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संसद में पेश किए गए ताज़ा आंकड़ों से एक दिलचस्प और कई लोगों के लिए चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. पिछले तीन वित्तीय वर्षों में सेविंग और करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले बैंकों में HDFC Bank, Axis Bank और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सबसे ऊपर रहे हैं.
यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से 9 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी गई. सवाल यह था कि बैंकों की तरफ से खातों में Minimum Average Balance (MAB) न रखने पर कितनी पेनल्टी वसूली जाती है.
सरकार की ओर से साझा किए गए डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 से लेकर 2024-25 के बीच पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) ने जमा खाताधारकों से कुल ₹8092.83 करोड़ की पेनल्टी वसूली. वहीं प्राइवेट बैंकों ने कुल मिलाकर करीब 10,990.91 करोड़ रुपये की पेनाल्टी ली. यानी सभी बैंकों ने कुल मिलाकर 19083.74 करोड़ रुपये सिर्फ पेनाल्टी से कमाए हैं. यह राशि उन ग्राहकों से ली गई, जिनके सेविंग या करंट अकाउंट में तय न्यूनतम औसत बैलेंस नहीं था.
सरकार की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार पब्लिक सेक्टर बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने तीनों वित्तीय वर्षों में सबसे ज्यादा पेनाल्टी वसूली. तीन सालों में पेनल्टी वसूली का आंकड़ा इस तरह रहा:
| रैंक | बैंक | FY23 (₹ करोड़) | FY24 (₹ करोड़) | FY25 (₹ करोड़) | कुल पेनल्टी (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | Punjab National Bank | 486.16 | 674.04 | 417.67 | 1,577.87 |
| 2 | Bank of Baroda | 387.52 | 443.30 | 441.35 | 1,272.17 |
| 3 | Indian Bank | 295.23 | 367.66 | 503.38 | 1,166.27 |
| 4 | Canara Bank | 390.85 | 358.67 | 277.71 | 1,027.23 |
| 5 | State Bank of India | 211.47 | 302.95 | 418.40 | 932.82 |
| 6 | Bank of India | 174.99 | 194.25 | 170.83 | 540.07 |
| 7 | Union Bank of India | 128.70 | 188.21 | 178.84 | 495.75 |
| 8 | Bank of Maharashtra | 131.77 | 143.69 | 152.86 | 428.32 |
| 9 | Central Bank of India | 150.81 | 135.31 | 97.19 | 383.31 |
| 10 | UCO Bank | 18.30 | 43.43 | 53.56 | 115.29 |
| 11 | Punjab & Sind Bank | 19.02 | 42.53 | 48.57 | 110.12 |
| 12 | Indian Overseas Bank | 13.00 | 15.06 | 15.55 | 43.61 |
सरकारी आंकड़ों से यह भी सामने आया कि कई मामलों में प्राइवेट सेक्टर बैंकों ने पब्लिक सेक्टर बैंकों से भी ज्यादा पेनल्टी वसूली. तीन सालों में पेनल्टी वसूली के मामले में HDFC Bank सबसे ऊपर रहा, जबकि Axis Bank दूसरे स्थान पर रहा. यहां देखिए सभी प्राइवेट बैंकों का डेटा.
| रैंक | बैंक | FY23 (₹ करोड़) | FY24 (₹ करोड़) | FY25 (₹ करोड़) | कुल पेनल्टी (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | HDFC Bank Limited | 1,036.05 | 1,316.80 | 1,518.92 | 3,871.77 |
| 2 | Axis Bank Limited | 878.23 | 826.45 | 1,001.29 | 2,705.97 |
| 3 | ICICI Bank Limited | 400.45 | 433.06 | 391.28 | 1,224.79 |
| 4 | Kotak Mahindra Bank Limited | 192.26 | 261.24 | 254.26 | 707.76 |
| 5 | IndusInd Bank Limited | 92.68 | 108.76 | 170.60 | 372.04 |
| 6 | IDFC First Bank Limited | 91.93 | 120.44 | 119.18 | 331.55 |
| 7 | Federal Bank Limited | 86.21 | 102.76 | 132.42 | 321.39 |
| 8 | Yes Bank Limited | 59.75 | 69.66 | 119.89 | 249.30 |
| 9 | South Indian Bank Limited | 41.83 | 62.61 | 89.45 | 193.89 |
| 10 | IDBI Bank Limited | 76.17 | 59.31 | 75.73 | 211.21 |
| 11 | City Union Bank Limited | 75.35 | 31.86 | 35.45 | 142.66 |
| 12 | Karur Vysya Bank Limited | 51.99 | 50.14 | 49.84 | 151.97 |
| 13 | Bandhan Bank Limited | 0.00 | 43.26 | 73.54 | 116.80 |
| 14 | CSB Bank Limited | 25.29 | 35.58 | 44.15 | 105.02 |
| 15 | Jammu & Kashmir Bank Limited | 0.00 | 30.52 | 47.67 | 78.19 |
| 16 | RBL Bank Limited | 28.33 | 28.92 | 33.43 | 90.68 |
| 17 | Tamilnad Mercantile Bank Limited | 26.71 | 28.76 | 30.03 | 85.50 |
| 18 | DCB Bank Limited | 8.73 | 9.94 | 11.75 | 30.42 |
| 19 | Dhanlaxmi Bank Limited | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 |
| 20 | Karnataka Bank Limited | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 |
| 21 | Nainital Bank Limited | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 |
लोकसभा में इस मुद्दे पर एक और अहम सवाल पूछा गया था. सवाल यह था कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि छोटे जमाकर्ताओं और रोज़ कमाने-खाने वाले मजदूरों को भी खातों में कम बैलेंस होने की वजह से पेनल्टी देनी पड़ रही है, जबकि देश में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा दिया जा रहा है.
इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों में ऐसे खातों की भी व्यवस्था है, जिनमें मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी नहीं होता. उन्होंने बताया कि बैंकों में Zero Balance Savings Accounts की सुविधा दी जाती है. इनमें Basic Savings Bank Deposit Accounts (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खाते शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि इन खातों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच मिले, खासकर उन लोगों को जो पहले बैंकिंग सिस्टम से जुड़े नहीं थे, आर्थिक रूप से कमजोर हैं या छोटे जमाकर्ता हैं.
इन खातों में ग्राहकों को बिना किसी न्यूनतम बैलेंस की शर्त के बेसिक बैंकिंग सुविधाएं दी जाती हैं. इसमें पैसा जमा करना, पैसा निकालना और एटीएम का उपयोग करना जैसी सेवाएं शामिल हैं. सबसे अहम बात यह है कि इन खातों पर मिनिमम बैलेंस न रखने की वजह से कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाती. सरकार के मुताबिक देश में इस समय करीब 72 करोड़ ऐसे BSBDA खाते हैं, जिनमें जन धन योजना के खाते भी शामिल हैं और इन सभी खातों पर मिनिमम बैलेंस की शर्त लागू नहीं होती.
सरकार ने साफ किया कि जन धन खाते और BSBDA जैसे जीरो बैलेंस खाते मिनिमम बैलेंस नियम से बाहर हैं. इसलिए इन खातों पर मिनिमम बैलेंस न रखने की वजह से कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाती.
सरकार के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में कई बैंकों ने अपने सर्विस चार्ज स्ट्रक्चर की समीक्षा की है. 2025 में 9 पब्लिक सेक्टर बैंकों ने सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाली पेनल्टी को पूरी तरह खत्म कर दिया. वहीं बाकी बैंकों ने भी इन चार्जेस को कम किया या उन्हें ज्यादा तार्किक बनाया है. इसका मकसद ग्राहकों को राहत देना और बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना बताया गया है.
लोकसभा में पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस न रखने पर ग्राहकों से बड़ी मात्रा में पेनल्टी वसूली जाती है. पिछले तीन वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के चार्ज ग्राहकों से लिए गए हैं. हालांकि सरकार का कहना है कि जिन लोगों के पास जन धन या जीरो बैलेंस खाते हैं, उन्हें इस तरह की पेनल्टी से पूरी तरह छूट मिलती है. इसके अलावा कई बैंकों ने हाल के वर्षों में अपने सर्विस चार्ज नियमों को आसान भी बनाया है ताकि ग्राहकों पर आर्थिक बोझ कम किया जा सके.
1. मिनिमम बैलेंस क्या होता है?
मिनिमम बैलेंस वह न्यूनतम राशि होती है जिसे बैंक खाते में बनाए रखना जरूरी होता है, नहीं रखने पर बैंक पेनल्टी लगा सकता है.
2. किन खातों पर मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं होती?
Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना के खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती.
3. क्या हर बैंक मिनिमम बैलेंस पर पेनल्टी लगाता है?
अधिकांश बैंक सेविंग और करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर चार्ज लगाते हैं, लेकिन कुछ बैंकों ने यह चार्ज खत्म या कम कर दिया है.
4. तीन साल में बैंकों ने कुल कितनी पेनल्टी वसूली?
पब्लिक सेक्टर बैंकों ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच करीब ₹19083.74 करोड़ की पेनल्टी वसूली.
5. कौन से बैंक सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले रहे?
प्राइवेट सेक्टर में HDFC Bank और Axis Bank, जबकि पब्लिक सेक्टर में Punjab National Bank सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले बैंकों में रहे.
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