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कोटक, एचडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे 5 बड़े बैंक बच्चों के लिए खास 'जीरो बैलेंस' खाते की सुविधा दे रहे हैं (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
अब पूरी तरह से समय बदल चुका है.असल में आज के बच्चे केवल मोबाइल और गेमिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल दुनिया को तेजी से समझ भी रहे हैं. तो फिर ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा छोटी उम्र से ही पैसों की अहमियत समझे, सेविंग्स करना सीखे और जिम्मेदारी के साथ खर्च करना जाने, तो अब सिर्फ गुल्लक काफी नहीं है.
जी हाँ, अब देश के कई बड़े बैंक बच्चों के लिए खास Zero Balance Savings Account ऑफर कर रहे हैं. इन खातों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें मिनिमम बैलेंस रखने की टेंशन नहीं होती और बच्चों को डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. यानी कि अब बच्चे सिर्फ पॉकेट मनी खर्च नहीं करेंगे, बल्कि Money Management भी सीखेंगे.
आज की डिजिटल लाइफ में बच्चों को छोटी उम्र से सेविंग की आदत,डिजिटल पेमेंट की समझ,जिम्मेदार खर्च,बैंकिंग सिस्टम की बेसिक जानकारी देना जरूरी माना जा रहा है.
तो फिर एक छोटा बैंक अकाउंट बच्चों को सिर्फ पैसे संभालना नहीं सिखाता, बल्कि उनमें फाइनेंशियल डिसिप्लिन भी विकसित करता है.
आज के टाइम में अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा अपनी सेविंग्स को खुद मैनेज करना सीखे, तो फिर कोटक महिंद्रा बैंक का 'माय जूनियर अकाउंट' एक बेहतरीन ऑप्शन होने वाला है.असल में यह 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए होता है.
इसमें मिनिमम बैलेंस का कोई झंझट नहीं होता है.सबसे खास ये है कि बच्चे को एक पर्सनलाइज्ड डेबिट कार्ड मिलता है, जिस पर उसकी फोटो भी हो सकती है. इसके अलावा, इस अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज आपकी बचत को धीरे-धीरे बढ़ाता रहता है.
बैंक ऑफ बड़ौदा का 'बड़ौदा चैंप अकाउंट' आजकल के उन पेरेंट्स के लिए बेस्ट है जो बैंक के भरोसे के साथ कुछ एक्स्ट्रा सुविधाएं चाहते हैं.
असल में यह अकाउंट 18 साल तक के बच्चों के लिए पूरी तरह जीरो बैलेंस वाला होता है. तो अगर आप बच्चे की स्कूल फीस इस खाते से भरते हैं, तो फिर बैंक कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लेता है.असल में 10 साल से ऊपर के बच्चों को स्टाइलिश रुपए डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग भी मिलती है, ताकि वे डिजिटल लेनदेन समझ सकें.
बच्चों को सेविंग अकाउंट देने की लिस्ट में इंडसइंड बैंक भी है. इस बैंक में बच्चों को थोड़ा और 'इंडिपेंडेंट' बनाने पर जोर दिया जाता है.असल में इनका 'इंडस यंग सेवर अकाउंट' उन बच्चों के लिए परफेक्ट है जो ऑनलाइन चीजें सीखना चाहते हैं.
'इंडस यंग सेवर' में बच्चे को चेकबुक और डेबिट कार्ड दोनों मिलते हैं.पैरेंट्स खुद अपनी निगरानी में यह खाता ऑपरेट कर सकते हैं. इसके साथ ही बैंक समय-समय पर बच्चों के लिए फाइनेंशियल वर्कशॉप्स की जानकारी भी शेयर करता है.
आपको बता दें कि एचडीएफसी बैंक का 'किड्स एडवांटेज अकाउंट' सुरक्षा और सुविधा का एक शानदार पैकेज है.
इसमें पेरेंट्स के पास पूरा कंट्रोल होता है यानी कि आप तय कर सकते हैं कि बच्चा एटीएम से कितने पैसे निकाल सकता है. लेकिन इसकी सबसे बड़ी 'यूएसपी' (USP) है, यानी कि फ्री एजुकेशन इंश्योरेंस कवर.यानी कि अगर कभी परिवार में कोई अनहोनी होती है तो बच्चे की पढ़ाई के लिए बैंक ₹5 लाख तक का कवर मिल सकता है.
आईडीबीआई बैंक का 'पावर किड्स अकाउंट' बच्चों को बैंकिंग की बारीकियां सिखाने के लिए डिजाइन किया गया है.
कुछ मामलों में औसतन बैलेंस की बात होती है, लेकिन जो सुविधाएं मिलती हैं वो बेमिसाल हैं. बच्चों को खास डिजाइन वाला 'पॉवर किड्स एटीएम कार्ड' दिया जाता है.
अगर आप भी इनमें से किसी भी बैंक में बच्चे का खाता खुलवाना चाहते हैं तो इसका प्रोसेस बहुत आसान है.आपको बस बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और पेरेंट्स के केवाईसी (आधार और पैन कार्ड) की जरूरत होगी. जी हां कई बैंक तो अब घर बैठे 'वीडियो केवाईसी' के जरिए भी खाता खोलने की सुविधा दे रहे हैं
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बच्चों का बैंक अकाउंट खुलवाने से पहले-
पैसे बचाना केवल एक आदत नहीं, एक संस्कार है. जब बच्चा अपने नाम का एटीएम कार्ड देखता है या बैंक स्टेटमेंट में ब्याज जुड़ते हुए देखता है, तो उसमें जिम्मेदारी का अहसास जगता है. तो इस संडे, बच्चे को मॉल ले जाने के बजाय बैंक ले जाइए और उसकी फाइनेंशियल जर्नी की शुरुआत कीजिए.
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