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अक्सर ऐसा होता है कि हमारे पास इतना पैसा जमा हो जाता है कि हम समय से पहले लोन चुकाने की स्थिति में आ जाते हैं, तो अगर आप भी प्रीपेमेंट करने के बारे में सोच रहे हैं, तो ये ना केवल ब्याज बचाने का तरीका है, बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर को भी अच्छा बना सकता है.कई बार ऐसा होता है कि लोन प्रीपेयमेंट से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ता है, क्योंकि इससे आपकी क्रेडिटवर्थिनेस मजबूत होती है. वैसे इसके कुछ रूल आदि भी होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यही कारण है कि समझदारी से किया गया प्रीपेयमेंट आपके फाइनेंशियल फ्यूचर को और मजबूत बना सकता है. लेकिन बेवकूफ में किया गया प्रीपेयमेंट आपको परेशान कर सकता है.
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जी हां भारत में आपका क्रेडिट स्कोर अहम रूप से चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो—CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark के द्वारा ही तैयार किया जाता है.असल में इनका स्कोर 300 से 900 के बीच होता है, और 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, जिससे हर किसी को लोन और क्रेडिट कार्ड आसानी से मिल सकते हैं.
वैसे ये तो आप शायद जानते ही होंगे कि क्रेडिट स्कोर को तय करने में सबसे बड़ा रोल आपकी EMI चुकाने की हिस्ट्री निभाती है, जी हां इसके अलावा ये बातें भी स्कोर को प्रभावित करती हैं:
1-आपने अपनी क्रेडिट लिमिट के मुकाबले कितना उधार लिया है.
2-आपके अपने पास किस तरह के लोन या क्रेडिट प्रोडक्ट्स मौजूद हैं.
3-आप उन्हें कितने समय से इस्तेमाल करते हैं.
4-आपने हाल ही में नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए कितनी बार अप्लाई किया है.
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इन सभी बातों का मिलाजुला असर आपके क्रेडिट स्कोर पर हमेशा पड़ता है, इसलिए संतुलित और ज़िम्मेदार क्रेडिट व्यवहार बनाए रखना हर किसी के लिए जरूरी होता है.
वैसे अगर आप तय टाइम से पहले लोन का प्रीपेयमेंट करते हैं, चाहे वो आंशिक हो या पूरा, तो इसका सीधा फायदा आपकी फाइनेंशियल हेल्थ पर पड़ता है. इससे आपका टोटल बकाया कर्ज घटता है, इतना ही नहीं इससे क्रेडिट यूज अनुपात (Credit Utilisation Ratio)भी कम होता है, जो क्रेडिट स्कोर का एक अहम फैक्टर है. तो अगर आपने सभी ईएमआई टाइम पर चुकाई हैं और फिर लोन क्लोज किया है, तो क्रेडिट रिपोर्ट में वह अकाउंट "Closed" के रूप में दिखेगा, जो बैंकों और फाइनेंशियल ऑप्शन के लिए एक पॉजिटिव संकेत हो सकता है.
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वैसे अगर आपने एक ही लोन लिया था और उसे जल्दी चुका भी दिया तो इससे फिर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री छोटी हो सकती है, मानते हैं कि इससे स्कोर में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन हमेशा ध्यान रखें कि ये गिरावट अस्थायी होती है.जी हां अगर पहले किस्तों में देरी हुई थी, तो प्रीपेयमेंट से वह निगेटिव रिकॉर्ड हटता नहीं, लेकिन यह जरूर दिखाया है कि आपने सुधार किया है.जबकि, RBI के नियम कहते हैं कि फ्लोटिंग रेट वाले पर्सनल लोन पर प्रीपेयमेंट चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन फिक्स्ड रेट या बिजनेस लोन पर बैंक शुल्क वसूल सकते हैं, इसलिए एग्रीमेंट जरूर पढ़ना चाहिए.
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आपको बता दें कि अगर आपने लोन प्रीपे कर दिया है तो फिर यह अच्छी बात है, लेकिन इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर कभी भी पर तुरंत नहीं दिखता है.ये आमतौर पर बैंक और वित्तीय संस्थान हर महीने क्रेडिट ब्यूरो को डेटा भेजते हैं, इसलिए स्कोर में बदलाव आने में करीब 30 से 60 दिन का समय लग सकता है. इसके अलावा, आपका स्कोर केवल एक लोन से नहीं बनता, बल्कि आपकी इससे पूरी क्रेडिट हिस्ट्री,जैसे समय पर ईएमआई चुकाना, उधारी का इस्तेमाल कितना हुआ, और आपने कितने नए लोन के लिए आवेदन किए इन सब बातों पर निर्भर ही करता है.
एक बात हमेशा याद रखें कि लोन चुकाने के बाद कुछ जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी हैं, ताकि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री साफ और मजबूत बनी रहे. तो फिर सबसे पहले, बैंक या लोन देने वाली संस्था से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना ना भूलें, यह साबित करता है कि आपने लोन की पूरी रकम चुका दी है. इसके बाद, करीब 1-2 महीने बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को एक बार जरूर जांचें कि उसमें आपका लोन अकाउंट “Closed” दिख रहा है या नहीं.फिर भी अगर किसी तरह की गलती नजर आए, तो तुरंत संबंधित क्रेडिट ब्यूरो से संपर्क करके उसे ठीक करवाएं, ताकि स्कोर पर कोई नकारात्मक असर ना पड़े.(नोट-खबर केवल सामान्य जानकारी पर आधारित है, जल्दी लोन चुकाने की सारी जानकारी बैंक या वित्तीय संस्था आदि से हासिल करें.
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Q: क्या लोन का प्रीपेयमेंट करने से क्रेडिट स्कोर बढ़ता है?
A: हां, अगर आपने समय पर EMI चुकाई है और लोन को प्रीपे किया है, तो इससे क्रेडिट स्कोर बेहतर हो सकता है क्योंकि यह आपकी क्रेडिटवर्थिनेस को दर्शाता है.
Q: क्या लोन जल्दी चुकाने पर ब्याज में बचत होती है?
A: बिल्कुल, लोन का समय से पहले प्रीपेयमेंट करने से आप भारी ब्याज राशि बचा सकते हैं, खासकर अगर यह लोन की शुरुआती अवधि में किया जाए.
Q: प्रीपेयमेंट का असर क्रेडिट रिपोर्ट में कब दिखता है?
A: बैंक आमतौर पर हर महीने क्रेडिट ब्यूरो को डेटा भेजते हैं, इसलिए इसका असर 30 से 60 दिनों में क्रेडिट रिपोर्ट में दिखता है.
Q: क्या हर लोन को कभी भी प्रीपे किया जा सकता है?
A: नहीं, कई बैंकों और NBFCs के नियम अलग होते हैं.कुछ लोन में प्रीपेयमेंट चार्ज भी लग सकता है, इसलिए पहले टर्म्स एंड कंडीशन जरूर पढ़ें.
Q: क्या एक ही लोन का प्रीपेयमेंट क्रेडिट स्कोर को तुरंत ऊपर ले जा सकता है?
A: नहीं, स्कोर केवल एक लोन से नहीं बनता. यह आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री, भुगतान समय, क्रेडिट यूसेज आदि का मिला-जुला असर होता है.