाख रुपये की रकम उन बैंकों के डिपॉजिटर्स को मिलेगी जो रिजर्व बैंक (RBI) के मॉरेटोरियम पर हैं.
सरकार ने डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) कानून को 1 सितंबर 2021 को नोटिफाई कर दिया. इसके जरिये यह सुनिश्चित किया गया है कि आरबीआई की ओर से किसी बैंक के कामकाज पर रोक लगाए जाने के 90 दिन के भीतर बैंक के डिपॉजिटर्स को 5 लाख रुपये तक की जमा रकम मिल जाए. वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में 27 अगस्त, 2021 को एक सर्कुलर जारी किया था.
DICGC की ओर से जिन 21 बैंकों की जिस्ट जारी की है, उनमें PMC बैंक अकउंटहोल्डर्स का भी पेमेंट होगा. DICGC जमा की रकम या अधिकतम 5 लाख रुपये देगी. इंश्योर्ड डिपॉजिट पाने के लिए कस्टमर्स को अपने बैंक के जरिए क्लेम फॉर्म भरकर देना होगा. 29 दिसंबर तक PMC बैंक खाताधारकों को पेमेंट होगा.

DICGC की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 15 अक्टूबर तक बैंकों की ओर से फॉर्म DICGC को देना होगा. जिसके बाद क्लेम का वेरिफिकेशन होगा और फिर उसकी प्रोसेसिंग होगी. 29 दिसंबर 2021 तक डिपॉजिट पर ब्याज सहित भुगतान होगा. क्लेम फॉर्म बैंक में मिलेगा, जिसमें खाता संख्या, ब्रांच और रकम भरना होगा. क्लेम फॉर्म में मोबाइल नंबर और ई-मेल का भी ब्यौरा देना होगा.
देश में बैंकिंग सिस्टम काफी मजबूत है और रिजर्व बैंक की ओर से सभी बैंकों की निगरानी की जाती है. इसलिए इस बात की गुंजाइश कम है कि बैंकों में जमा आपके पैसे को खतरा है. बावजूद इसके भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बैंक में जमा पैसे पर इंश्योरेंस कवरेज देता है. यह कवरेज RBI की सब्सिडियरी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) देती है. DICGC के मुताबिक, बैंकों में जमा रकम पर 5 लाख रुपये इंश्योरेंस कवर मिलता है. यानी, आपका 5 लाख रुपये तक बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस कवरेज के दायरे में आता है.
बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस कवरेज के दायरे में सभी कॉमर्शियल और कोऑपरेटिव बैंक आते हैं. किसी विदेशी बैंक की ब्रांच भी भारत में है, तो उसमें भी जमा रकम पर DICGC इंश्योरेंस कवरेज देता है. इसके अलावा, सभी रूरल, लोकल और रिजनल बैंक भी इसके दायरे में हैं. प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसायटी इस कवरेज के दायरे में नहीं आती हैं.
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