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Cash Reserve Ratio cut by 50 bps.
Cash Reserve Ratio: रिजर्व बैंक ने लगातार 11वीं बार रेपो रेट में किसी तरह के बदलाव का नहीं फैसला किया. रेपो रेट 6.50% पर बरकरार रखा गया है. गवर्नर दास ने कहा कि 6 में से 4 सदस्य बदलाव के पक्ष में नहीं है और मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी का NEUTRAL रुख बरकरार है. रिजर्व बैंक ने CRR यानी कैश रिजर्व रेशियो में 50 bps की कटौती का ऐलान किया है. कैश रिजर्व रेशियो को घटाकर 4% कर दिया गया है जो पहले 4.5% था.
गवर्नर दास ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम में अभी लिक्विडिटी पर्याप्त है लेकिन आने वाले समय में टैक्स पेमेंट और इन्फ्लो वोलाटिलिटी के कारण लिक्विडिटी पोजिशन पर दबाव दिख सकता है. ऐसे में CRR यानी कैश रिजर्व रेशियो को 50 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है. इसे दो ट्रांच में 25-25 bps के तौर पर इस महीने- दो फोर्टनाइट ( 15 दिन के अंतराल) में कम किया जाएगा. इस फैसले के कारण बैंकिंग सिस्टम में 1.16 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी बढ़ेगी.
मई 2022 के बाद पहली बार CRR में बदलाव किया गया है. मई 2022 में कैश रिजर्व रेशियो को 4% से बढ़ाकर 4.5% कर दिया गया था. CRR में कटौती के कारण सबसे ज्यादा PNB को सबसे ज्यादा फायदा होगा. PNB का कैश रिजर्व रेशियो NII यानी नेट इंटरेस्ट इनकम का 0.99% और PPOP यानी प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट का1.67% है. इसी तरह SBI का कैश रिजर्व रेशियो NII का 0.84% और PPOP का 1.38% है. बैंक ऑफ बड़ौदा का कैश रिजर्व रेशियो NII का 0.82% और PPOP का 1.24% है. FEDERAL BANK का कैश रिजर्व रेशियो NII का 0.81%और PPOP का 1.19% है.
BANK | % OF NII | % OF PPOP |
AU SFB | 0.36% | 0.67% |
AXIS BANK | 0.60% | 0.77% |
FEDERAL BANK | 0.81% | 1.19% |
HDFC BANK | 0.66% | 0.78% |
ICICI BANK | 0.52% | 0.62% |
INDUSIND | 0.53% | 0.74% |
KOTAK | 0.44% | 0.58% |
RBL | 0.47% | 0.84% |
BOB | 0.82% | 1.24% |
PNB | 0.99% | 1.67% |
SBI | 0.84% | 1.38% |
Profectus Capital के CEO केवी श्रीनिवासन ने कहा कि रिजर्व बैंक इंफ्लेशन और GDP डेटा को लेकर अन-कंफर्टेबल पोजिश में है. इसलिए रेट कट को लेकर किसी तरह का फैसला नहीं किया गया है. CRR में कटौती के कारण सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ेगी. इससे वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में आसानी होगी. MSME सेक्टर को इसका बड़ा फायदा मिलेगा. बता दें कि RBI ने FY25 के लिए GDP अनुमान 7.2% से घटाकर 6.6% किया है. इसके अलावा FY25 में CPI यानी रीटेल इंफ्लेशन का अनुमान 4.5% से बढ़ाकर 4.8% कर दिया है.