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भारत में डिजिटल लेनदेन जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेज रफ्तार से ऑनलाइन ठगी करने वालों की चालाकियां भी बढ़ती जा रही हैं.फिर चाहे UPI पेमेंट हो, इंटरनेट बैंकिंग हो या कार्ड ट्रांजैक्शन, अब हर जगह साइबर अपराधी ऐसे तरीके खोज चुके हैं जिससे वो कुछ ही मिनटों में लोगों का बैंक बैलेंस साफ कर देते हैं. उनकी अब सबसे आम तरकीब है बैंक अधिकारी बनकर फोन करना. यही वजह है कि यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि असली बैंक आपको फोन पर कौन-सी जानकारी कभी नहीं पूछता।
कई ठग खुद को KYC अपडेट टीम, बैंक वेरिफिकेशन डिपार्टमेंट, कार्ड ब्लॉकिंग टीम या लोन विभाग का अधिकारी बताकर कॉल करते हैं. वे इतनी प्रोफेशनल भाषा बोलते हैं कि लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं.तो आइए समझते हैं कि इस तरह के कॉल आते ही कौन-से संकेत बताते हैं कि सामने वाला व्यक्ति धोखेबाज और स्कैम कर रहा है.
OTP यानी वन-टाइम पासवर्ड सबसे सीक्रेट जानकारी होती है.तो केवल एक OTP शेयर करने से पूरा बैंक खाता कुछ सेकंड में खाली हो सकता है.इसलिए ध्यान रखें कि ना कोई बैंक कर्मचारी, न कोई सरकारी एजेंसी, न कोई ऐप OTP कभी नहीं पूछता है. तो फिर अगर कॉल करने वाला OTP मांगे, तो बिना झिझक कॉल काट दें.
फ्रॉड कॉल में अक्सर कहा जाता है कि आपका कार्ड ब्लॉक होने वाला है और उसे री-एक्टिवेट करने के लिए कार्ड की 16-अंकों वाली संख्या, पीछे लिखा CVV नंबर और Expiry Date चाहिए है. लेकिन हकीकत कुछ और होती है असल में बैंक कभी भी यह जानकारी नहीं मांगता है.असल में ये तीनों डिटेल किसी भी ऑनलाइन खरीदारी में इस्तेमाल होती हैं, तो इसलिए इन्हें कभी भी किसी से भी शेयर करना खाताधारक के लिए सबसे खतरनाक कदम है.
वैसे कई ठग “PIN रीसेट”, “नेट बैंकिंग एरर”, “UPI सिस्टम अपडेट” का बहाना बनाकर पासवर्ड या UPI PIN पूछते हैं. लेकिन आप याद रखें कि पासवर्ड और PIN केवल आपके लिए होते हैं, तो कभी भी बैंक के कर्मचारी भी इन्हें नहीं देख सकते.
अक्सर ऐसा होता है कि ठग फोन पर कहते हैं कि केवाईसी अपडेट करने के लिए SMS या ईमेल में भेजा लिंक तुरंत खोलें, फिर जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं आपके फोन में रिमोट एक्सेस इंस्टॉल हो सकता है. इसके साथ ही आपका डेटा चोरी हो सकता है,बैंक ऐप का एक्सिस भी ठग के हाथ में जा सकता है. हमेशा किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से पुष्टि करें.
तुरंत कॉल काट दें
नंबर ब्लॉक करें
बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर शिकायत करें
SMS, WhatsApp या ईमेल में आए किसी भी अजीब लिंक को न खोलें
बैंक कभी भी फोन पर संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता है. OTP, PIN, पासवर्ड, CVV और कार्ड डिटेल हमेशा हर किसी को सीक्रेट रखनी चाहिए. डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में जागरूक रहना ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है.आपकी एक छोटी सी गलती आपकी सालों की कमाई को मिनटों में खत्म कर सकती है, ऐसे में हर संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्क हो जाएं.(नोट खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए बैंक से संपर्क करें)
5 FAQs
1. बैंक कॉल पर OTP क्यों नहीं पूछता?
OTP सबसे संवेदनशील जानकारी है, बैंक कभी भी इसे फोन, SMS या ईमेल पर नहीं मांगता क्योंकि इसका दुरुपयोग कर खाता खाली किया जा सकता है.
2. क्या बैंक कार्ड नंबर, CVV और Expiry Date पूछता है?
नहीं। ये पूरी तरह गोपनीय विवरण हैं और बैंक अधिकारी इन्हें कभी नहीं पूछते.
3. अगर कोई UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड मांगे तो क्या करें?
तुरंत कॉल काट दें। बैंक कभी UPI PIN, पासवर्ड या लॉगिन डिटेल नहीं मांगता.
4. SMS या ईमेल में आया लिंक क्लिक करना सुरक्षित है?
नहीं. ऐसे लिंक पर क्लिक करने से फोन हैक हो सकता है और डेटा चोरी हो सकता है.
5. फ्रॉड कॉल आने पर तुरंत क्या करें?
कॉल काटें, नंबर ब्लॉक करें और बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें.
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