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क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच रहता है. बैंक उन लोगों को लोन देना ज्यादा पसंद करते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक होता है. इसका मतलब है कि वे अपने फाइनेंस को अच्छी तरह मैनेज कर सकते हैं. (Image- SBI)
आप लोन ले सकते हैं या नहीं और अगर लोन ले सकते हैं तो कितना, इस सब बातों को नापने का पैमाना है क्रेडिट स्कोर (Credit score). क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही बैंक आपको लोन की लिमिट तय करता है.
भारतीय स्टेट बैंक (State Bank Of India) अपने ग्राहकों को क्रेडिट स्कोर जानने की सुविधा देने जा रहा है. एसबीआई कार्ड (SBI Card) के प्रबंध निदेशक और सीईओ अश्विनी कुमार तिवारी (Ashwani Kumar Tiwari) ने कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों को उनके क्रेडिट स्कोर देखने की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है. ग्राहक इस सुविधा के तहत अपने क्रेडिट कार्ड खातों (credit card account) पर लॉग इन करके क्रेडिट स्कोर देख सकेंगे.
अश्विनी कुमार तिवारी ने पिछले महीने एसबीआई कार्ड का पदभार संभाला. इससे पहले वह भारतीय स्टेट बैंक के न्यूयॉर्क, शिकागो और लॉस एंजेलिस शाखाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
उन्होंने कहा कि अमेरिका में काम करने के दौरान जो अनुभव हुआ, उसमें से दो-तीन चीजें यहां लागू की जा सकती हैं. एक चीज क्रेडिट कार्डधारकों के लिये क्रेडिट ब्यूरो स्कोर का प्रावधान है. जब भी कार्डधारक अपने खाते पर लॉग इन करेंगे, वह क्रेडिट स्कोर देख सकेंगे. यह अमेरिका में काफी सामान्य है. इसके लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता.
उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने अपनी टीम से चर्चा की है. इसे लागू किया जा सकता है. हम अभी इसके तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं. इससे कार्डधारक किसी भी समय यह पता लगा सकेंगे कि क्रेडिट ब्यूरो के स्कोर की स्थिति क्या है. यह एक ग्राहक के फायदे की चीज है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि दूसरी चीज ‘को-ब्रांडेड’ है जहां कार्ड कंपनियां और बैंक किसी योजना को लेकर गठजोड़ करती हैं जिसे खुदरा कंपनियां चलाती हैं. अमेरिका में अगर कोई खुदरा दुकान से सामान खरीदता है और उसके पास कार्ड नहीं है तो वह उसे उपलब्ध कराने के लिए कह सकता है. अगर व्यक्ति सहमत होता है, वे उससे केवल सामाजिक सुरक्षा संख्या पूछेंगे और ग्राहक का यदि क्रेडिट स्कोर अच्छा है, उसे 5 से 10 मिनट में कार्ड जारी कर देंगे.
उन्होंने कहा कि अमेरिका के मुकाबले भारत में भुगतान संबंधी ढांचागत सुविधा काफी आगे है. अमरिका में हाल में तत्काल भुगतान सेवा शुरू हुई है जबकि भारत में पहले से यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंटे इंटरफेस) काम कर रही है.
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क्रेडिट स्कोर
क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच रहता है. बैंक उन लोगों को लोन देना ज्यादा पसंद करते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक होता है. इसका मतलब है कि वे अपने फाइनेंस को अच्छी तरह मैनेज कर सकते हैं. यदि आपका क्रेडिट स्कोर 750 से कम है तो आप इसे बेहतर बनाने के लिए कई उपाय कर सकते हैं.