लोगों ने कर दी ये छोटी सी गलती, बैंकों ने 3 साल तक लगाई पेनाल्टी, कमा लिए ₹19000 करोड़ से ज्यादा, देखिए पूरी लिस्ट

संसद में पेश आंकड़ों से पता चला है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में सेविंग और करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर बैंकों ने हजारों करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली. प्राइवेट बैंकों में HDFC Bank और Axis Bank सबसे आगे रहे, जबकि पब्लिक सेक्टर में Punjab National Bank ने सबसे ज्यादा चार्ज वसूले. हालांकि जीरो बैलेंस खातों पर कोई पेनल्टी नहीं लगती.
लोगों ने कर दी ये छोटी सी गलती, बैंकों ने 3 साल तक लगाई पेनाल्टी, कमा लिए ₹19000 करोड़ से ज्यादा, देखिए पूरी लिस्ट

संसद में पेश किए गए ताज़ा आंकड़ों से एक दिलचस्प और कई लोगों के लिए चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. पिछले तीन वित्तीय वर्षों में सेविंग और करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले बैंकों में HDFC Bank, Axis Bank और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सबसे ऊपर रहे हैं.

यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से 9 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी गई. सवाल यह था कि बैंकों की तरफ से खातों में Minimum Average Balance (MAB) न रखने पर कितनी पेनल्टी वसूली जाती है.

19083.74 करोड़ रुपये सिर्फ पेनाल्टी से कमाए

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सरकार की ओर से साझा किए गए डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 से लेकर 2024-25 के बीच पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) ने जमा खाताधारकों से कुल ₹8092.83 करोड़ की पेनल्टी वसूली. वहीं प्राइवेट बैंकों ने कुल मिलाकर करीब 10,990.91 करोड़ रुपये की पेनाल्टी ली. यानी सभी बैंकों ने कुल मिलाकर 19083.74 करोड़ रुपये सिर्फ पेनाल्टी से कमाए हैं. यह राशि उन ग्राहकों से ली गई, जिनके सेविंग या करंट अकाउंट में तय न्यूनतम औसत बैलेंस नहीं था.

पब्लिक सेक्टर बैंकों में किसने सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूली?

सरकार की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार पब्लिक सेक्टर बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने तीनों वित्तीय वर्षों में सबसे ज्यादा पेनाल्टी वसूली. तीन सालों में पेनल्टी वसूली का आंकड़ा इस तरह रहा:

रैंकबैंकFY23 (₹ करोड़)FY24 (₹ करोड़)FY25 (₹ करोड़)कुल पेनल्टी (₹ करोड़)
1Punjab National Bank486.16674.04417.671,577.87
2Bank of Baroda387.52443.30441.351,272.17
3Indian Bank295.23367.66503.381,166.27
4Canara Bank390.85358.67277.711,027.23
5State Bank of India211.47302.95418.40932.82
6Bank of India174.99194.25170.83540.07
7Union Bank of India128.70188.21178.84495.75
8Bank of Maharashtra131.77143.69152.86428.32
9Central Bank of India150.81135.3197.19383.31
10UCO Bank18.3043.4353.56115.29
11Punjab & Sind Bank19.0242.5348.57110.12
12Indian Overseas Bank13.0015.0615.5543.61

प्राइवेट बैंकों में HDFC Bank सबसे आगे

सरकारी आंकड़ों से यह भी सामने आया कि कई मामलों में प्राइवेट सेक्टर बैंकों ने पब्लिक सेक्टर बैंकों से भी ज्यादा पेनल्टी वसूली. तीन सालों में पेनल्टी वसूली के मामले में HDFC Bank सबसे ऊपर रहा, जबकि Axis Bank दूसरे स्थान पर रहा. यहां देखिए सभी प्राइवेट बैंकों का डेटा.

रैंकबैंकFY23 (₹ करोड़)FY24 (₹ करोड़)FY25 (₹ करोड़)कुल पेनल्टी (₹ करोड़)
1HDFC Bank Limited1,036.051,316.801,518.923,871.77
2Axis Bank Limited878.23826.451,001.292,705.97
3ICICI Bank Limited400.45433.06391.281,224.79
4Kotak Mahindra Bank Limited192.26261.24254.26707.76
5IndusInd Bank Limited92.68108.76170.60372.04
6IDFC First Bank Limited91.93120.44119.18331.55
7Federal Bank Limited86.21102.76132.42321.39
8Yes Bank Limited59.7569.66119.89249.30
9South Indian Bank Limited41.8362.6189.45193.89
10IDBI Bank Limited76.1759.3175.73211.21
11City Union Bank Limited75.3531.8635.45142.66
12Karur Vysya Bank Limited51.9950.1449.84151.97
13Bandhan Bank Limited0.0043.2673.54116.80
14CSB Bank Limited25.2935.5844.15105.02
15Jammu & Kashmir Bank Limited0.0030.5247.6778.19
16RBL Bank Limited28.3328.9233.4390.68
17Tamilnad Mercantile Bank Limited26.7128.7630.0385.50
18DCB Bank Limited8.739.9411.7530.42
19Dhanlaxmi Bank Limited0.000.000.000.00
20Karnataka Bank Limited0.000.000.000.00
21Nainital Bank Limited0.000.000.000.00

छोटे जमाकर्ताओं को लेकर उठे सवाल

लोकसभा में इस मुद्दे पर एक और अहम सवाल पूछा गया था. सवाल यह था कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि छोटे जमाकर्ताओं और रोज़ कमाने-खाने वाले मजदूरों को भी खातों में कम बैलेंस होने की वजह से पेनल्टी देनी पड़ रही है, जबकि देश में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा दिया जा रहा है.

इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों में ऐसे खातों की भी व्यवस्था है, जिनमें मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी नहीं होता. उन्होंने बताया कि बैंकों में Zero Balance Savings Accounts की सुविधा दी जाती है. इनमें Basic Savings Bank Deposit Accounts (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खाते शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि इन खातों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच मिले, खासकर उन लोगों को जो पहले बैंकिंग सिस्टम से जुड़े नहीं थे, आर्थिक रूप से कमजोर हैं या छोटे जमाकर्ता हैं.

इन खातों में ग्राहकों को बिना किसी न्यूनतम बैलेंस की शर्त के बेसिक बैंकिंग सुविधाएं दी जाती हैं. इसमें पैसा जमा करना, पैसा निकालना और एटीएम का उपयोग करना जैसी सेवाएं शामिल हैं. सबसे अहम बात यह है कि इन खातों पर मिनिमम बैलेंस न रखने की वजह से कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाती. सरकार के मुताबिक देश में इस समय करीब 72 करोड़ ऐसे BSBDA खाते हैं, जिनमें जन धन योजना के खाते भी शामिल हैं और इन सभी खातों पर मिनिमम बैलेंस की शर्त लागू नहीं होती.

जीरो बैलेंस खातों पर कोई असर नहीं

सरकार ने साफ किया कि जन धन खाते और BSBDA जैसे जीरो बैलेंस खाते मिनिमम बैलेंस नियम से बाहर हैं. इसलिए इन खातों पर मिनिमम बैलेंस न रखने की वजह से कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाती.

कई बैंकों ने नियमों में ढील भी दी

सरकार के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में कई बैंकों ने अपने सर्विस चार्ज स्ट्रक्चर की समीक्षा की है. 2025 में 9 पब्लिक सेक्टर बैंकों ने सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाली पेनल्टी को पूरी तरह खत्म कर दिया. वहीं बाकी बैंकों ने भी इन चार्जेस को कम किया या उन्हें ज्यादा तार्किक बनाया है. इसका मकसद ग्राहकों को राहत देना और बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना बताया गया है.

Conclusion

लोकसभा में पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस न रखने पर ग्राहकों से बड़ी मात्रा में पेनल्टी वसूली जाती है. पिछले तीन वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के चार्ज ग्राहकों से लिए गए हैं. हालांकि सरकार का कहना है कि जिन लोगों के पास जन धन या जीरो बैलेंस खाते हैं, उन्हें इस तरह की पेनल्टी से पूरी तरह छूट मिलती है. इसके अलावा कई बैंकों ने हाल के वर्षों में अपने सर्विस चार्ज नियमों को आसान भी बनाया है ताकि ग्राहकों पर आर्थिक बोझ कम किया जा सके.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. मिनिमम बैलेंस क्या होता है?

मिनिमम बैलेंस वह न्यूनतम राशि होती है जिसे बैंक खाते में बनाए रखना जरूरी होता है, नहीं रखने पर बैंक पेनल्टी लगा सकता है.

2. किन खातों पर मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं होती?

Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना के खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती.

3. क्या हर बैंक मिनिमम बैलेंस पर पेनल्टी लगाता है?

अधिकांश बैंक सेविंग और करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर चार्ज लगाते हैं, लेकिन कुछ बैंकों ने यह चार्ज खत्म या कम कर दिया है.

4. तीन साल में बैंकों ने कुल कितनी पेनल्टी वसूली?

पब्लिक सेक्टर बैंकों ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच करीब ₹19083.74 करोड़ की पेनल्टी वसूली.

5. कौन से बैंक सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले रहे?

प्राइवेट सेक्टर में HDFC Bank और Axis Bank, जबकि पब्लिक सेक्टर में Punjab National Bank सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले बैंकों में रहे.

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