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बैंक उद्योग की 9 यूनियनों में से केवल दो यूनियनों ने ही इस हड़ताल का ऐलान किया है.
दिवाली सीजन पर अगर आप मंगलवार को शॉपिंग का प्लान बना रहे हैं तो घर से निकलने से पहले पैसों का इंतजाम जरूर कर लें. क्योंकि मंगलावार को सरकारी बैंक बंद रहेंगे. सरकारी बैंकों के विलय और जमा राशि पर ब्याज दर घटने के विरोध में कुछ कर्मचारी यूनियनों ने मंगलवार को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. कर्मचारियों के इस फैसले से त्योहारी सीजन में बैंकों के कामकाज पर तो असर पड़ेगा ही, साथ ही कारोबार जगत भी प्रभावित हो सकता है. हड़ताल का ऐलान आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (AIBEA) तथा बैंक एम्पलाइज फेडरेशन आफ इंडिया (बीईएफआई) ने किया है. हालांकि प्राइवेट बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगे.
एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि मुख्य श्रमायुक्त द्वारा बुलाई गई बैठक का नतीजा सकारात्मक नहीं रहने की वजह से हमने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.
उधर, भारतीय मजदूर संघ से जुड़ी नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ ऑफिसर्स तथा इनसे जुड़ी बैंक यूनियंस ने बताया है कि वह 22 अक्टूबर को प्रस्तावित बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हैं. समूचे बैंक उद्योग की 9 यूनियनों में से केवल दो यूनियनों ने ही इस हड़ताल का ऐलान किया है.
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और सिंडिकेट बैंक के मुताबिक, प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बैंक ने अपनी शाखाओं में सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं. हालांकि, हड़ताल होने की स्थिति में बैंक शाखाओं-कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हो सकता है.
बता दें कि पिछले महीने बैंक अधिकारियों की यूनियनों ने 26-27 सितंबर को दो दिन की हड़ताल की घोषणा की थी. लेकिन सरकार के हस्तक्षेप के बाद हड़ताल को वापस ले लिया गया था.