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कभी दोस्त के कहने पर ऑनलाइन पेमेंट कर दी, तो कभी रिश्तेदार को OTP बता दिया. हम अक्सर सोचते हैं कि अपने ही तो हैं.' लेकिन बैंक के हिसाब से ‘अपना’ या ‘पराया’ जैसा कोई फर्क नहीं होता. क्रेडिट कार्ड जिस नाम पर है, वही पूरी तरह जिम्मेदार है.
अगर आपने खुद कार्ड नंबर, CVV या OTP साझा किया है, तो उसके बाद किया गया हर ट्रांजैक्शन ऑथराइज्ड माना जाता है. बाद में यह कहना कि 'पैसे मैंने खर्च नहीं किए' बहुत कम मामलों में काम आता है.
एक मामला ऐसा सामने आया, जहां एक व्यक्ति ने काम के लिए अपने कज़िन को कार्ड डिटेल्स दे दीं. कुछ ही हफ्तों में 1.8 लाख रुपये का खर्च हो गया. बैंक ने साफ कहा कि आपने खुद कार्ड शेयर किया, इसलिए यह वैध ट्रांजैक्शन है. चार्जबैक नहीं मिलेगा.
मान लीजिए आपने 10-15 हजार की खरीदारी के लिए कार्ड दिया. सामने वाला जरूरत से ज्यादा खर्च कर दे या समय पर पेमेंट न करे, तो सारा असर आपकी प्रोफाइल पर दर्ज होगा.
| स्थिति | अनुमानित गिरावट |
| ज्यादा कार्ड उपयोग(High Utilization) | 20–40 पॉइंट |
| 30 दिन की देरी | 60–100 पॉइंट |
| लगातार बकाया | 6–12 महीने तक असर |
क्रेडिट स्कोर में 70–100 पॉइंट की गिरावट आपके लिए महंगे लोन का रास्ता खोल सकती है. होम लोन, कार लोन या बिजनेस लोन की ब्याज दर बढ़ सकती है या लोन ही रिजेक्ट हो सकता है.
कई लोग सोचते हैं कि अगर सामने वाला ज्यादा खर्च कर दे तो हम इसे धोखाधड़ी बता देंगे. लेकिन बैंक की नजर में अगर आपने स्वेच्छा से OTP या पासवर्ड दिया है, तो यह लापरवाही मानी जाएगी. जब तक यह साबित न हो कि साइबर फ्रॉड हुआ है, तब तक 100% जिम्मेदारी प्राइमरी कार्डहोल्डर की ही रहती है.
क्रेडिट स्कोर तय करने में “क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो” बहुत अहम होता है. अगर आपकी लिमिट 2 लाख है और खर्च 1.6 लाख तक पहुंच गया, तो सिस्टम इसे हाई रिस्क मानता है. भले ही पेमेंट समय पर कर दें, फिर भी ज्यादा उपयोग से स्कोर गिर सकता है.
एक बार स्कोर गिर जाए तो उसे वापस बेहतर करने में महीनों लग जाते हैं, इस दौरान:
ऐड-ऑन कार्ड का फायदा यह है कि आप अलग लिमिट तय कर सकते हैं. जरूरत हो तो कार्ड ब्लॉक कर सकते हैं. हालांकि ध्यान रहे भले ही खर्च अलग कार्ड से हो, जिम्मेदारी फिर भी प्राइमरी होल्डर की ही रहेगी. इसलिए लिमिट और अलर्ट सेट करना जरूरी है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या क्रेडिट कार्ड किसी दोस्त या रिश्तेदार को देना सुरक्षित है?
नहीं, कार्ड शेयर करने से पूरा कानूनी और वित्तीय जोखिम आपके ऊपर आ जाता है.
Q2 अगर दूसरे ने कार्ड से ज्यादा खर्च कर दिया तो जिम्मेदार कौन होगा?
बैंक के रिकॉर्ड में प्राइमरी कार्डहोल्डर ही पूरी तरह जिम्मेदार माना जाएगा.
Q3 क्या कार्ड शेयर करने से CIBIL स्कोर गिर सकता है?
हां, ज्यादा उपयोग या लेट पेमेंट से स्कोर में 20 से 100 पॉइंट तक गिरावट आ सकती है.
Q4 लेट पेमेंट का असर कितने समय तक रहता है?
एक बार की देरी भी 6–12 महीने तक क्रेडिट प्रोफाइल पर असर डाल सकती है.
Q5 क्या ऐड-ऑन कार्ड लेना सुरक्षित विकल्प है?
हां, लिमिट कंट्रोल और ट्रैकिंग के साथ यह अपेाकृत सुरक्षित तरीका है.