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Bank of England interest rate: ब्रिटेन की सेंट्रल बैंक बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) ने गुरुवार को अपनी प्रमुख ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के स्थिर रखने का ऐलान किया. बैंक ने दरें 4% पर बनाए रखी हैं. यह फैसला उस समय लिया गया है जब देश महंगाई की मार झेल रहा है और आर्थिक विकास लगभग ठहराव पर पहुंच चुका है. पिछली मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की बैठक में बैंक ने ब्याज दरों को 25 बेसिस प्वाइंट घटाया था. लेकिन इस बार स्थिति को देखते हुए बैंक ने "होल्ड" करने का रास्ता चुना.
ब्रिटेन में फिलहाल महंगाई दर 3.8% है, जो पिछले डेढ़ साल में सबसे ऊंचे स्तर पर है. खासतौर पर रेस्टोरेंट्स और होटलों में बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है. बैंक ऑफ इंग्लैंड का लक्ष्य महंगाई को 2% के आसपास लाना है, लेकिन फिलहाल कीमतों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही.
जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था लगभग "नो ग्रोथ" की स्थिति में है. GDP शून्य पर अटका रहा, जबकि उत्पादन (Production) में 0.9% की गिरावट दर्ज की गई. यानी एक तरफ महंगाई बढ़ रही है और दूसरी तरफ उत्पादन घट रहा है. इससे ब्रिटेन की इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
यूरोप के कई देशों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सुधार की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ब्रिटेन की हालत बिगड़ती जा रही है. अगस्त में ब्रिटेन का Purchasing Managers’ Index (PMI) घटकर 47.0 पर आ गया, जो 50.1 से नीचे है. यह दर्शाता है कि सेक्टर में गिरावट जारी है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड अगली बैठक में दरें घटाएगा या नहीं. मौजूदा अनुमान बताते हैं कि साल भर महंगाई दर 3.5% से 4% के बीच रह सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक के पास दरें घटाने का विकल्प अभी भी मौजूद है. ING बैंकिंग ग्रुप के विश्लेषकों का मानना है कि अगले साल गर्मियों तक ब्याज दरों में 2 से 3 बार कटौती संभव है.
इकोनॉमिस्ट्स का यह भी कहना है कि नवंबर के आखिर में आने वाला Autumn Budget टैक्स बढ़ोतरी पर केंद्रित हो सकता है. ऐसे में आम जनता पर बोझ और बढ़ेगा, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं और प्रबल हो जाएंगी.
ब्याज दरें स्थिर रखने से फिलहाल आम लोगों को तत्काल राहत नहीं मिली है. महंगाई पहले से ही जेब ढीली कर रही है और उत्पादन घटने से रोजगार और आर्थिक स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है. अगर बैंक ने आने वाले महीनों में दरें घटाईं तो होम लोन और बिजनेस लोन की ईएमआई कम हो सकती है, लेकिन महंगाई को काबू में लाना अभी भी बड़ी चुनौती है.
FAQs
महंगाई ऊंची होने और आर्थिक विकास कमजोर रहने के कारण बैंक ने दरों को फिलहाल स्थिर रखने का फैसला लिया.
फिलहाल बैंक ऑफ इंग्लैंड की मुख्य ब्याज दर 4% है.
अगस्त में महंगाई दर 3.8% रही, जो पिछले डेढ़ साल का उच्चतम स्तर है.
ब्रिटेन का PMI गिरकर 47.0 पर आ गया है, जो दर्शाता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सिकुड़ रहा है.
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले साल गर्मियों तक दरों में 2-3 बार कटौती संभव है.
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