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आजकल लगभग हर किसी के वॉलेट में एक नहीं बल्कि कई क्रेडिट कार्ड होते हैं. ऑफर्स, रिवॉर्ड्स और कैशबैक के लालच में हम इसका इस्तेमाल तो खूब करते हैं, लेकिन अगर समझदारी नहीं बरती तो यही कार्ड जेब पर बोझ बन जाता है.
क्रेडिट कार्ड कोई ‘फ्री मनी’ नहीं, बल्कि एक तरह का शॉर्ट-टर्म लोन है, जिसे समय पर चुकाना बहुत जरूरी है. एक छोटी सी गलती न सिर्फ ब्याज बढ़ा देती है, बल्कि CIBIL स्कोर को भी बर्बाद कर सकती है. तो चलिए जानते हैं वो 7 बड़ी गलतियां जिनसे बचकर ही आप अपना कार्ड और क्रेडिट हेल्थ दोनों संभाल सकते हैं.
अगर आप समय पर क्रेडिट कार्ड बिल नहीं भरते, तो बैंक तुरंत ब्याज लगाना शुरू कर देता है. ब्याज दर 36% सालाना तक जा सकती है. इसके अलावा, बार-बार लेट पेमेंट करने से आपका क्रेडिट हिस्ट्री खराब होती है और CIBIL स्कोर गिर जाता है.
टिप: बिल पेमेंट की डेट अपने मोबाइल कैलेंडर में सेव रखें या ऑटो-पे ऑप्शन चालू कर लें.
कई लोग सोचते हैं कि अगर मिनिमम अमाउंट भर दिया तो ठीक है. लेकिन असल में ऐसा करने से बकाया अमाउंट पर लगातार ब्याज (Interest) जुड़ता रहता है. धीरे-धीरे ये रकम दोगुनी भी हो सकती है.
टिप: हमेशा पूरा बिल क्लियर करें, सिर्फ मिनिमम पेमेंट नहीं.
अगर आप अपनी कुल लिमिट का 80-90% तक खर्च करते हैं, तो लेंडर्स को लगता है कि आप पर कर्ज का बोझ ज्यादा है. इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) बढ़ जाता है और CIBIL स्कोर गिरता है.
टिप: कोशिश करें कि क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा खर्च न करें.
क्रेडिट कार्ड से कैश निकालते ही ब्याज उसी दिन से लगना शुरू हो जाता है. साथ में कैश एडवांस फी भी जुड़ जाती है. इससे आपका बिल तेजी से बढ़ता जाता है.
टिप: कैश की जरूरत हो तो डेबिट कार्ड या यूपीआई से निकालें.
हर छोटी खरीदारी को EMI में बदल देना एक ट्रैप की तरह है. थोड़े-थोड़े में कई EMI बन जाती हैं और हर महीने आपकी इनकम का बड़ा हिस्सा कटने लगता है.
टिप: सिर्फ बड़े अमाउंट पर ही EMI चुनें, रोजमर्रा की खरीदारी में नहीं.
कई बार हम सिर्फ पॉइंट्स या डिस्काउंट के लिए शॉपिंग कर लेते हैं, जिसकी जरूरत भी नहीं होती. इससे बजट बिगड़ता है और महीने के अंत में बिल देखकर सिर पकड़ना पड़ता है.
टिप: हर खरीदारी से पहले सोचें कि वाकई जरूरत है या बस ऑफर का लालच.
अगर आपके पास बहुत सारे क्रेडिट कार्ड हैं, तो उनकी पेमेंट डेट्स याद रखना मुश्किल हो जाता है. एक भी मिस हुई तो लेट फी और ब्याज दोनों बढ़ जाते हैं.
टिप: सिर्फ 1 या 2 कार्ड रखें, जिनका इस्तेमाल और मैनेजमेंट आसान हो.
हां, क्योंकि बाकी अमाउंट पर ब्याज बढ़ता है और बैंक इसे ‘रिस्क’ मानता है.
30% से कम. इससे आपका स्कोर हेल्दी रहता है.
जब तक बहुत जरूरत न हो, तब तक न करें क्योंकि इससे EMI बोझ बढ़ता है और कर्ज का साइकिल बन जाता है.
कभी नहीं. क्योंकि ब्याज तुरंत लगना शुरू हो जाता है और चार्ज भी बढ़ जाते हैं.