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Banking Laws Amendment 2024: केंद्र सरकार ने संसद में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 को पास करा लिया है. यह नया कानून बैंक खाता धारकों को चार नॉमिनी जोड़ने की अनुमति देता है. राज्यसभा ने इसे आवाज मत (voice vote) से मंजूरी दी, जबकि लोकसभा इसे पहले ही दिसंबर 2024 में पारित कर चुकी थी.
इस विधेयक में एक और बड़ा बदलाव "महत्वपूर्ण हित" (substantial interest) की परिभाषा को लेकर किया गया है. पहले, अगर किसी व्यक्ति का किसी बैंक में 5 लाख रुपये का निवेश होता था, तो उसे "महत्वपूर्ण हित" माना जाता था. अब यह सीमा बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है. यह बदलाव इसलिए किया गया क्योंकि यह पुरानी सीमा लगभग 60 साल पहले तय की गई थी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा कि सरकार जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों (wilful defaulters) के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े 112 से ज्यादा मामलों की जांच की है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि "राइट-ऑफ" का मतलब कर्ज माफ करना नहीं है. बैंक लगातार इन रकम की वसूली के प्रयास जारी रखेंगे.
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बीते वित्तीय वर्ष में 1.41 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक मुनाफा कमाया है. उन्हें उम्मीद है कि 2025-26 में यह मुनाफा और बढ़ेगा.
विधेयक के तहत सहकारी बैंकों के निदेशकों (अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक को छोड़कर) का कार्यकाल 8 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है. इससे 2011 में हुए 97वें संविधान संशोधन अधिनियम के अनुरूप बदलाव लाया गया है. अब किसी केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक को राज्य सहकारी बैंक के बोर्ड में सेवा देने की अनुमति भी होगी.
नए नियम और बैंकों को ज्यादा आजादी
बैंक अब अपने वैधानिक ऑडिटरों (statutory auditors) का वेतन खुद तय कर सकेंगे. बैंक अब रिपोर्टिंग के लिए महीने की 15वीं और आखिरी तारीख को डेटा जमा करेंगे, जो पहले दूसरे और चौथे शुक्रवार को किया जाता था.
कैश और फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए एक साथ कई नॉमिनियों को जोड़ने की सुविधा दी गई है. लॉकर के मामले में भी यही नियम लागू होगा, जैसा कि पहले से बीमा पॉलिसियों और अन्य वित्तीय योजनाओं में इस्तेमाल किया जाता है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह विधेयक पांच अलग-अलग कानूनों को प्रभावित करेगा, जिससे यह बदलाव खास बन जाता है. इसे तैयार करने के लिए 8 टीमों ने मिलकर काम किया, ताकि सभी जरूरी संशोधन किए जा सकें.