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आजकल क्रेडिट कार्ड का यूज लगभग हर कोई करता है, क्योंकि इसकी मदद से जीवन के कई काम आसानी से पूरे हो जाते हैं. लेकिन,ये भी सच है कि अगर इसका सही तरीके से यूज न किया जाए, तो क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाना एक बहुत बड़ी समस्या बन सकता है. ऊंची ब्याज दरें और फीस मिलकर ये कर्ज का एक बड़ा बोझ बना देते हैं, जिससे बाहर निकलना कई बार मुश्किल हो जाता है.
तो ऐसे में घबराने के बजाय कुछ आसान और प्रभावी तरीकों को अपनाकर आप इस समस्या से बाहर निकल सकते हैं. आइए जानते हैं 5 ऐसे 'जादुई' तरीकों के बारे में, जो आपको क्रेडिट कार्ड के कर्ज से छुटकारा दिला सकते हैं.
बैंक आपको हर महीने न्यूनतम भुगतान (अक्सर कुल बिल का 5%) करने का एक ऑप्शन देता है. यह ऑप्शन आपको राहत देने का काम करता है, लेकिन यह एक जाल की तरह से काम करता है. जब आप केवल न्यूनतम पेमेंट करते हैं, तो आपकी बकाया राशि पर ऊंची ब्याज दरें लगती रहती हैं, जिससे कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ता जाता है.
सलाह: तो ऐसे में कोशिश करें कि हर महीने पूरा बिल चुकाया जाए. अगर यह संभव ना हो, तो फिर कम से कम न्यूनतम राशि से ज्यादा का भुगतान जरूर करें.
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यह एक बहुत ही बेस्ट प्लानिंग है, जिससे आप अपने लोन को खत्म कर सकते हैं. इसमें दो खास तरीके हैं:
Snowball Method: इसमें आप सबसे छोटे बकाया बिल का पेमेंट पहले करते हैं. जब वह खत्म हो जाता है, तो आप उस पैसे को दूसरे सबसे छोटे बकाया बिल पर लगाते हैं.
Avalanche Method: इसमें आप सबसे ज्यादा ब्याज दर वाले क्रेडिट कार्ड के बिल का पेमेंट सबसे पहले करते हैं. इससे लॉन्ग टर्म में आपका ब्याज खर्च काफी कम हो जाता है.
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तो अगर आपके क्रेडिट कार्ड का लोन बहुत ज्यादा है और फिर आप उस पर ज्यादा ब्याज दे रहे हैं, तो आप कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन लेकर उस कर्ज से छुटकारा पा सकते हैं.
फायदा: पर्सनल लोन की ब्याज दरें अक्सर क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों से कम ही होती हैं. इससे आपकी मासिक EMI कम हो जाएगी और आप एक फिक्स टाइम पर कर्ज से मुक्त हो जाएंगे.
परेशानी वहां भी होती है क्योंकि अक्सर हमारे खर्च करने की आदतों में होती है. क्रेडिट कार्ड का यूज केवल इमरजेंसी या जरूरी खर्चों के लिए करें.
सलाह: इसके लिए हर महीने एक बजट बनाएं और क्रेडिट कार्ड से होने वाले गैरजरूरी खर्चों पर रोक लगाएं. अपनी खर्च करने की आदतों को नियंत्रित करना ही लोन से बाहर निकलने का सबसे पहला कदम है.
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अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड के कर्ज को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं, तो फिर अपने बैंक से बात करना चाहिए. असल में कुछ बैंक 'बैलेंस ट्रांसफर' का ऑप्शन देते हैं, जिसमें आप एक क्रेडिट कार्ड का बकाया दूसरे क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिस पर शुरुआती कुछ महीनों के लिए कम या शून्य ब्याज दर होती है.
फायदा: यह आपको कर्ज चुकाने के लिए कुछ अतिरिक्त समय देता है और आप इस दौरान ऊंची ब्याज दर से बच सकते हैं.
अब आप समझ गए होंगे कि क्रेडिट कार्ड का कर्ज एक बड़ी समस्या हो सकता है, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है. कुछ आसान और प्रभावी टिप्स को फॉलो करके आप ना केवल अपने कर्ज को चुका सकते हैं, बल्कि आने वाले कल में भी वित्तीय रूप से अनुशासित रह सकते हैं.(नोट-खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)
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1-क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर क्यों चुकाना जरूरी है?
समय पर बिल चुकाने से ब्याज और लेट फीस से बचा जा सकता है, साथ ही क्रेडिट स्कोर अच्छा रहता है.
2-क्रेडिट कार्ड का ब्याज दर कितनी होती है?
ज्यादातर क्रेडिट कार्ड पर वार्षिक ब्याज दर 36% से 48% तक हो सकती है, जो मासिक करीब 3% से 4% होती है.
3-क्रेडिट कार्ड बिल कम करने के स्मार्ट तरीके क्या हैं?
न्यूनतम भुगतान से बचें, EMI विकल्प चुनें, बैलेंस ट्रांसफर का इस्तेमाल करें, और खर्च पर नियंत्रण रखें.
4-क्या क्रेडिट कार्ड का बैलेंस ट्रांसफर सही विकल्प है?
हां, अगर नई कार्ड कंपनी कम ब्याज दर देती है तो बैलेंस ट्रांसफर से ब्याज में काफी बचत हो सकती है.
4-अगर बिल समय पर न चुकाया जाए तो क्या होता है?
लेट फीस और ब्याज बढ़ता है, क्रेडिट स्कोर गिरता है, और लंबे समय में कर्ज का बोझ काफी बढ़ सकता है.