&format=webp&quality=medium)
कभी सोचा है कि क्या किसी मृत व्यक्ति के ATM कार्ड से पैसे निकालते हैं? (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
अक्सर कई परिवारों में ऐसा होता है कि घर के बुजुर्ग या माता-पिता अपने बैंक खाते, ATM कार्ड और PIN की जानकारी परिवार के भरोसेमंद लोगों के साथ शेयर कर देते हैं. असल में जरूरत पड़ने पर घर के सदस्य उसी कार्ड से पैसे भी निकालते रहते हैं.
लेकिन सवाल तब खड़ा होता है, जब खाताधारक का अचानक से निधन हो जाए. तो फिर ऐसे में क्या परिवार के सदस्य ATM कार्ड का यूज करके पैसे निकाल सकते हैं? इसको लेकर लोगों में काफी भ्रम रहता है. असल में किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके खाते और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े मामलों में तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है.
अगर खाताधारक के निधन के बाद भी उसके ATM कार्ड और PIN का इस्तेमाल किया जाता है, तो भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है.
खासतौर पर अगर परिवार में संपत्ति विवाद हो,दूसरे कानूनी उत्तराधिकारी आपत्ति करें या बैंक को बाद में जानकारी मिले.तो मामला कानूनी जांच तक पहुंच सकता है.
इसी वजह से कहते हैं कि निधन के बाद बैंक को जल्द से जल्द सूचना देनी चाहिए और आधिकारिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए.
यह भी पढ़ें: छुट्टी होने पर बैंक रहते हैं बंद, फिर ATM में पैसे कहां से आते हैं? कौन डालता है? जानें कैसे काम करता है ये सिस्टम
Nominee का काम बैंक खाते में जमा रकम को तय प्रोसेस के जरिए प्राप्त करना होता है.आमतौर पर बैंक डेथ सर्टिफिकेट,क्लेम फॉर्म,KYC डॉक्यूमेंट्स,और ज़रूरी वेरिफिकेशन के बाद राशि जारी करते हैं. तो अगर खाते में नॉमिनी दर्ज है, तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो सकती है. हालांकि, लास्ट अधिकार कई मामलों में कानूनी उत्तराधिकार नियमों के अनुसार तय होते हैं.
बैंक को खाताधारक के निधन की जानकारी मिलने के बाद खाते पर मॉनिटरिंग बढ़ाई जा सकती है,अनधिकृत लेनदेन रोके जा सकते हैं,क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया शुरू की जाती है.इससे भविष्य के विवाद और धोखाधड़ी के जोखिम कम हो सकते हैं.
अगर आपके किसी अपने का निधन हो गया है और आपको खाते से पैसे चाहिए, तो 'शॉर्टकट' न अपनाएं. लेकिन सही तरीका समझना जरूरी है-
बैंक को सूचना दें
सबसे पहले बैंक जाकर लिखित में व्यक्ति के निधन की जानकारी दें.इससे खाता 'फ्रीज' हो जाएगा और पैसा सुरक्षित रहेगा
डेथ सर्टिफिकेट जमा करें
मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) की कॉपी बैंक में जमा करेंय
क्लेम फॉर्म भरें
यदि आप नॉमिनी हैं, तो 'डिजीज क्लेम फॉर्म' भरें, अगर नॉमिनी नहीं है, तो कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) होने का सबूत देना होगा
वेरिफिकेशन के बाद पैसा
बैंक अपनी जांच पूरी करेगा और कुछ ही दिनों में पूरा पैसा आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा या चेक के जरिए दे दिया जाएगा.
यह भी पढ़ें ATM से पैसे निकालने जा रहे हैं? तो ये 5 बैंकिंग नियम जान लीजिए, वरना खाली हो सकता है पूरा बैंक अकाउंट!
बैंकिंग मामलों में पारदर्शिता रखना हमेशा बेहतर माना जाता है. खाताधारक के निधन के बाद ATM कार्ड, PIN या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने के बजाय बैंक की आधिकारिक प्रोसेस अपनाना चाहिए.
इससे फ्यूचर के कानूनी विवाद से बचाव हो सकता है.खाते की रकम सुरक्षित रहती है और क्लेम स्टेटस आसान हो सकता है.
किसी इंसान के निधन के बाद बैंक खाते से जुड़े मामलों में जल्दबाजी के बजाय सही प्रोसेस फॉलो करना जरूरी होता है. अगर परिवार को पैसों की जरूरत हो, तो सीधे बैंक से संपर्क करना सबसे सुरक्षित और उचित तरीका माना जाता है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)