पीएनबी घोटाले में केंद्र ने की बड़ी कार्रवाई, बैंक के दो बड़े अधिकारियों की दी ये सजा

PNB Scam: शायद पहली बार केंद्र सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों (प्रबंधन और विविध प्रावधान) योजना, 1970 के तहत किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के कार्यकारी निदेशकों को हटाया है.
 पीएनबी घोटाले में केंद्र ने की बड़ी कार्रवाई, बैंक के दो बड़े अधिकारियों की दी ये सजा

पीएनबी घोटाला करीब साढ़े 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है.

केंद्र सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो कार्यकारी निदेशकों- संजीव शरण और के.वीरा ब्रह्माजी राव को भगोड़े हीरा व्यवसायी नीरव मोदी द्वारा किए गए 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में बर्खास्त कर दिया. पीएनबी ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी. अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने बताया, "हम दो कार्यकारी निदेशकों को बर्खास्त करने की केंद्र सरकार की कार्रवाई का स्वागत करते हैं. इतने बड़े पैमाने पर घोटाला शीर्ष प्रबंधन की जानकारी के बिना नहीं हो सकता था."

भारतीय बैंकिंग इतिहास में पहली बार!
उन्होंने कहा,"शायद पहली बार केंद्र सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों (प्रबंधन और विविध प्रावधान) योजना, 1970 के तहत किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के कार्यकारी निदेशकों को हटाया है. वेंकटचलम ने कहा, "यह भी अच्छा है कि केंद्र सरकार ने पीएनबी के दो कार्यकारी निदेशकों को बर्खास्त करने से पहले उन्हें अपने विचार रखने का मौका देने की उचित प्रक्रिया का पालन किया.

केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार, 3 जुलाई, 2018 को शरण और राव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और पूछा गया था कि पीएनबी के कामकाज पर उचित नियंत्रण रखने में विफल रहने के कारण उन्हें पद से क्यों नहीं हटाया जा सकता.

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पीएनबी घोटाले में आरोपी कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी (फाइल फोटो)

पीएनबी घोटाला में तब 10 अधिकारी निलंबित हुए थे
पंजाब नेशनल बैंक में बीते साल देश का बड़ा बैंकिंग घोटाला हुआ. ये घोटाला करीब साढ़े 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है. पीएनबी ने खुद शेयर बाज़ार को मुंबई स्थित शाखा में हुए घोटाले की जानकारी दी थी. इस घोटाले में कारोबारी नीरव मोदी का नाम सामने आया. घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने अपने 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. पीएनबी ने बताया था कि कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए लेन-देन की गई. इन लेन-देन के आधार पर ग्राहकों को दूसरे बैंकों ने विदेशों में क़र्ज़ दिए गए.

(इनपुट एजेंसी से)

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